@amitkvikram उसके बाद ही हर जगह समानता का झंडा लेकर खड़े होना तर्कसंगत और न्यायसंगत होगा।
समानता का अर्थ यह नहीं कि परिस्थितियों की अनदेखी कर दी जाए, बल्कि यह है कि सभी के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और व्यावहारिक व्यवस्था की जाए।
@amitkvikram सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पिछले वर्ष सरकार द्वारा यह कहा गया था कि महिला शिक्षकों को सरकारी आवास आवंटित किए जाएँगे। फिर आज तक वह व्यवस्था क्यों लागू नहीं हो सकी? इस पर प्रश्न उठना चाहिए। पहले सुरक्षा और आवास की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए,
शहर के स्कूलों पर शिक्षिकाओं का कब्जा है...ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की कमी है...शिक्षिकाएं तो गांव के स्कूलों में जाना ही नहीं चाहतीं. शहरों के प्रथमिक स्कूलों में 10 से 18 शिक्षक तक पोस्टेड हैं जिनमें अधिकांश महिलाएं हैं. गांव के प्रथमिक स्कूलों में औसतन 3 या 4 शिक्षक हैं और उनमें से एक भी महिला नहीं.
जब बहाली में 50% आरक्षण है तो स्कूलों में पोस्टिंग में 50% आरक्षण होना चाहिए. सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में सिर्फ पुरुषों की पोस्टिंग क्यों? यहां समानता का अधिकार क्यों नहीं लागू होता है. जब 50% आरक्षण है तो ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में भी कम से 50% शिक्षिकाओं की पोस्टिंग होनी चाहिए. आखिर सरकार की यह दोहरी नीति क्यों??
TRE-3 शिक्षक भी इंसान हैं।
परिवार, बच्चों और सम्मान के साथ जीने का अधिकार हमारा भी है।
👉 ट्रांसफर हमारा हक़ है, कोई एहसान नहीं।
#TRE3Transfer#TransferTRE3
माननीय मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से निवेदन है—
TRE-3 शिक्षकों के ट्रांसफर पर जल्द ठोस निर्णय लें।
शिक्षकों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। @NitishKumar#TransferTRE3
शिक्षक शिक्षा की रीढ़ हैं, लेकिन TRE-3 शिक्षक आज भी ट्रांसफर के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
क्या शिक्षकों की पारिवारिक और मानसिक स्थिति पर भी कभी ध्यान दिया जाएगा?#TransferTRE3
TRE-3 के शिक्षक लंबे समय से ट्रांसफर की प्रतीक्षा में हैं।
परिवार से दूर रहकर सेवा देना आसान नहीं होता।
सरकार से निवेदन है कि शिक्षक ट्रांसफर प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।
#TransferTRE3