

Garima Singh
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@gforgarima
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अमेरिकी उर्जा मंत्री “हम भारत में अपने दोस्तों को जहाज़ों पर पहले से मौजूद तेल लेने, उसे रिफाइन करने और उन बैरल को तेज़ी से बाज़ार में लाने की इजाज़त दे रहे हैं। सप्लाई बढ़ाने और दबाव कम करने का यह एक प्रैक्टिकल तरीका है।” इससे अधिक खुला बयान क्या होगा!








कुछ अपने कुछ पुराने ट्वीट शेयर किए हैं… हम जैसे कई लोग कैसे तब चिल्ला चिल्ला कर समझाने की कोशिश कर रहे थे कि ग़लत कर रहे हो। ऐसा करने वालों ने नहीं सुना। कई आज भी नहीं सुन रहे हैं। ये ट्वीट उनके लिए है… आगे आने वाले समय के लिए🫵

आदरणीय प्रधानमंत्री @narendramodi क्या आपको भी लगता है कि @Wangchuk66 मनी लॉड्रिंग के किसी मामले में शामिल होंगे? मैं सीधा आपको टैग कर इसलिए पूछ रहा हूँ क्योंकि मैं जानता हूँ कि आप नहीं तो आपके सोशल मीडिया को मैनेज करने वाली टीम इसे ज़रूर पढ़ेगी और ज़िम्मेदारी के साथ आप तक ये सवाल पहुँचाएगी। ग़ौरतलब है कि लेह/लद्दाख के लोग पूर्ण राज्य का दर्जा माँगते हुए आंदोलन कर रहे हैं। उनकी इस माँग के गुण दोष के आधार पर उनसे बात की जा सकती है। समझाया बुझाया जा सकता है। और माँग पूरी तरह ठुकराई भी जा सकती है। लेकिन उनके आंदोलन को discredit करने का क्या मतलब हुआ? जबकि वे भारत के अभिन्न अंग लद्दाख के ही लोग हैं। और ध्यान रहे कि वे राह भटके या बाहरी ताक़तों के हाथों बरगलाए तत्वों की तरह ‘आज़ादी’ नहीं माँग रहे। वे statehood माँग रहे हैं। जैसे झारखंड और छत्तीसगढ़ ने भी माँगा और लिया। तेलंगाना ने भी माँगा और लिया। हो सकता है कि लद्दाख के लिए ये माँग कतिपय कारणों से मुफ़ीद न हो। पर इस माँग को करने वालों की लानत मलामत करना कहाँ तक मुनासिब है? उनके ख़िलाफ़ source based ख़बरें देने का क्या औचित्य है? इनके पीछे पैबंद मीडिया हाउसेस/पत्रकारों को छोड़ देने से क्या हासिल होगा? आप तो खुद जम्मू और कश्मीर जैसे भारत के अभिन्न हिस्से की राजनीतिक संवेदनशीलता से परिचित रहे हैं। एक पत्रकार के तौर पर मेरी समझ कमज़ोर या कथित तौर पर !एक पक्षीय’ हो सकती है। लेकिन देश के प्रमुख होने के तौर पर आपकी सोच तो समग्र है! आप इसे बेहतर समझ सकते हैं। लद्दाख के लिए स्टेटहुड हो सकता है कि राजनीतिक या कतिपय तौर पर मु़फ़ीद न हो। लेकिन अपने सोनम वांचुक की अपने देश के प्रति निष्ठा पर सवाल उठवाना क्या शोभा देता है? मैं ग़लत हो तो बताइएगा। सार्वजनिक तौर पर नहीं तो मेरा DM भी खुला है। व्हाट्सएप पर तो मैं हूँ ही। भारत का एक नागरिक उमाशंकर सिंह


