ISHA DIXIT

5.8K posts

ISHA DIXIT banner
ISHA DIXIT

ISHA DIXIT

@ISHADIXIT19456

आत्मज्ञान के प्रकाश में अंधे कर्म सब त्याग दो

Lucknow, India Katılım Mart 2024
258 Takip Edilen182 Takipçiler
UP POLICE
UP POLICE@Uppolice·
@ISHADIXIT19456 कृपया उक्त सम्बन्ध में आप वीमेन हेल्प लाइन @wpl1090 पर शिकायत करें।
हिन्दी
1
0
1
40
ISHA DIXIT
ISHA DIXIT@ISHADIXIT19456·
@Uppolice @wpl1090 हमे क्या करना चाहिए जब लोग अश्लील गालियां ऐसे दे रहे हों सार्वजनिक जगहों पर जैसे ये आम बातें हों? इसका कोई कानून है कि बस हम सुनते रहना चाहिए? कब तक ऐसे लोग मनमानी करेंगे और हम दबे रहेंगे? एक महिला को क्या अनुभव होता होगा ये मुझे बताने की जरूरत नहीं है शायद।
हिन्दी
1
0
0
68
ISHA DIXIT
ISHA DIXIT@ISHADIXIT19456·
I want to break my conditioning like this.💪
Anusurya@AnusuryaPa37694

*अहंकार पर प्रहार के रूप में सिर मुंडवाना* ✨️ पुराना पैटर्न (लंबाई का बोझ): बचपन से ही मेरा अपने बालों से गहरा “लगाव” था। मेरे भीतर एक भारी कंडीशनिंग बैठी हुई थी: कि एक स्त्री की सुंदरता उसके बालों की लंबाई से जुड़ी होती है। क्योंकि मैं गंजा पैदा हुई थी और मेरे बाल हमेशा छोटे, पतले रहे, इसलिए मैं जीवनभर इन सौंदर्य-मानकों के सामने खुद को “असफल” महसूस करती रही। मैं वर्षों तक शैम्पू, तेल और घरेलू नुस्खों के चक्र में फँसी रही, उस बढ़त को जबरन लाने की कोशिश करती रही जो आती ही नहीं थी। एक साधारण-सी ट्रिम भी असहज लगती थी क्योंकि मैं हर इंच को अपनी “पहचान” मानकर पकड़े हुए थी। ✨️ चिंगारी (चुनौती): दो हफ्ते पहले, मेरी गीता कम्युनिटी के एक दोस्त ने मुझे पिक्सी कट के लिए चुनौती दी। मेरी तुरंत प्रतिक्रिया शुद्ध अहंकार थी: “क्या तुम्हारा दिमाग खराब है? मैं इसे बढ़ाने की कोशिश कर रही हूँ, और तुम चाहते हो कि मैं इसे कटवा दूँ?” उसने तथ्य सामने रखा: मेरे बाल मेरा बंधन बन गए थे। वे मेरे अहंकार की सुरक्षा-कंबल थे। उसने मुझे आचार्य जी की शिक्षा याद दिलाई—कि भीतर कुछ टूट भी रहा हो, तब भी हमारे भीतर एक ऐसा केंद्र होता है जिसे कभी तोड़ा नहीं जा सकता। ✨️ आत्मचिंतन (’जीरो’ पर जाने का निर्णय): पिछले हफ्ते, मैं अपने साथ बैठी और समझा कि मैं कितनी डरी हुई थी। वही डर मेरे लिए वह सबूत था जिसकी मुझे ज़रूरत थी—मेरे बाल एक पिंजरा थे। मैंने तय किया कि अगर मुझे अपने अहंकार को चुनौती देनी है, तो आधे-अधूरे तरीके से नहीं करूँगी। पिक्सी कट में भी अहंकार के छिपने के लिए “थोड़ी-सी जगह” रह जाती। मैंने तय किया कि मैं अपना सिर पूरी तरह मुंडवा दूँगी। मैंने इसे अपने आने वाले जन्मदिन के लिए खुद को दिया जाने वाला परम उपहार माना। ✨️ कर्म (मुंडन): मैं कल नाई के पास गई—14 दिन पहले ही। मुझे पता था, अगर मैं इंतज़ार करती, तो मेरा अहंकार बचने का कोई रास्ता ढूँढ लेता और मुझे इससे पीछे हटा देता। गंजे लुक के साथ बाहर निकलना अविश्वसनीय रूप से सशक्त करने वाला लगा। मैं सीधे अपने सबसे बड़े डर के भीतर कदम रख रही थी: अपने परिवार का सामना करना, अपने समाज का सामना करना, और “सामाजिक आईना”। ✨️ वर्तमान अवस्था (नया अवलोकन): शारीरिक क्रिया पूरी हो गई है। अब असली आंतरिक काम शुरू होता है। अब मैं एक “नई व्यक्ति” हूँ, एक “नई यात्रा” पर। मेरा फोकस बाल उगाने से हटकर अपनी भीतरी गतिविधि को देखने पर आ गया है। मेरा अहंकार दूसरों की प्रतिक्रियाओं को कैसे संभालेगा? क्या मैं केंद्रित रह पाऊँगी जब दुनिया मुझे अलग नज़र से देखेगी? ✨️ अंतिम बोध: मैंने आचार्य जी के शब्दों के सत्य को जीने की दिशा में एक कदम उठाया है: *“सच्चा नारीवाद वास्तव में तब है जब स्त्री मुक्त हो जाती है* *अपने शरीर को ही अपनी प्राथमिक पहचान मानने की शारीरिक और सामाजिक बाध्यता से।”* #AcharyaPrashant #WomenEmpowerment Posted by Shweta on Acharya Prashant's Gita Mission App. Download Now - app.acharyaprashant.org/?id=8-8a2edf33… @Advait_Prashant @Prashant_Advait

English
1
2
4
50
ISHA DIXIT retweetledi
Anusurya
Anusurya@AnusuryaPa37694·
*अहंकार पर प्रहार के रूप में सिर मुंडवाना* ✨️ पुराना पैटर्न (लंबाई का बोझ): बचपन से ही मेरा अपने बालों से गहरा “लगाव” था। मेरे भीतर एक भारी कंडीशनिंग बैठी हुई थी: कि एक स्त्री की सुंदरता उसके बालों की लंबाई से जुड़ी होती है। क्योंकि मैं गंजा पैदा हुई थी और मेरे बाल हमेशा छोटे, पतले रहे, इसलिए मैं जीवनभर इन सौंदर्य-मानकों के सामने खुद को “असफल” महसूस करती रही। मैं वर्षों तक शैम्पू, तेल और घरेलू नुस्खों के चक्र में फँसी रही, उस बढ़त को जबरन लाने की कोशिश करती रही जो आती ही नहीं थी। एक साधारण-सी ट्रिम भी असहज लगती थी क्योंकि मैं हर इंच को अपनी “पहचान” मानकर पकड़े हुए थी। ✨️ चिंगारी (चुनौती): दो हफ्ते पहले, मेरी गीता कम्युनिटी के एक दोस्त ने मुझे पिक्सी कट के लिए चुनौती दी। मेरी तुरंत प्रतिक्रिया शुद्ध अहंकार थी: “क्या तुम्हारा दिमाग खराब है? मैं इसे बढ़ाने की कोशिश कर रही हूँ, और तुम चाहते हो कि मैं इसे कटवा दूँ?” उसने तथ्य सामने रखा: मेरे बाल मेरा बंधन बन गए थे। वे मेरे अहंकार की सुरक्षा-कंबल थे। उसने मुझे आचार्य जी की शिक्षा याद दिलाई—कि भीतर कुछ टूट भी रहा हो, तब भी हमारे भीतर एक ऐसा केंद्र होता है जिसे कभी तोड़ा नहीं जा सकता। ✨️ आत्मचिंतन (’जीरो’ पर जाने का निर्णय): पिछले हफ्ते, मैं अपने साथ बैठी और समझा कि मैं कितनी डरी हुई थी। वही डर मेरे लिए वह सबूत था जिसकी मुझे ज़रूरत थी—मेरे बाल एक पिंजरा थे। मैंने तय किया कि अगर मुझे अपने अहंकार को चुनौती देनी है, तो आधे-अधूरे तरीके से नहीं करूँगी। पिक्सी कट में भी अहंकार के छिपने के लिए “थोड़ी-सी जगह” रह जाती। मैंने तय किया कि मैं अपना सिर पूरी तरह मुंडवा दूँगी। मैंने इसे अपने आने वाले जन्मदिन के लिए खुद को दिया जाने वाला परम उपहार माना। ✨️ कर्म (मुंडन): मैं कल नाई के पास गई—14 दिन पहले ही। मुझे पता था, अगर मैं इंतज़ार करती, तो मेरा अहंकार बचने का कोई रास्ता ढूँढ लेता और मुझे इससे पीछे हटा देता। गंजे लुक के साथ बाहर निकलना अविश्वसनीय रूप से सशक्त करने वाला लगा। मैं सीधे अपने सबसे बड़े डर के भीतर कदम रख रही थी: अपने परिवार का सामना करना, अपने समाज का सामना करना, और “सामाजिक आईना”। ✨️ वर्तमान अवस्था (नया अवलोकन): शारीरिक क्रिया पूरी हो गई है। अब असली आंतरिक काम शुरू होता है। अब मैं एक “नई व्यक्ति” हूँ, एक “नई यात्रा” पर। मेरा फोकस बाल उगाने से हटकर अपनी भीतरी गतिविधि को देखने पर आ गया है। मेरा अहंकार दूसरों की प्रतिक्रियाओं को कैसे संभालेगा? क्या मैं केंद्रित रह पाऊँगी जब दुनिया मुझे अलग नज़र से देखेगी? ✨️ अंतिम बोध: मैंने आचार्य जी के शब्दों के सत्य को जीने की दिशा में एक कदम उठाया है: *“सच्चा नारीवाद वास्तव में तब है जब स्त्री मुक्त हो जाती है* *अपने शरीर को ही अपनी प्राथमिक पहचान मानने की शारीरिक और सामाजिक बाध्यता से।”* #AcharyaPrashant #WomenEmpowerment Posted by Shweta on Acharya Prashant's Gita Mission App. Download Now - app.acharyaprashant.org/?id=8-8a2edf33… @Advait_Prashant @Prashant_Advait
Anusurya tweet mediaAnusurya tweet media
हिन्दी
0
11
29
217
ISHA DIXIT retweetledi
सौभद्र
सौभद्र@V927251518·
पर गदहवे तो कहते हैं कि आचार्य जी पैसे लेकर खुद भोग करते हैं, ऐश, अय्याशी करते हैं तो आचार्य जी को ये सब करने का समय कहाँ से मिलता है?😭 कोई डुप्लीकेट है क्या उनका ?
sumit@sumitofficialai

Acharya Prashant's jis Life !!

हिन्दी
1
6
13
90
ISHA DIXIT
ISHA DIXIT@ISHADIXIT19456·
He was consuming alcohol in the bus too. @upsrtc_lko
ISHA DIXIT@ISHADIXIT19456

@upsrtc_lko There is a disturbing element in the bus continuously abusing and showing inappropriate behavior,very uncomfortable for everyone, specially for women. No action from driver or conductor, they didn't do anything to discourage him. Bus no.- UP41AT4273

English
1
0
1
64
ISHA DIXIT
ISHA DIXIT@ISHADIXIT19456·
Please take the required action.
English
0
0
0
13
ISHA DIXIT
ISHA DIXIT@ISHADIXIT19456·
@upsrtc_lko There is a disturbing element in the bus continuously abusing and showing inappropriate behavior,very uncomfortable for everyone, specially for women. No action from driver or conductor, they didn't do anything to discourage him. Bus no.- UP41AT4273
English
1
0
1
108
ISHA DIXIT retweetledi
Sujata
Sujata@life4work_·
*आचार्य जी अपना प्यार हर जगह बिखेर रहे हैं।* *आइए उनकी बात हरेक तक पहुंचाएं।* *उनका संघर्ष जारी है, संसाधन हमारे हाथ है* *आइए साथ दीजिए।* acharyaprashant.org/hi/contribute/… *16399 सहयोगी हाथ* *64% राशि आई है, 3 दिन शेष* *आइए साथ दीजिए।* *हर दिन ये बात कहना अच्छा लगता है क्या?* *थोड़ा थोड़ा भी सहयोग करेंगे तो आसानी से हो जाएगा।*🔥 #AcharyaPrashant @Advait_Prashant @Prashant_Advait Posted by K. Sanju on Acharya Prashant's Gita Mission App. Download Now - app.acharyaprashant.org/?id=8-a1bb4af4…
हिन्दी
0
14
37
143
ISHA DIXIT retweetledi
George Tsakraklides
George Tsakraklides@99blackbaloons·
“Ecology is bigger than capitalism, bigger than human civilization itself. Yet for most humans today ecology takes place somewhere in the sidelines of existence, or in a classroom, or a nature documentary. We fail to grasp the gravity of our ignorance of almost everything that exists” open.substack.com/pub/georgetsak…
George Tsakraklides tweet media
English
28
600
1.9K
39.1K
ISHA DIXIT retweetledi
NothingIsArt
NothingIsArt@NothingIsArt·
ZXX
36
198
484
7.1K
ISHA DIXIT retweetledi
Aakash Shaw
Aakash Shaw@Shaw_Ak47·
For them, for the planet, for our future. Go vegan. 🌎🐷💚
Aakash Shaw tweet media
English
4
67
209
1.5K
ISHA DIXIT retweetledi
sumit
sumit@sumitofficialai·
When the interpretation of Gita comes very easily to you know that it is the egoic interpretation The real interpretation will always be uncomfortable, absurd and unacceptable
sumit tweet media
English
0
10
21
93
ISHA DIXIT retweetledi
Harish Chandra
Harish Chandra@Harishapgeeta·
आजकल डिजिटल मार्केटिंग हर जगह है, पर क्या आपका ब्रांड समाज में खुशहाली लाता है? चेहरे को मेकअप से चमकाया जा सकता है, पर भीतर का डर और अज्ञान सिर्फ जागरूकता से मिटता है। असली खुद को बाहर लाएं ✨ #SocialImpact #MindfulMarketing #InnerGrowth #ConsciousLiving #acharyaprashant
हिन्दी
0
2
3
21
ISHA DIXIT retweetledi
Anusurya
Anusurya@AnusuryaPa37694·
प्रणाम 🙏🌷, ये पिछले 2 महीनों में मंदिर में आने वाले नए भक्त है, और अधिकतर मांसाहारी और पशुबली करने वाले हैं, दो माह में इनको समझा कर, डर बता कर,झूठ सच करके, पशुबली नहीं करने दी, लगभग 200 से 225 बलि जिसमें बकरा, सूअर, पाड़ा, और कुत्ता भी शामिल है सभी से मीठी पूजा ( बगैर पशु मांस) के कराई, और इनको आचार्य जी परिचय दिया, सभी से यू ट्यूब चैनल ज्वाइन कराया और पिछले 2 महीनों में कुछ एनरोल हो चुके हैं और बाकी सभी हफ्ते,या 10 दिन में आचार्य जी से जोड़ दूंगा, ये स्थिति में, मैं अंदर से भयभीत हूं, और कश्मकश में,, इस बात के लिए कि इनको लोकधर्म के रास्ते बुलाया और इनको आचार्य जी से जोड़ने के बाद, कुछ बात इनको समझ आ जायेगी तो ये मुझ पर ही आक्रमण करेंगे, जैसे अभी तक में मेरे द्वारा जोड़े गए कुछ लोग, जिनको बात समझ आने लगी है वो मुझे सवाल करते है,, लेकिन जो भी हो, भय, लालच, कुछ भी मन में उठे,,, उठने दो, मुझे तो आचार्य जी की बात याद आ जाती है कि कांपते हाथों से करो लेकिन जो सही है वो करो 🙏🙏 धन्यवाद आचार्य जी 🌷🌷मैं ऊंचाई पर आया कि नहीं मुझे नहीं पता,, लेकिन मैं जैसे जी रहा था उससे बहुत ऊपर आया हूं,, आप के कारण,ये मुझे ज्ञात है 🙏🙏 #AcharyaPrashant Posted by Abhishek shukla on Acharya Prashant's Gita Mission App. Download Now - app.acharyaprashant.org/?id=8-2c0dfe35… @Advait_Prashant @Prashant_Advait
हिन्दी
2
15
28
246
ISHA DIXIT retweetledi
Vala Afshar
Vala Afshar@ValaAfshar·
Knowledge grows when you ask stupid questions. Stupidity grows when you do not ask anything. —Professor Richard Feynman
Vala Afshar tweet media
English
20
121
402
21.4K
ISHA DIXIT retweetledi
Acharya Prashant
Acharya Prashant@Advait_Prashant·
AIIMS रायपुर में आचार्य जी: डाॅक्टर्स के साथ चिकित्सा और चेतना पर विमर्श 25 मार्च को AIIMS रायपुर में आचार्य जी का एक खास संवाद सत्र आयोजित हुआ, जो अभूतपूर्व उत्साह और सहभागिता का साक्षी बना। सैकड़ों डॉक्टरों, छात्रों, रेजिडेंट्स, स्टाफ और फ़ैकल्टी की सक्रिय उपस्थिति ने पूरे परिसर को एक जीवंत, ऊर्जावान और विचारशील वातावरण में बदल दिया। संस्थान ने सत्र की सार्थकता को रेखांकित करते हुए, शाम 4 बजे के बाद सभी यूजी, पीजी कक्षाएं स्थगित कर दीं। सत्र के पहले से ही सभागार पूरी तरह से भर गया था। बड़ी संख्या में डॉक्टर और छात्र गहन एकाग्रता के साथ सत्र में शामिल रहे। संवाद के बाद भी बड़ी संख्या में छात्र आचार्य जी से मिलने, पुस्तकों पर हस्ताक्षर लेने और उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए रुके रहे। अपने विचारों में आचार्य जी ने स्पष्ट किया कि एक डॉक्टर की आंतरिक समझ ही उसकी सेवा की गुणवत्ता तय करती है। साथ ही, उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि चिकित्सा विज्ञान और आंतरिक समझ का समन्वय ही एक संवेदनशील और सच्चे चिकित्सक का निर्माण करता है। यह सत्र आचार्य जी के चार दिवसीय रायपुर प्रवास का महत्वपूर्ण हिस्सा था। इससे एक दिन पूर्व NIT रायपुर में उन्होंने छात्रों और फ़ैकल्टी के साथ एक अत्यंत ऊर्जावान और खुला संवाद किया, जिसमें युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। देशभर के 19 शहरों में 14 IITs में उनके संवाद सत्र, युवाओं के साथ उनके मजबूत और निरंतर जुड़ाव को दर्शाते हैं। सत्र के विडिओ आपके साथ जल्द ही साझा किए जाएँगे।
Acharya Prashant tweet media
हिन्दी
1
35
103
1.6K