Anil Tiwari
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Anil Tiwari
@Interceptors
In the shadow of the world, the interceptors of truth navigate through the cryptic whispers . We see what others miss. unseen, unheard, unstoppable.


पहली जांच रिपोर्ट में दोनों अस्पताल एकदम सही थे । पुलिस कमिश्नर साहब उसी रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल के खिलाफ कार्यवाही नहीं कर रहे थे । जब आईटीबीपी के कमांडेंट साहब मिलकर वापस गए तो डॉक्टर्स की ज्वाइंट कमेटी ,जिसमें आईटीबीपी के मेडिकल प्रोफेशनल्स भी शामिल थे , उनकी जांच के आधार पर उसी सीएमओ ने यह रिपोर्ट लगाई कि इलाज में लापरवाही बरती गई । वही कमिश्नर साहब अब FIR करने की बात कर रहे हैं। भले ही कमिश्नर साहब ने आईटीबीपी के DG को अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए पत्र लिखा है । लेकिन डीजी साहब अगर थोड़ा सा भी लॉजिकल होकर देखेंगे तो पता चलेगा कि कमिश्नर साहब कितनी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी कर रहे थे। अगर कमांडेंट साहब इतनी फोर्स लेकर न गए होते और अकेले में एक कमरे में मुलाकात करके वापस आ गए होते , अगर मामला इतना ज्यादा मीडिया पर न आया होता , तो क्या लगता है कि जांच रिपोर्ट में खामी पकड़ में आती या नहीं ?? अच्छा माननीय बृजेश पाठक जी,क्या आप अब उस सीएमओ पर भी कोई कार्यवाही करेंगे जो अपने पहली रिपोर्ट में क्लीन चिट दे चुका था ?? जब आईटीबीपी के डॉक्टर के साथ ज्वाइंट रिपोर्ट तैयार की गई तब जाकर लापरवाही पकड़ में आई । नहीं तो आपके सीएमओ साहब तो क्लीन चिट दे चुके थे । क्या पुलिस कमिश्नर साहब उस सीएमओ के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिए भी मंत्रालय को पत्र लिखेंगे ?? जिसके कारण इतना सारा बवाल हुआ । या सारा नियम कानून सिस्टम के बाहर रहने वाले लोगों के लिए ही है । सिस्टम के अंदर वालो का सारा गुनाह माफ है ?

नोएडा के शहर के सेक्टर 104, 12-22 और सेक्टर 41 समेत अन्य इलाकों में हलाल सत्यापित पदार्थों की बिक्री खुलेआम हो रही है। जबकि साल 2023 में यूपी सरकार ने इसको बैन कर दिया था। पढ़े पूरी ख़बर- amarujala.com/delhi-ncr/noid… #UPNews #AmarUjala

संकट बहुत बड़ा है! निर्मला बोलीं- सरकार का फिलहाल '3Fs' पर फोकस, जानिए क्या है ये फॉर्मूला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कच्चा तेल महंगा होने से देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे बाकी चीजें भी महंगी होने लगी हैं. लेकिन सरकार की पूरी कोशिश है कि आम आदमी पर कम बोझ डाला जाए. पढ़िए पूरी ख़बर- intdy.in/zhdqml #NirmalaSitharaman #FuelPriceHike #PetrolDieselPrice #Inflation #3Fs #IndianEconomy #ATCard #AajtakSocial




पहली रिपोर्ट अधूरी कैसी बनी? जब ITBP ने लाठी की तो नई रिपोर्ट में अस्पताल का दोष सामने आया? CMO जवाबदेह है कि एक ही कांड का दो अलग अलग रिपोर्ट कैसे? जहां तक ITBP वालों की बात है Officially कोई बात नहीं कही गई कि CP दफ्तर में कोई बदतमीजी की उन लोगों ने. कुछ बातें उड़ी थी पर ITBP ने कोई वीडियो बाहर नहीं आने दी शायद.

If Rubio knew the history or architecture, he wouldn't have posed for a picture here. This monument was built out for the love of emperor's Iranian wife, crafted by the genius of Iranian architects — meanwhile his government today threatens to wipe out Iranian civilization, insulting other civilizations.

सीएमओ महोदय द्वारा गठित मेडिकल टीम की संशोधित जांच आख्या प्राप्त हो गई है। पूर्व में प्राप्त आख्या निर्णायक नहीं थी तथा उसमें दोष निर्धारण स्पष्ट रूप से नहीं किया गया था। इस संबंध में पुनः पत्राचार कर मेडिकल टीम से बिंदुवार स्पष्टीकरण एवं दोष निर्धारण सहित रिपोर्ट उपलब्ध कराने हेतु कहा गया था। संशोधित रिपोर्ट में पारस अस्पताल एवं कृष्णा अस्पताल द्वारा उपचार में अत्यधिक विलंब किए जाने को गंभीर लापरवाही माना गया है, जिसके परिणामस्वरूप पीड़ित का हाथ काटना पड़ा। उक्त आधार पर दोनों अस्पतालों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है। आईटीबीपी एवं पुलिस के मध्य किसी प्रकार का कोई मतभेद अथवा टकराव नहीं था। प्रकरण के संबंध में चर्चा हेतु आईटीबीपी के कमांडेंट एवं मेडिकल ऑफिसर को पुलिस कार्यालय में स्वयं आमंत्रित किया गया था, ताकि जांच से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पुनः विचार-विमर्श कर सीएमओ स्तर से विस्तृत परीक्षण कराया जा सके। बैठक के दौरान आईटीबीपी अधिकारी अपने साथ काफी संख्या में फोर्स लेकर आए थे तथा पुलिस कार्यालय के बाहर जिस प्रकार फोर्स खड़ी की गई, उससे मीडिया में गलत संदेश प्रसारित हुआ। जब मीडिया में ख़बर आई तब कमांडेंट को अविलंब अपने साथ लाये बल को वापस करने को कहा गया। उक्त प्रकरण में आईटीबीपी मुख्यालय एवं उनके महानिदेशक महोदय को पत्र प्रेषित कर अवगत कराया गया है कि संबंधित स्तर पर विभागीय एवं अनुशासनात्मक जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बाइट- पुलिस आयुक्त कानपुर नगर श्री रघुबीर लाल महोदय। @Uppolice @dgpup @UPGovt @UPPViralCheck

कानपुर पुलिस और ITBP दोनों ने मीडिया मीडिया खेला है. पहले 1980s में अगर फौज कुछ करती थी तो किसी को पता नहीं चलता था. कोई कभी रिकॉर्डिंग नहीं करवाता था या मीडिया को 2 घंटे पहले नहीं कहता था. ITBP वाले जैसे गेट से अंदर आते है उनका विडिओ बन जाता है? कैसे मालूम हुआ कि कब कौन आने वाला है? बाद में ITBP ने अपनी रिलीज में कहा है कि अतिरिक्त जवान वापस भेजे गए. PR PR सब खेले है पर लोग ITBP के साथ है क्योंकि वो अपने जवान के लिए खड़े हुए. CP को सोचना चाहिए कि जिनको चाय पिलाते है उन्होंने उनको 2 घंटे पहले आगाह क्यों नहीं किया कि ITBP वाले आने वाले है? Time for self analysis for CP.







यूपी के कई जिलों के कप्तान साहब के ज़िद्द की वजह से पीड़ित को न्याय मिलना दूर FIR तक नहीं दर्ज किया जा रहा है... लगता है पुलिसिंग के मानक बदल रहे है जिलों के कप्तान... कई जिलों के पीड़ित राजधानी लखनऊ पहुंच रहे है...


