H N Rekwal

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@HN_Rekwal

National President Rastriya Adivasi Ekta Parisad

Katılım Şubat 2020
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H N Rekwal@HN_Rekwal·
#RAEP 3.5% ब्राह्मण है, ग्रामपंचायत का सरपंच नहीं बन सकते हैं किसी ग्राम पंचायत में , लेकिन 4-4 राज्यों के मुख्यमंत्री बन गए हैं ?* #है_न_EVM_का_कमाल ?* *कुछ समझ में आ रहा है मूलनिवासी बहुजन समाज के पढ़े लिखे लोगों को ?* 🥹 *ये कैसी लाचारी है, 85 पर 3.5% ब्राह्मण भारी हैं ?*
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H N Rekwal
H N Rekwal@HN_Rekwal·
#RAEP इस तरह के फर्जीवाड़े के बारे में, मैं पहले भी लिख चुका हूं ? ग्राम सभा में फर्जीवाड़ा करने के लिए क्या हथकंडे अपनाए जा रहे हैं । यह उसका सबूत है ।
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H N Rekwal
H N Rekwal@HN_Rekwal·
#RAEP ऐसे चुनाव परिणामों का खामियाजा किन किन को भुगतना पड़ेगा ? क्या भविष्य में इससे भी ज्यादा खतरनाक परिणाम आ सकते हैं ?
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vj
vj@j_valjibhai·
🤷👌👌 सब कुछ बिक रहा है !! आपने यह सटीक बात बोली और लिखते भी रहे हो, लेकिन कोई भी विपक्ष नेता यह आपकी जनता की आवाज शायद ही दोहराएंगे ( ऐसी बहुत आवाज जिसे लाइक भी नहीं देते )! क्यों कि, वह भी बिकने के लिए लाइन में लगे होंगे या अपना माल बिकने मे लगा होगा !
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Siyaram Soni
Siyaram Soni@Sramverma1·
आइए हम भी पढ़ते हैं और समझते हैं 👇 x.com/i/status/20489…
Mayur Waghela I.N.D.I.A 🇮🇳@Mayur52974592

आज भारत एक ऐसा बाजार बन गया है, जहां हर चीज बिक रही है। देश बिक रहा है, सरकार बिक रही है, सांसद और विधायक बिक रहे हैं, नदियां और पहाड़ बिक रहे हैं, जंगल और खदान बिक रहे हैं, बालू बिक रहा है, कृषि भूमि बिक रही हैं, नौकरशाह बिक रहे हैं, पुलिस बिक रही है, इंसानियत और जमीर बिक रही है, पुरुष बिक रहा है, महिलाएं बिक रही हैं, बेटा बिक रहा है, बेटी बिक रही है, इज्जत बिक रही है, देश की संपत्ति, संपदा और प्राकृतिक संसाधन बिक रहे हैं, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा बिक रहे हैं, कल-कारखाने, कंपनियां, निगम और सार्वजनिक लोक-उपक्रम बिक रहे हैं, बंदरगाह, रेलवे और रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, राष्ट्रीय राजमार्ग, हाईवे और एक्सप्रेस वे बिक रहे हैं और राष्ट्र की अस्मिता, अस्तित्व, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता तथा स्वाभिमान और पहचान बिक रहे हैं। और, इन सबके बदले मिला क्या? वही क्षुद्र स्वार्थों की पूर्ति, मुट्ठीभर लोगों के लिए बेहतर और आरामदायक जीवन, नेताओं, नौकरशाहों और पूंजीपतियों और कारपोरेट घरानों तथा उच्चमध्यम वर्ग की तिजोरी भर रही है, अपराध बढ़ रहे हैं, भ्रष्टाचार बढ़ रहा है, आवारा पूंजी और आवारा पूंजीवाद बढ़ रहा है और देश का अपराधीकरण, बाजारीकरण, अमानवीयकरण, और लंपटीकरण हो रहा है। यही आज के भारत के विकास का माडल है...!! @RahulGandhi @Dr_MonikaSingh_ @garrywalia_ @sakshijoshii @Rashmi22302711 @AnumaVidisha @RuchiraC @maulinshah9 @Iam_MKharaud @Kumarjyoti49291 @GoIShadow @sudhirchaudhary @AMISHDEVGAN @anjanaomkashya @RubikaLiyaquat @chitraaum @RajatSharmaLive @AwasthiGyyan @PMNehru @RaGa4India @Raga3689 @Pawankhera @SupriyaShrinate

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H N Rekwal@HN_Rekwal·
#RAEP लोगों को लालच देकर और डराकर वोट लेना क्या आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है ? क्या संविधान के विरोध में नहीं है ?
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H N Rekwal@HN_Rekwal·
#RAEP क्या दयानंद सरस्वती से ज्यादा विद्वान हैं होसबोले ? उनके द्वारा लिखा गया सत्यार्थ प्रकाश नहीं पढ़ा इन्होंने ? क्या अपने पुरखों की बात भी नहीं मानते है ? कैसे सनातनी है ये लोग ? *क्या पाखंडी हैं ?*
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#RAEP क्या तमाम तरह की मुसीबतें झेलने के लिए ही इनको मनुष्य जीवन मिला है ? शास्त्रों में तो कुछ अलग ही वर्णन मिलता हैं । मनुष्य जीवन प्राप्त करने के लिए ? भाग्य, भगवान की कृपा, पुण्य कर्म और न जाने क्या कहा गया हैं ?
Hansraj Meena@HansrajMeena

"अब गुजरात वापस नहीं आऊंगा दोस्त!" 😭

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H N Rekwal@HN_Rekwal·
#RAEP आजाद भारत में किनका विकास हुआ ?
Hansraj Meena@HansrajMeena

केरल के मलप्पुरम जिले के चालीयार पंचायत के प्लक्कलचोला गांव के 24 आदिवासी परिवारों को पानी की भारी कमी के कारण अपना घर छोड़ना पड़ा। एकमात्र पानी का स्रोत था, वह सूख गया, इसलिए ये परिवार मजबूरी में कंजीरप्पुझा नदी के किनारे रहने लगे हैं। वहां ये लोग चट्टानों पर तिरपाल बिछाकर खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं। हर रात उन्हें हाथियों और तेंदुओं का डर रहता है। बच्चों की पढ़ाई रुक गई है और बुजुर्गों व बीमार लोगों को इलाज के लिए करीब 2 किलोमीटर दूर ले जाना पड़ता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी पीने के पानी की कोई पक्की व्यवस्था नहीं की गई। इससे साफ है कि सरकार की योजनाओं के बड़े-बड़े दावे जमीन पर पूरे नहीं हो रहे। यह सिर्फ पानी की समस्या नहीं, बल्कि आदिवासी समुदाय के जीवन और उनके अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

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#RAEP Sc, St, Obc का कितना सत्यानाश हुआ यह रिपोर्ट बता रही हैं ? संभवत: पूरे देश की यही स्थिति हैं कुछ राज्यों में तो और बद्तर हो सकती हैं ? और हमें परिसीमन, क्रीमीलेयर, महिला आरक्षण, हिंदू-मुस्लिम और वर्गीकरण में उलझा रखा है ? देश में बनी नई नई नीतियां का परिणाम हैं यह?
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#RAEP मा द्रोपति मुर्मू को राष्ट्रपति बनने पर किसी अखबार ने जो छापा था वही बात साबित हो गई है ?
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#RAEP ब्राह्मण किसी भी धर्म में धर्म परिवर्तन कर सकते हैं लेकिन Sc, St, Obc के लोग अपना धर्म परिवर्तन यानि कोई दूसरा धर्म ग्रहण न करें । यह खबरदारी रखते हैं ब्राह्मण ? ब्राह्मण Sc, St, Obc को अपना गुलाम बनाए रखना चाहते हैं ?
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#RAEP 🥹 *कितना विकास किया भारत ने ?* *यह आविष्कार हैं या जुगाड ? क्या सिर्फ जुगाड में ही अव्वल हैं भारत ?*
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#RAEP जो आदिवासी अपनी मेहनत से कमा कर खाते थे । कभी भीख नहीं मांगते थे । शासक जातियों ने उन्हें भिखारी बना दिया ? राशन की दुकानों पर पहुंचा कर । ऐसी ऐसी नीतियां बनाई उनको मजबूर करने के लिए ?
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हिंदू राष्ट्र बनाने के चक्कर में देश आज बर्बादी की कगार पर खड़ा है !
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#RAEP कभी उन जंगलों का भी दौरा कर लीजिए जहाँ आदिवासी मूलनिवासियों के अधिकार व जीवन अमानवीय तरीके से कुचलकर नेस्तनाबूद किया जा रहा है 🇮🇳🙏
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#RAEP 👍 *क्या मान्यवर साहब कासी राम के द्वारा कही गई बात हर सामाजिक समूह पर वर्तमान में लागू होती है ?*
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facebook.com/share/v/1AGTpw… *शरद यादव जी की स्पीच पढ़े लिखे लोगों को सोचने के लिए मजबूर नहीं करती है ?*
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