
#Indore | पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने के मामले में आज का दिन महत्वपूर्ण है. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है, मध्यप्रदेश सरकार हाईकोर्ट में शपथ पत्र दाखिल कर विरोध का हवाला देकर कचरा जलाने का अतिरिक्त समय मांगेगी. इस पूरी न्यायिक प्रक्रिया के किसी भी निर्णय से पूर्व मासिक पत्रिका इंडिया फर्स्ट की मई, 2018 की इस रिपोर्ट को जिम्मेदारों को अवश्य पढ़ना चाहिए कि... किस तरह से पीथमपुर और उसके आस-पास के दर्जनों गांव सालों से रामकी का दंश झेल रहे है. वहां की मृदा की उर्वरक क्षमता और भूमिगत जल की गुणवत्ता में कितनी गिरावट आयी है... किस तरह धन के बल पर पूरे मालवा-निमाड़ को मौत के मुहं में झोंक दिया गया और उनका जनजीवन पूरी तरह से तबाह कर दिया गया! जनसरोकार से जुड़ी इस रिपोर्ट को लेकर जो दूरदर्शिता इंडिया फर्स्ट पत्रिका की टीम ने दिखायी है, इसके लिए वह बधाई की पात्र है. आवश्यकता थी कि समय रहते जिम्मेदार इस पर संज्ञान लेते, लेकिन आज 2024 में फिर मौत का सामान 12 कंटेनर में भर कर पीथमपुर भेज दिया गया है! लेकिन यकीन मानिए तब से आज की स्थितियां और ज्यादा भयावह है और इस अपशिष्ट के जलने के बाद की स्थितियों की कल्पना आप स्वयं कर सकते है. @CMMadhyaPradesh @DrMohanYadav51 @collectordhar #Pithampur #UnionCarbide #Ramki #IndiaFirst #MadhyaPradesh













