असदुद्दीन ओवैसी साहब एक सामान्य नेता हैं मुसलमानों को नेता बनाने आए हैं अच्छा जी ?
लेकिन लेकिन लेकिन उनकी घड़ी की क़ीमत देखकर बताइए कितने की है ?
मोदी जी कपड़ों से ज़्यादा तो असद साहब के घड़ी की क़ीमत है ? और पार्टी दावा करती हैं कि उनके पास न चुनाव लड़ने के लिए पैसा होता है, न पार्टी ऑफिस चलाने के लिए, न सोशल मीडिया के लिए।
1000 करोड़
@middle_East_up ला दीनी चीनी चालू है.
ईरान से सस्ता तेल लेता है.
उईगर मुसलमान को गुलाम की तरह मानता है.
इस्लाम को मानसिक बीमारी कहता है.
आयशा और खदीजा नाम नहीं रखने देता.
इसराइल से सतही नाराजगी दिखाता है.
और कुछ उम्मती चीन के कसीदे पढ़ते हैं.
बेवकूफ़ कौन?
aljazeera.com/opinions/2018/…
बड़ी खबर 🇨🇳🚨मंत्री चीनी विदेश मंत्री से नाराज हो गए।
🇮🇱प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चीन के विदेश मंत्री ने नेतन्याहू द्वारा उन्हें सौंपा गया नोट तुरंत लौटा दिया। 👏
🇨🇳चीनी विदेश मंत्री के चेहरे पर क्रोध के भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे थे।👏
कुछ सेकुलर कीबोर्ड योद्धा आज गांधी को छोड़कर किसी और कि वह वही कर रहे हैं अगर वो जिस की वह वही कर रहे है उसके विचार एक बार पढ़ लो जाकर मुसलमान के बारे में तो समझ में आ जाएगा ।।
आजाद भारत का सबसे पहले लीडर और ताकतवर लीडर महात्मा गांधी है।।
और महात्मा गांधी ही रहेगा।।
आज 14 तारीख को मुझे अचानक से महात्मा गांधी की याद आ गई ।। 🥰
@VoxShadabKhan@yuva_aas
@CmdNoushaba@TheRizwanTalks खिखिखि
असबाब की दुनिया है।
अल्लाह ने सिर्फ क़ुरआन की हिफाज़त का ज़िम्मा लिया है।
दूसरी बात, अगर आप मुसलमान है तो समझ जाओगे।
हदीस के मुताबिक काबा एक बार और गिरने वाला है, फिर कयामत।
@HumairaSD24@TheRizwanTalks Badhi ghatiya baat kahi hai aapne
20 crore ke moqable me 125 crore hindu hain
Us suwar ke moqable me kaun hai
Phir bhi sakira ko nachwa raha hai
Sharab ka thika khulwa raha hai
Haramkhoe
लानत हो 56 मुस्लिम देशों पर जो फ़िलिस्तीन के लोगो को खाना भी नहीं भेज सकते, मुसलमानों शर्म करो चीन फ़िलिस्तीन के लोगो को खाना और दवा भेज रहा है ।
दुनिया के मुसलमानों को इस बात का जवाब अल्लाह को देना पड़ेगा ।
जिस कदर शियाओं के खिलाफ कुछ भी बोला जाता था कि इनका कुरआन अलग है, अजान अलग है, कलमा अलग है, ये राफ्जी है, ये ख़ारजी है, ये सहाबा ए इकराम के कातिल है , ये सुन्नियों के दुश्मन है, ये सुन्नी मस्जिदों को बर्दाश्त नहीं करते, इनके यहां मस्जिद अल अक्सा की कोई कद्र नहीं है, ये काबा पर कब्जा चाहते है, ये मदीना पर कब्जा चाहते हैं, ये सुन्नियत को खत्म करना चाहते हैं।
इसलिए खासकर पाकिस्तान जैसे देशों में कई बार शिया मस्जिदों, मदरसों पर हमले करने को लोग अपनी शान समझते हैं।
पाकिस्तान से आपको हर 2 - 3 महीने में ऐसी खबर मिलेगी कि वहां किसी शिया मस्जिद या मदरसे पर हमला हुआ है।
इसकी वजह थोड़े इख्तेलाफ को दुश्मनी की तरह पेश करना है। इस झूठी दुश्मनी के चलते लोग नफरत पर उतर आते हैं फिर वे सही खबर की नहीं बल्कि उन्हें पहले से ही बुरा मान लेते हैं फिर उनकी कोई भी अच्छाई दिखाई नहीं देती।
लेकिन अब ये सारी झूठी कहानियां रद्दी समझी जाने लगी है। आज कई बड़े सुन्नी स्कॉलर ईरान और ख़ामेनेई को मुसलमानों की नुमाइंदगी करने वाले के तौर पर देखने लगे हैं।
इस झूठी नफरत को खत्म करने के लिए ईरान ने अपने कई बड़े अधिकारियों और नेताओं को शहीद करवाया है तब जाकर सुन्नी स्कॉलर यह कहने को मजबूर हुए हैं कि खामेनेई मुसलमानों का नुमाइंदा बनकर दुश्मनों को ललकार रहा था तो दुश्मन ने सिर्फ उन्हीं को निशाना बनाया।
मौलाना खलीलुर्रहमान सज्जाद नोमानी ने आज एक नया इतिहास रच दिया। वह ईरान कल्चर हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही से मुलाकात की और सैयद अली ख़ामनेई की शहादत पर ताज़ियत पेश की।
मुलाकात के दौरान मौलाना ने स्पष्ट संदेश दिया कि ईरान और अमेरिका की इस लड़ाई में पूरी उम्मत, शिया-सुन्नी के भेदभाव के बिना, ईरान के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि ईरान ने फ़िलिस्तीन की मदद की है, इसलिए इस संघर्ष में सुन्नी मुसलमान भी ईरान के साथ हैं।
उन्होंने आगे कहा कि हमारे बीच किसी तरह का कोई मतभेद नहीं है और हम सभी अमेरिका और इज़राइल को अपना साझा दुश्मन मानते हैं।
#IranWar #SajjadNomani
@ShamsTabrezQ आरएसएस के लोगों को सहबियों से कम्पेयर करने और उन्हें मुख्लिस कहने वाला मौलाना होता है क्या? मुझे लगा भक्त सिर्फ मोदी के ही होते है, शम्स तरबेज़ भी सज्जाद नोमानी का भक्त निकला
@mohd_uved इसमें MIM का क्या दोष? इसे ना MIM ने कहा था ना इस्लाम ने कहा था कि किसी के मां का 250 gm गोश्त बेचे। चूतिये की और कुटाई होना चाहिए। ऐसे चूतियों की वजह से सारे मुसलमानों को जवाब देना पड़ रहा है।
एक मौलाना को एक योगी से माफ़ी माँगनी पड़ी
इसमें सबसे ज़्यादा ख़ुश MIM समर्थक हैं क्यों कि मौलाना ने AIMIM पार्टी छोड़ दी थी
और ये हराम के खाने वाले मुस्लिम कियादत की बात करते हैं …
@AK_HI_BABA@zehraavadh 25 करोड़ होकर बाबरी मस्जिद ना बचा पाने वाले आप नेतन्याहू को सपोर्ट कर दो।
भाई हम तो उसको सपोर्ट करेंगे जो हमारे काबे की हिफाज़त कर रहा है।
डोनाल्ड ट्रम्प इसलिए किसी नहीं डरता, क्योंकि उसके साथ खड़ा है एक ऐसा दोस्त जो सिर्फ़ नाम का लीडर नहीं, बल्कि जुर्रत और शुजाअत की मिसाल है मोहम्मद बिन सलमान की दूरअंदेशी, बहादुरी और कड़क फैसले लेने की काबिलियत ने उन्हें दुनिया के सबसे ताक़तवर लीडर्स में शामिल कर दिया है।
जब दोस्ती ऐसी हो, जहाँ इरादे मज़बूत हों और हौसले बुलंद, तो डर अपने आप खत्म हो जाता है।
ये सिर्फ़ सियासत नहीं, बल्कि एतमाद, ताक़त और एक दूसरे के लिए खड़े रहने की मिसाल है — और शायद यही वजह है कि ट्रम्प बेखौफ नज़र आता है।
@ZakirAliTyagi जनाब बेवकूफ पत्रकार साहब, जिओ पॉलिटिक्स समझो, जंग शुरू रहेगी तो तबाह कौन होगा? आज कौन तबाह हुआ? अरब, ईरान, चीन, रूस सब एक है। ट्रम्प को उकसा रहा है
अमेरिकी ग़ुलाम सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप पर ईरान के साथ युद्ध जारी रखने के दबाव डाला, प्रिंस चाहता है अमेरिका ईरान के साथ युद्ध जारी रखें और किसी भी तरह ईरान को ज़मीन से मिटा दें।