इस वीडियो को सब लोग 2 बार देखो, यादव समाज के साथियों आप 4 बार देखो, शर्म न आए तो बार बार देखो।
जाटव समाज के लोग पलायन कर रहे हैं, उससे भी शर्मनाक है जो वजह बता रहे हैं-
"अहीर लोग लड़कियों से छेड़छाड़ करते हैं, घर पर चढ़कर मारपीट करते हैं।"
और योगी आदित्यनाथ वैसे तो राजनीतिक रंजिश में भी यादवों पर कार्रवाई करते हैं, यहां क्यों कोई एक्शन नहीं ले रहे हैं?
इन जातिवादी गुंडों को खुला छोड़कर कोई पोलिटिकल फायदा ढूंढ रहे हैं?
इस मुंह से जन्मी औलाद को कोई जाकर कह दे,
चाणक्य सिर्फ़ कपोल कल्पना है, इस चिंटू को ब्राह्मण इतिहासकारों ने स्थापित किया ताकि ब्राह्मणों का वर्चस्व बना रहे।
मौर्य साम्राज्य शक्तिशाली था। उस समय अगर यह होता, तो इसे स ₹ हाथियों से ku चलवा दिया जाता।
मेगस्थनीज के ग्रंथ इंडिका में कहीं भी कौटिल्य, विष्णुगुप्त या चाणक्य का उल्लेख नहीं है, न ही सिंहासन हासिल करने के लिए किसी ब्राह्मण की सहायता का ज़िक्र है।
सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में चाणक्य नाम का कोई प्रधानमंत्री नहीं था, न ही अर्थशास्त्र नामक किसी किताब का उल्लेख है।
चाणक्य की काल्पनिक कहानी की पोल खुल चुकी है, इसलिए मनुवादी समाज में भगदड़ मची हुई है
Before the Constitution, this was the harsh reality of India—a Caste Hindu woman would not give water directly to an “untouchable” woman, but instead poured it from a distance through a bamboo pipe.
#Untouchability
बुद्धाष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं 🎉
कृष्ण काल्पनिक हैं कृष्ण का चरित्र पोंगा पंडितों ने 18वीं सदी में गढ़ा है।
श्री कृष्ण का यादवों (अहीरों, ग्वालों) से कोई लेना देना नहीं हैं।
बुद्ध धम्म की महान परंपरा की नकल करते-करते हिंदू धर्म ने अपनी पहचान ही नकली बना ली।
18वीं सदी में केरल के चित्रकार राजा रवि वर्मा ने बौद्ध मूर्तियों की हूबहू नकल करके "देवताओं" की तस्वीरें बनाईं, ताकि लोगों को एक नई नकली कहानी बेची जा सके।
महायान बौद्ध कला में बांसुरी बजाते हुए बुद्ध या बोधिसत्व की मूर्तियाँ सदियों से मौजूद थीं।
इन्हीं की नकल करके काल्पनिक पात्र कृष्ण को बांसुरी बजाने वाले "भगवान" के रूप में गढ़ा गया।
सच यह है कि कृष्ण का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं, वे सिर्फ पुराणों की कल्पना हैं —
और उनकी बांसुरी भी असल में बुद्ध की विरासत की चोरी है।
नमो बुद्धाय ।।🙏
7.15% of general category was earning more than Rs 66000/- per month.
In regard to BC, creamy layer was just 4-5%
while in EBC/SC , it comes down to just 1-2%.
So there is a strong case for not introducing creamy layer in EBC and SC
This analysis is directly based on the Bihar Caste Census data.
The biggest trap for Dalits in academia is the so-called “Left.”
They feed you endless victimhood stories, to chain your mind to permanent inferiority.
They do it to polish their own saviour image, not to give you real power.
They will never save you. They can’t. They won’t.
'हम सबसे पहले और सबसे आखिर में भारतीय हैं'
बाबा साहब डॉ आंबेडकर जिस भारतीयता की बात करते हैं, हम सबको बस भारतीयता की पहचान को ही अपनाना चाहिए।
जात-पात का भेद छोड़कर भारतीय बनें। आज़ादी के जश्न के मौके पर हमारे सभी दर्शकों को ढेरों बधाई और मंगलकामनाएं।
जय भीम - जय भारत
#IndependenceDay2025 #स्वतंत्रता_दिवस
#Horrific While the nation celebrates Independence, in Udaipur a innocent little girl’s life was tragically lost to corruption—she was killed when the under-construction wall of a government school collapsed. #IndependenceDay
"शरीर आज़ाद हों और मन गुलाम हों तो वो कोई आज़ादी नहीं होती..
असली आज़ादी के लिए मानसिक गुलामी से बाहर आना पड़ता है"।
भारत के 99% हिंदू (st+sc+obc+non bramhins +women) बिना अपना गुलाम धर्म (ब्राह्मण धर्म) छोड़े आज़ाद नहीं हो सकते|
#IndependenceDay
#ये_आजादी_झूठी_है
📢 जातंकवाद
मध्यप्रदेश के ग्वालियर के विकास निगम भवन में सहायक महाप्रबंधक सतीश डोंगरे 1 साल से जमीन पर बैठकर काम कर रहे हैं जबकि अन्य अधिकारियों के पास कुर्सी–टेबल है!
देश को अंग्रेजों से तो आजादी मिल गई लेकिन जातिवादी व्यवस्था से नहीं मिल पाई।
#DalitLivesMatter#MadhyaPradesh
Before independence, British gave Brahmins 3 chances to draft India’s Constitution—each failed. Babasaheb wrote it & nation accepted. He freed oppressed from caste slavery, restored dignity. More capable than Nehru-Patel, but caste stopped him from being PM.
#IndependenceDay