स्वतंत्र समाजवादी(PDA)

571 posts

स्वतंत्र समाजवादी(PDA) banner
स्वतंत्र समाजवादी(PDA)

स्वतंत्र समाजवादी(PDA)

@JanwadiAwaz

Quiet observer | Loud thinker | Penning truth over silence | Against deception & injustice | Stay aware

Uttar pradesh (India) Katılım Temmuz 2025
59 Takip Edilen172 Takipçiler
स्वतंत्र समाजवादी(PDA) retweetledi
Rahul Yadav
Rahul Yadav@Rahul100y·
इनको ऐसी ही तेज तर्राक जबाब देना चाहिए एक हमारे मुख्यमंत्री जी खुद के केस वापस किए। जबर्दस्त विधायक जी @sonker_ragini
हिन्दी
1
2
3
34
रेखा चौबे
रेखा चौबे@Tiwari_1oct·
@yadavakhilesh मुफ्तखोरी और तुष्टीकरण की राजनीति करने वाले स्मार्ट मीटर से डर रहे हैं क्योंकि इससे बिजली चोरी रुक रही है। जो खुद भ्रष्टाचार के पर्याय रहे हों, उन्हें हर पारदर्शी व्यवस्था में कमीशन ही नजर आता है। जनता का करंट भ्रष्टाचार पर नहीं बल्कि विकास के विरोधियों पर गिरेगा।
रेखा चौबे tweet media
हिन्दी
10
11
18
573
Akhilesh Yadav
Akhilesh Yadav@yadavakhilesh·
स्मार्ट मीटर के नाम पर चल रही बिजली की ठगी के ख़िलाफ़ उप्र की जनता के गुस्से का मीटर हाई है क्योंकि उसे पता चल गया है कि बेवजह ज़रूरत से ज़्यादा मीटर रीडिंग आने और बिजली का खर्चा बेतहाशा बढ़ने का असली कारण भाजपा का भ्रष्टाचार है। जनता समझ गयी है कि भाजपाई ठेके देने से पहले ही मीटर-बिजली कंपनी से एडंवास कमीशन वसूल लेते हैं, जिसकी वसूली बिजली कंपनियाँ मीटरों को पहले से तेज दौड़ने के लिए सेट करके करती हैं। भाजपा के बिजली मीटर भी, ईवीएम मशीन की तरह हेराफेरी करते हैं। भाजपाई जनता के गुस्से के करंट से दूर ही रहें। महंगे सिलेंडर और महंगी बिजली के बिल ही भाजपा का कनेक्श सत्ता से काट देंगे। बिजली उपभोक्ता कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा! #बुरे_दिन_जानेवाले_है
हिन्दी
259
2.8K
6.5K
85.8K
स्वतंत्र समाजवादी(PDA)
दो गुजराती मिलकर एक मात्र महिला मुख्यमंत्री को हटाना चाहते हैं यही इनका चरित्र है नारी बंदन बस दिखावा है ।
स्वतंत्र समाजवादी(PDA) tweet media
हिन्दी
0
0
2
12
स्वतंत्र समाजवादी(PDA)
खटारा इंजनों की टकराव अब किसी से छिपा नहीं है... दिल्ली की AQI हैं। मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए।
स्वतंत्र समाजवादी(PDA) tweet media
हिन्दी
0
0
1
18
Rahul Yadav
Rahul Yadav@Rahul100y·
CM Yogi Adityanath ने कहा कि जो लोग ‘वंदे मातरम्’ का विरोध करते हैं, उन्हें भारत में रहने का अधिकार नहीं है। मेरा मानना है वंदे मातरम् ही क्यों संविधान विरोधियों , तिरंगे को ना मानने वाले,गांधी , अम्बेडकर का अपमान करने वाले, गोडसे को मानने वालो को भी देश में रहने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए।
Rahul Yadav tweet media
हिन्दी
6
7
14
248
Akhilesh Yadav
Akhilesh Yadav@yadavakhilesh·
इंसानियत जब तक बरक़रार है तब तक नफ़रत की होनी हार है
हिन्दी
263
3.9K
17.1K
139.4K
स्वतंत्र समाजवादी(PDA)
Rahul Yadav@Rahul100y

हम रिक्तताओं से जन्मे हैं, और रिक्तताओं में ही लौटेंगे। ~ऐली एंग मैंने चाँद को मुँह समझकर उसमें उँगलियाँ डालीं, देखूँ,कितना खोल सकता हूँ उसे। किसी ने कहा था, सेक्स तो बस नलिकाओं का सिलसिला है। तो क्या नली उल्टा पड़ा छेद है? या दो रिक्त स्थानों का आलिंगन? मैं और मेरा प्रेम सोफ़े के दो सिरों पर बैठे थे, पैरों की उँगलियाँ एक-दूसरे में फँसी हुई। क्या तुमने कभी किसी को इतना चाहा है कि मन हुआ हो , ईश्वर तुम्हारे भीतर एक नई जगह खोल दे, ताकि उसके परिपूर्ण हाथ उस कोने तक पहुँच सकें जहाँ कोई और कभी न पहुँचा हो… किसने छुआ? तीस बरस पहले चिकित्सकों ने मेरी माँ के शरीर को चीरकर मुझे बाहर निकाला ,निस्पंद, मौन , और वह दर्द से ऊपर कहीं तैरती रही, एक पर्दा उसके तन को दो भागों में बाँटता हुआ। वह अनेक हिंसाओं में पहली थी जिसे पहुँचाने का इरादा मेरा न था, पर वह हुई। मैंने कभी उस निशान को देखने की हिम्मत नहीं की। मैं अजनबियों को पैसे देता था कि वे मेरे भीतर छेद करें और उन्हें धातु से सजा दें, भौंह, निप्पल, नाक का सेप्टम , सजावट का उन्माद, त्वचा के टूटने का आकर्षण। मैंने सोचा, अगर दर्द को स्वयं बुलाऊँ, तो फिर कोई मुझे चोट नहीं पहुँचा सकेगा। पर अंत में… छल्ले गिर गए और शरीर फिर से ताज़ा, अभेद्य हो गया। कुछ छेद क्षणिक होते हैं, कुछ को मैं कब्र तक साथ ले जाऊँगा। धरती का धँसाव, झरोखा, मैनहोल, के-होल, देह के छिद्र, ब्लोहोल, ग्लोरीहोल , और मेरे दिल में ईश्वर के आकार का एक खालीपन। अब मैं न भरने की तलाश में हूँ, न भरे जाने की। मुझे यूँ ही पवित्र रहने दो, जबकि दुनिया मुझसे होकर गुजरती रहे। मुझे खाली करने वाला छेद नहीं , मुझे दरार की लालसा है।

QME
0
0
2
75
स्वतंत्र समाजवादी(PDA) retweetledi
Akhilesh Yadav
Akhilesh Yadav@yadavakhilesh·
ये डील नहीं, ढील है। भाजपा की उल्टी गणित से जनता फिर पूछ रही है : ज़ीरो (0) बड़ा या अठारह (18%) इस देश में कोई भी डील जो 70% कृषि आधारित जनता के लिए हानिकारक है वो कभी लाभकारी साबित नहीं हो सकती है। कृषि और डेयरी को बचाने का जो झूठ सदन के पटल पर बोला जा रहा है, उसका संज्ञान भविष्य में लिया जाएगा और झूठा साबित होने पर कार्रवाई की माँग भी की जाएगी। जब डील की शर्तें निर्धारित और हस्ताक्षरित ही नहीं हुई हैं तो कोई पहले से दावे कैसे कर सकता है। कोई भी ट्रेड लाभ-हानि की तराज़ू पर तोला जाता है। ऐसे में सवाल ये है कि फ़ायदे में कौन है और नुक़सान में कौन। भाजपाई हानि का उत्सव न मनाएं। ये डील एक आपदा है, भाजपाई इसमें कमीशनख़ोरी के अवसर न तलाशें। ये समझौता नहीं, समर्पण है। लोग कह रहे हैं, ऐसा लग रहा है कि भारत से 500 अरब डॉलर की रंगदारी वसूली जा रही है। जो ट्रेड डील को मील का पत्थर बता रहे हैं, उनकी अक्ल पर पत्थर पड़ गये है। जो कह रहे हैं कि ये कूटनीति की जीत है दरअसल वो भी जानते हैं कि अमेरिका कूट नीति को कूट-कूट मन माफ़िक साँचे बना रहा है, जिसमें वो अपने मुनाफ़े का कारोबार ढाल सके। जो इसे भाजपा सरकार के दबदबे की जीत बता रहे हैं, वो दरअसल दबा-दबा महसूस कर रहे हैं। उनकी जीभ भी दबी है और गर्दन भी।
Akhilesh Yadav tweet media
हिन्दी
209
910
3.7K
43K
स्वतंत्र समाजवादी(PDA) retweetledi
Rahul Yadav
Rahul Yadav@Rahul100y·
हम रिक्तताओं से जन्मे हैं, और रिक्तताओं में ही लौटेंगे। ~ऐली एंग मैंने चाँद को मुँह समझकर उसमें उँगलियाँ डालीं, देखूँ,कितना खोल सकता हूँ उसे। किसी ने कहा था, सेक्स तो बस नलिकाओं का सिलसिला है। तो क्या नली उल्टा पड़ा छेद है? या दो रिक्त स्थानों का आलिंगन? मैं और मेरा प्रेम सोफ़े के दो सिरों पर बैठे थे, पैरों की उँगलियाँ एक-दूसरे में फँसी हुई। क्या तुमने कभी किसी को इतना चाहा है कि मन हुआ हो , ईश्वर तुम्हारे भीतर एक नई जगह खोल दे, ताकि उसके परिपूर्ण हाथ उस कोने तक पहुँच सकें जहाँ कोई और कभी न पहुँचा हो… किसने छुआ? तीस बरस पहले चिकित्सकों ने मेरी माँ के शरीर को चीरकर मुझे बाहर निकाला ,निस्पंद, मौन , और वह दर्द से ऊपर कहीं तैरती रही, एक पर्दा उसके तन को दो भागों में बाँटता हुआ। वह अनेक हिंसाओं में पहली थी जिसे पहुँचाने का इरादा मेरा न था, पर वह हुई। मैंने कभी उस निशान को देखने की हिम्मत नहीं की। मैं अजनबियों को पैसे देता था कि वे मेरे भीतर छेद करें और उन्हें धातु से सजा दें, भौंह, निप्पल, नाक का सेप्टम , सजावट का उन्माद, त्वचा के टूटने का आकर्षण। मैंने सोचा, अगर दर्द को स्वयं बुलाऊँ, तो फिर कोई मुझे चोट नहीं पहुँचा सकेगा। पर अंत में… छल्ले गिर गए और शरीर फिर से ताज़ा, अभेद्य हो गया। कुछ छेद क्षणिक होते हैं, कुछ को मैं कब्र तक साथ ले जाऊँगा। धरती का धँसाव, झरोखा, मैनहोल, के-होल, देह के छिद्र, ब्लोहोल, ग्लोरीहोल , और मेरे दिल में ईश्वर के आकार का एक खालीपन। अब मैं न भरने की तलाश में हूँ, न भरे जाने की। मुझे यूँ ही पवित्र रहने दो, जबकि दुनिया मुझसे होकर गुजरती रहे। मुझे खाली करने वाला छेद नहीं , मुझे दरार की लालसा है।
Rahul Yadav tweet media
हिन्दी
1
3
12
830
स्वतंत्र समाजवादी(PDA) retweetledi
Rahul Yadav
Rahul Yadav@Rahul100y·
Same nation,Unequal realities..!!
English
1
2
6
116
स्वतंत्र समाजवादी(PDA) retweetledi
Rahul Yadav
Rahul Yadav@Rahul100y·
🇺🇸🇮🇳 The trade deal looks good in the headlines, but the real test will be whether India gains a net benefit or if it turns out to be just a strategic adjustment..!!
Rahul Yadav tweet mediaRahul Yadav tweet media
English
0
2
6
105
स्वतंत्र समाजवादी(PDA) retweetledi
Rahul Yadav
Rahul Yadav@Rahul100y·
स्वतंत्र देव सिंह: प्रधान जी को पहचानती हो? यही पानी पहुंचा रहे हैं जनता: ई का कौन नहीं जानता है! लुच्चा है गांव क..ई छि&न$@रा है सर.. सब कोई जानता है...😂🤪
हिन्दी
0
2
6
519
स्वतंत्र समाजवादी(PDA) retweetledi
Rahul Yadav
Rahul Yadav@Rahul100y·
वो नहीं मिला तो मलाल क्या, जो गुज़र गया सो गुज़र गया उसे याद कर के न दिल दुखा, जो गुज़र गया सो गुज़र गया न गिला किया, न ख़फ़ा हुए, यूँ ही रास्ते में जुदा हुए न तू बेवफ़ा, न मैं बेवफ़ा, जो गुज़र गया सो गुज़र गया वो ग़ज़ल कि कोई किताब था, वो गुलों में एक गुलाब था ज़रा देर का कोई ख़्वाब था, जो गुज़र गया सो गुज़र गया मुझे पतझड़ों की कहानियाँ न सुना सुना के उदास कर तू ख़िज़ाँ का फूल है मुस्करा, जो गुज़र गया सो गुज़र गया वो उदास धूप समेट कर कहीं वादियों में उतर चुका उसे अब न दे मेरे दिल सदा, जो गुज़र गया सो गुज़र गया ये सफ़र भी कितना तवील है, यहाँ वक़्त कितना क़लील है कहाँ लौट कर कोई आएगा, जो गुज़र गया सो गुज़र गया कोई फ़र्क़ शाहो-गदा नहीं कि यहाँ किसी को बक़ा नहीं ये उजाड़ महलों की सुन सदा, जो गुज़र गया सो गुज़र गया तुझे ऐतबारो-यक़ीं नहीं, नहीं दुनिया इतनी बुरी नहीं न मलाल कर मेरे साथ आ, जो गुज़र गया सो गुज़र गया Good Night x mate🌹
Rahul Yadav tweet media
हिन्दी
5
2
10
246
स्वतंत्र समाजवादी(PDA) retweetledi
Rahul Yadav
Rahul Yadav@Rahul100y·
Good Morning🌞 हर युग में कुछ ही लोग होते हैं जो नई सोच के बीज होते हैं। आज की सुबह उसी रचनात्मक साहस की याद दिलाती है। पुराने ढांचों से बाहर निकलकर नई लय, नई शुरुआत की ओर बढ़ने की। आज का दिन नई ऊर्जा और नए विचारों से भरा हो। सुप्रभात 🙏
Rahul Yadav tweet media
हिन्दी
5
3
12
162
स्वतंत्र समाजवादी(PDA)
यह कमेटी समानता के लिए है, गलत करने वाले को पकड़ेगी—चाहे कोई भी हो।
हिन्दी
0
0
2
6
स्वतंत्र समाजवादी(PDA)
UGC Equity Committee किसी एक जाति के खिलाफ नहीं, बल्कि Cast, Religion, Gender, Disability के आधार पर होने वाले हर भेदभाव के खिलाफ है। इसमें अध्यक्ष ज़्यादातर कॉलेज/यूनिवर्सिटी प्रमुख होंगे और सदस्य सभी वर्गों से होंगे। अगर आप गलत नहीं करते, तो डर किस बात का?
स्वतंत्र समाजवादी(PDA) tweet mediaस्वतंत्र समाजवादी(PDA) tweet media
हिन्दी
1
0
2
31
Gurpreet Garry Walia
Gurpreet Garry Walia@garrywalia_·
रीट्वीट करने वालो को फॉलो कर दो तुम्हारे 200-400 फॉलोवर बढ़ जाएँगे 😎
हिन्दी
175
334
315
17.7K