Indian48818775

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@Indian48818775

A Proud Indian

Katılım Aralık 2017
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Indian48818775@Indian48818775·
"भारत चारा रत्न" ज़्यादा बेहतर होगा, क्या कहते हैं @TejashwiYdvRJD बाबू। सबसे बड़ी बात तो यह है कि यह अपने आप में अकेला सम्मान भी होगा
Tejashwii Yadav@TejashwiYdvRJD

पूरा देश चाहता है कि गरीबों दलित पिछड़ों के मसीहा लॉर्ड लालू यादव जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए..!! आप सब की क्या राय है..??

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Indian48818775@Indian48818775·
@SavitaK74929291 सुनने में आया है कि तेजस्वी यादव को "सफलता पूर्वक" डुबोने के बाद अब इनको अखिलेश यादव को डुबोने का कार्य सौंपा गया है। यदि इसबार भी ये बहन सफल हुई तो अगला ठेका अमरीका में मिलने की प्रबल संभावना है
Savita Kumari@SavitaK74929291

प्रियंका भारती का तंज👇

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Indian48818775@Indian48818775·
@Pawankhera पेड़ा खाओगे ? कौन सा ? मलाई पेड़ा केसर पेड़ा या मथुरा पेड़ा वरना असम मलाई पेड़ा सबसे स्वादिष्ट होता है
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Indian48818775@Indian48818775·
@DesiVaidya क्योंकि पीछे दिख रही इमारत की साफ़ सफ़ाई के लिए इनसे अच्छे सफ़ाई कर्मचारी उपलब्ध नहीं हो रहे हैं
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𝗗𝗲𝘀𝗶 𝗩𝗮𝗶𝗱𝘆𝗮
तर्कशक्ति के विद्वान हाजिर हो और इसका उत्तर बताओ.......?
𝗗𝗲𝘀𝗶 𝗩𝗮𝗶𝗱𝘆𝗮 tweet media
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Indian48818775@Indian48818775·
@Its_Me_Jasraj - How much protein does our body require everyday? And what %of our daily requirements will we ge - Many ingredients shown here cannot be eaten even after soaking. Do we need to boil/ cook them? Or eat as it is? If we eat as it is, without cooking, how will we get our salt?
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Indian48818775
Indian48818775@Indian48818775·
@TvamAstrology Your last sentence (post) has created doubt on Lalkitab. Should one follow and/ or believe it or should we follow the guidelines based on vedic astrology only?
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Saurabh Mohnot
Saurabh Mohnot@TvamAstrology·
One famous Lal Kitab sentence 👀 “ग्रह खराब हो तो आदत सुधारो।” Meaning - When planets suffer, correct the behavior first These are the 21 powerful Lal Kitab remedies for removing obstacles 🧵👇
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Indian48818775@Indian48818775·
@RaniSahni2 मोदी सरकार को 12 वर्ष हो गए कम से कम 1200-1500 पोस्ट और लगभग इतने ही नेताओं और उनसे दुगने चमचों के सड़क पर उतरने के बयान देख सुन रहे हैं 12 कुत्ते भी सड़क पर सरकार पर भौंकने नहीं उतरे हैं गरजने वाले और बरसने वाले बादल तथा भौंकने वाले और काटने वाले कुत्ते अलग अलग होते हैं
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Rani Sahni
Rani Sahni@RaniSahni2·
जब जागें तभी सवेरा 👍👏💐 🙋🧕🇮🇳 #SaveDemocracy
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Indian48818775@Indian48818775·
@khanpk_khan @PMishra_Journo तू या मैं नारा लगा कर देख लें भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशा..... मैं और तुम भी लंबा वक्त सिंखचों में बिताएंगे इसमें हिन्दू मुस्लिम कहां से पैजामा खोल के घुस गया। कोई भी बो सड़ी वाला मदारखोद कुटिया की औलाद देश विरोधी नारा लगाए तो साले को काला पानी जैसी सजा होनी चाहिए
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Parvez khan
Parvez khan@khanpk_khan·
@PMishra_Journo का फालतू में जस्टिस जस्टिस खेल रहे हो , खुल के बोलो जिसकी लाठी उसकी भैंस.... हिन्दुओ की सरकार है मिलार्ड हिन्दू हैं , जमानत कैसे दे दें....उनके हिसाब से हर मुसलमान अपराधी है बस कोई FIR करा के तो देखे....बदले की कार्यवाही है , भाड़ में जाये सबूत गवाह दलील...
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Prabhakar Kumar Mishra
Prabhakar Kumar Mishra@PMishra_Journo·
दिल्ली दंगों के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार करने के अपने ही फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया है। कोर्ट ने कहा कि जमानत नियम है और जेल अपवाद, यह सिद्धांत यूएपीए के तहत केस में भी लागू होता है। जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने इस साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट की ओर से दूसरी बेंच के उस फैसले पर सवाल उठाया जिसमे उमर और शरजील को जमानत देने से इनकार कर दिया था। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारिया की  बेंच ने जमानत देने से मना कर दिया था। @unquote_in
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Indian48818775@Indian48818775·
@tan4u_ हम सब परिजनो का मानना है कि जहां जाओ, जगह के अलावा वहां के कल्चर, भोजन आदि का आनंद अवश्य लो हम चाहे पूर्वोत्तर जाएं, गुजरात/सौराष्ट्र, मुंबई और महाराष्ट्र के अलग अलग क्षेत्र (उस भाग का भोजन), गोवा, कर्नाटक, केरल, आंध्र, तमिलनाडु जहां भी जाते हैं नॉर्थ इंडियन खाना नहीं ढूंढते
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Indian48818775
Indian48818775@Indian48818775·
@tan4u_ अब हमारे घर माह में कम से कम 2-3 पकौड़ी कढ़ी तो बनती ही है पर 1-2 बार गुजराती कढ़ी भी जरूर बनती है। वो भी ज्यादा सी क्योंकि मेरी पत्नी जानती है कि 3-4 कटोरी कढ़ी तो यूं ही पी जाऊंगा अरे हां, हम कई बार सिंधी कढ़ी भी खा चुके हैं, यानि कि कुल 3 प्रकार की कढ़ी N /6
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Pushpa
Pushpa@tan4u_·
Ayurvedic Kadhi Recipe - कढ़ी लगभग हर किसी को पसंद होती है, लेकिन ज्यादातर लोग इसे सिर्फ स्वाद के लिए खाते हैं। असली फर्क तब आता है जब कढ़ी को आयुर्वेदिक तरीके से बनाया जाए। तब यह सिर्फ एक डिश नहीं रहती, बल्कि पाचन सुधारने, शरीर को बैलेंस करने और कई समस्याओं में मदद करने वाली चीज बन जाती है। अगर आप इसे सही विधि से बनाएंगे, तो इसका स्वाद भी बेहतर होगा और फायदे भी कई गुना बढ़ जाएंगे। कढ़ी की तासीर और असर सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि कढ़ी की प्रकृति कैसी होती है। कढ़ी की तासीर गर्म मानी जाती है यह पाचन को तेज करती है कब्ज में राहत देती है भूख बढ़ाती है गैस और मंदाग्नि में फायदेमंद लेकिन ध्यान रखें: जिनको ज्यादा गर्मी रहती है या दस्त की समस्या है, उन्हें कढ़ी से बचना चाहिए यह पित्त को बढ़ा सकती है कढ़ी बनाने का सही आयुर्वेदिक बेस सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है इसका बेस यानी छाछ। छाछ कैसे तैयार करें दही में 3–4 गुना पानी मिलाएं अच्छे से मथें तब तक मथें जब तक दही का दाना खत्म होकर पूरी तरह पतली छाछ बन जाए यही असली बेस है कढ़ी का। अब इसमें: बेसन मिलाकर पतला घोल तैयार करें मसाले (जीरा, धनिया, हल्की मिर्च आदि) मिला दें तड़का लगाने का सही तरीका कढ़ी का असली स्वाद और पाचन शक्ति तड़के से आती है। कढ़ाई में थोड़ा तेल या घी डालें सबसे पहले हींग डालें (यह बहुत जरूरी है) फिर सरसों, जीरा, करी पत्ता, अजवाइन डालें ध्यान रखें: हींग हमेशा शुरुआत में ही डालें, बाद में डालने से गैस की समस्या हो सकती है। अगर चाहें तो: हल्के उबले आलू डाल सकते हैं (ऑप्शनल) कढ़ी को पकाने की विधि अब तैयार घोल को तड़के में डालें और: अच्छे से उबालें जब तक बेसन का कच्चापन खत्म न हो जाए धीरे-धीरे पकने दें जब कच्चा स्वाद खत्म हो जाए, समझिए कढ़ी तैयार है। कढ़ी में डालने वाले पकोड़े: आयुर्वेदिक दृष्टिकोण 1. अलीक मत्स्य (स्पेशल पकोड़े) यह पारंपरिक तरीका है: पान के पत्ते पर उड़द की पीठी लगाई जाती है पहले भाप में पकाया जाता है फिर टुकड़े करके तला जाता है बाद में कढ़ी में डाला जाता है इसका स्वाद मछली जैसा लगता है, इसलिए इसे अलीक मत्स्य कहा गया। फायदे: पाचन शक्ति बढ़ाता है कमजोर पाचन वालों के लिए उपयोगी 2. बेसन वटिका (नॉर्मल पकोड़े) आजकल के बेसन पकोड़े इसी का रूप हैं। आप इसमें मिला सकते हैं: मेथी पालक हल्का मसाला ध्यान रखें: प्याज वाले पकोड़े भारी होते हैं गैस वालों को अवॉइड करना चाहिए कढ़ी किसके लिए फायदेमंद है यह खासतौर पर इन लोगों के लिए अच्छी है: मोटापे वाले लोग डायबिटीज वाले जिनको कब्ज रहती है जिनका पाचन कमजोर है जोड़ों के दर्द वाले लेकिन: खट्टी छाछ का उपयोग जोड़ों के दर्द वालों को नहीं करना चाहिए कढ़ी कब और कैसे खाएं कढ़ी को चावल या खिचड़ी के साथ लेना सबसे अच्छा व्रत वाले चावल (सामा आदि) के साथ भी ले सकते हैं रात में भी खा सकते हैं, लेकिन मात्रा संतुलित रखें ध्यान रखें: बासी कढ़ी बिल्कुल न खाएं रोज-रोज ज्यादा मात्रा में न लें महत्वपूर्ण सावधानियां कढ़ी हल्की है लेकिन गर्म तासीर वाली है जरूरत से ज्यादा खाने पर नुकसान हो सकता है पकोड़े ज्यादा खाने से भारीपन हो सकता है Conclusion अगर कढ़ी को सही तरीके से बनाया जाए, तो यह स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद बन जाती है। बस सही बेस, सही तड़का और सही मात्रा—यही तीन चीजें इसे परफेक्ट बनाती हैं। आप कढ़ी कैसे बनाते हैं—पकोड़े वाली या बिना पकोड़े वाली?
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Indian48818775
Indian48818775@Indian48818775·
सूरत है बंदर सी लेकिन लेकिन बनता है अलबेली $$$##£ कैसा राजा भोज बना है अपना गंगू तेली..... शाला मैं तो शाहब बन गया शाहब बन के कैसा तन गया ये सूरत मेरी देखो ये टोपी मेरी देखो जैसे दधा कोई लंडन का
Pooja Singh@puji1110

इसके लिए दो शब्द please...

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Indian48818775
Indian48818775@Indian48818775·
@puji1110 उद्योगधंधों को घूस बिना न मजदूर मिले न बिजलीपानी खुलेआम लूटपाट, बलात्कार, मारपीट, मर्डर आम बात हो गई यानि साला जहां जहां "लाल" रंग पहुंचा वहां विकास पर रेड सिग्नल हो गया अब इस लाल टोपी फोटो वाले की खूनी लाल जुबान देखो। ये राजनीति कर रहा है या "रंगदारी/ गुंडई"? फैसला/ वोट आपका
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Indian48818775
Indian48818775@Indian48818775·
@puji1110 यहां भी आ गया "लाल रंग" फिर एक बार सरकार बनकर। अबकी बार लाल झंडे में नहीं बल्कि "लाल टोपी" में लाल धंधा शुरु। गुंडा गर्दी, मारपीट कत्ल आदि, धरती लाल होने लगी। किसानों, गरीबों, मध्यम वर्ग की जमीनों, मकानों, धंधों में कब्जे शुरू हो गए। बड़े आदमियों से फिरौती वसूली या अपहरण N/5
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Pooja Singh@puji1110·
इसके लिए दो शब्द please...
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