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Ek Bhartiya 2.0
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माँ पर लगे झूठे आरोपों ने जान्हवी कपूर को अंदर तक हिला दिया था।
श्रीदेवी पर लगाए गए लांछनों का दर्द आज भी उनके दिल में कहीं न कहीं जिंदा है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें सिर्फ छवि ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की भावनाओं को भी तोड़ देती हैं और यह घाव समय के साथ भी पूरी तरह भर नहीं पाता........load text

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ऋषिकेश से चोरी हुए AirPods और दिल्ली का SSC Headquarters!
इंटरनेट पर एक हैरान कर देने वाला मामला Viral हो रहा है।
तन्वी नाम की एक X user ने दावा किया है कि उनके चोरी हुए AirPods अब एक Government Office में इस्तेमाल हो रहे हैं
तन्वी के मुताबिक, उनके AirPods ऋषिकेश की ट्रिप के दौरान चोरी हो गए थे।
लेकिन जब उन्होंने Apple के 'Find My' फीचर का इस्तेमाल किया, तो जो Location सामने आई उसने सबको चौंका दिया।
चोरी हुए Pods अब दिल्ली के CGO Complex स्थित SSC (Staff Selection Commission) Headquarters के अंदर पहुँच चुके हैं
उन्होंने मदद की गुहार लगाई है और अब यह पोस्ट इंटरनेट पर Discussion का विषय बन गया है।


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The best Peter Parker Ever
Viral Clips 🎬@Taniapari185526
- When Denzel asks you to open the safe, you just open the safe 🥀🖤
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फारबिसगंज की घटना का CCTV फुटेज आया सामने.
इंसान कितना मतलबी हो गया है, कि कोई बचाने तक नहीं गया। अगर कोई आदमी आज मदद करने की नियत से आगे बढ़ता तो आज इतनी बड़ी घटना नहीं होती।
सिर्फ दो लोग दोनों तरफ से दौड़ के आते तो आज 2 इंसानों की जान बच सकता था 😢!!
यह पोस्ट फारबिसगंज में हुई एक दर्दनाक घटना के बारे में है, जिसमें दो लोगों की जान गई।
आजकल लोग मतलबी हो गए हैं कोई किसी की मदद करने आगे नहीं आता।
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कर्मचारी: मैं मंगलवार को नहीं आऊंगा, मैं अपनी PTO ले रहा हूँ।
बॉस: हमारे पास एक अहम क्लाइंट मीटिंग है। अगर तुम नहीं आए, तो तुम्हें निकालना पड़ सकता है।
कर्मचारी: ठीक है।
(कर्मचारी बुधवार को काम पर लौटता है)
बॉस: तुम मंगलवार की क्लाइंट मीटिंग में नहीं आए।
कर्मचारी: हाँ, मैंने अपनी PTO ली थी, जैसा कि तय हुआ था।
बॉस: मुझे एक वजह बताओ कि मैं तुम्हें अभी क्यों निकलूं?
कर्मचारी: बड़े क्लाइंट मेरे अस्पताल के बिस्तर पर नहीं बैठेंगे अगर मैं बीमार हूँ, केवल मेरा परिवार ही मेरे पास रहेगा। यही मेरा इस्तीफ़ा है।
बॉस: नहीं, इसे इतना आगे मत बढ़ाओ। हम बात कर सकते हैं।
कर्मचारी: परिवार नौकरी से बड़ा है। अगर आप मर जाते हैं, तो आपका परिवार आपको कभी नहीं भूलेगा, लेकिन कंपनी एक हफ़्ते में किसी और से बदल देगी।
बॉस: क्या तुम कम से कम एक महीने का नोटिस चलाओगे, जबकि हम तुम्हारा विकल्प ढूंढते हैं?
कर्मचारी: वैसे भी आप मुझे तुरंत निकालने वाले थे, तो मुझे उसी तरह बदल दो जैसा आपने योजना बनाई थी।
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@Ranjeet93309568 सिर्फ बेटियों को नहीं, सोच को बदलने की ज़रूरत है। सुरक्षा उनका हक है, समझौता नहीं
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राजधानी… जहाँ सपने पूरे होने आते थे, आज वहीं डर बसने लगा है… 💔
हर बेटी जो अपने घर से दूर सिर्फ एक बेहतर भविष्य के लिए निकलती है, क्या उसे रास्ते में डर भी साथ लेकर चलना होगा?
ये छेड़छाड़ की घटनाएं सिर्फ खबर नहीं हैं, ये उन मासूम सपनों की हत्या हैं, जो एक लड़की और उसके परिवार ने बड़ी उम्मीदों से देखे थे।
कब तक बेटियां खुद को संभालती रहेंगी, और कब समाज अपनी जिम्मेदारी समझेगा?
अगर आज हम चुप रहे, तो कल हर घर की बेटी असुरक्षित होगी।
अब वक्त है आवाज़ बुलंद करने का—क्योंकि सुरक्षा कोई एहसान नहीं, हर बेटी का हक है। ✊
Source:instagram.com/reel/DW6qKLrk7…
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1 मिनट निकाल कर जरूर पड़े पूरी स्टोरी और कमेंट भी करें अपने दिल की बात 👍
छोटे से शहर की एक गली में रहने वाला आरव और उसी गली के दूसरे छोर पर रहने वाली नैना
दोनों की दुनिया अलग थी लेकिन दिलों का रास्ता एक ही था।
पहली बार जब आरव ने नैना को देखा, वो छत पर खड़ी बारिश देख रही थी
और उसी पल आरव को लगा जैसे उसकी ज़िंदगी की बारिश अब थमने वाली नहीं।
धीरे-धीरे बात शुरू हुई…
नज़रें मिलीं… मुस्कानें बढ़ीं… और फिर एक दिन बिना कहे ही दोनों को प्यार हो गया।
पर उनकी कहानी इतनी आसान कहाँ थी
नैना के घरवालों को आरव का नाम तक पसंद नहीं था।
जात समाज पैसे हर चीज़ उनके खिलाफ थी।
आरव के घर में भी हाल कुछ अलग नहीं था
उसे बार-बार समझाया जाता
ये सब भूल जा ये रिश्ता कभी नहीं हो सकता
पर प्यार कहाँ समझता है ये सब
दोनों छुप-छुपकर मिलते घंटों बातें करते
हर बार ये वादा करते
कुछ भी हो जाए, हम साथ रहेंगे
लेकिन एक दिन सब बदल गया
नैना के घरवालों को सब पता चल गया।
फोन छीन लिया गया, बाहर निकलना बंद
और कुछ ही दिनों में उसकी शादी कहीं और तय कर दी गई।
उस रात नैना ने रोते हुए आखिरी बार आरव को मैसेज किया—
शायद हम इस जन्म में साथ नहीं हो पाए लेकिन मैं हर जन्म में तुम्हें ही चाहूँगी
आरव टूट गया
उसने बहुत कोशिश की लड़ने की समझाने की…
पर हालात इतने सख्त थे कि वो कुछ कर ही नहीं पाया।
साल बीत गए
आरव शहर छोड़कर चला गया
और नैना अपनी शादीशुदा ज़िंदगी में खुद को खो चुकी थी
लेकिन किस्मत को शायद उनकी कहानी अधूरी मंज़ूर नहीं थी…
एक दिन अचानक सालों बाद
एक मंदिर में दोनों आमने-सामने आ गए
वही आँखें… वही एहसास
बस वक़्त ने दोनों को थका दिया था।
नैना की आँखों में आँसू थे…
आरव बस चुप था…
कुछ पल के लिए लगा जैसे दुनिया रुक गई हो
नैना ने धीरे से कहा—
हमने कोशिश तो की थी ना
आरव मुस्कुराया, लेकिन आँखें नम थीं
हाँ… पूरी जान लगा दी थी
उस दिन वो फिर अलग हो गए
इस बार बिना किसी वादे के
क्योंकि अब दोनों समझ चुके थे
कुछ प्यार मुकम्मल नहीं होते
फिर भी जिंदगी भर दिल में ज़िंदा रहते हैं।
और यही सच्चा प्यार होता है…
जो मिलकर नहीं, बिछड़कर भी खत्म नहीं होता… 💔

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