
#Mothersday "नास्ति मातृसमा छाया, नास्ति मातृसमा गतिः। नास्ति मातृसमं त्राण, नास्ति मातृसमा प्रिया।।"
(माता के तुल्य कोई छाया, सहारा, रक्षक या प्रिय वस्तु नहीं है) - वेदव्यास (महाभारत)।
माँ को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता, वे जीवन का आधार हैं। 🙏🎉🎊💐🙏
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