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Kitabganj
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@Kitabganj1
कहीं नहीं, तो कविताओं में ही सही- कुछ असंभव पर- घटता रहे ।।
Katılım Ekim 2018
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मैं अब अपने घर
एक स्वप्न की तरह ही
आता हूँ
साल में
एक दो बार
बस कुछ देर के लिए।
अपने माँ-बाप के सपनों का
पीछा करते करते
मैं इतनी दूर आ निकला
जहां से सिर्फ
स्वप्न बनकर वापिस आया जा सकता है
व्यक्ति बनकर नहीं।।
किताबगंज।।🌻
@Kitabganj1




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तुम्हें किसी ने छोड़ दिया
अकेला
तुम किसी को छोड़ दोगे
अकेले
दुनिया में जिसे छुओ
ख़याल रखो
अकेली पड़ी चीजें टूट जाती हैं
अक्सर छूते ही
~ किताबगंज(@Kitabganj1)
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अपने वक़्त की असहनीय कारगुज़ारियों पर
शिकायतों का पत्थर फेंककर
मृत्यु के निमंत्रण को जायज़ नहीं ठहराया जा सकता
हम दुनिया को
इतने ख़तरनाक हाथों में नहीं छोड़ सकते
हमें अपनी-अपनी आत्महत्याएँ स्थगित कर देनी चाहिए।
@Kitabganj1

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देखिए मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि ऐसा कोई एक दिन या कोई एक तारीख नहीं होती जब ये तय होता है कि आज से आप अच्छी कविताएं लिख पाएंगे। अच्छी कविताएं बुरी कविताओं के बाद ही आती हैं इसलिए लिखते रहिए, कोई कितना भी आपकी कविताओं में कीड़े निकाले। आप लिखते रहिए। आलोचनाओं को जूते की नोक पर रखिये, जैसे दिल करे वैसे लिखिए। खूब लिखिए... बस मुझे उसमें टैग मत कीजिये।
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@Shabnam44806561 @pankaj_2210 @Akhil1774 @AvantikA_2 @DrAmitSingh001 @Yasmeen80859727 @ZainabFatima9_2 @DrSuriyaHaider @MaltiVishwaka12 @vishvictory @jatinsharma0571 घटते हुए भी जिंदगी में
कम से कम
इतना तो बाकी रहे -
मैं जानता हूँ कि
मुश्किल है पूरा चाँद
सहेज पाना अपनी तबीयत में
उम्र भर
पर कम से कम
ईद के चाँद भर तो
चाँद हम सब में बाकी रहे।।
~किताबगंज
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ये जानना कितना सुखद है
कि न्याय स्थापित करने के बाद
थका ईश्वर भी लौटता अपने घर है।
- किताबगंज @Kitabganj1 🩵
🎬 : Durandhar The revenge
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उनके कुर्सी पर जो
नरम सफ़ेद तौलिया है
वो उसी थान का है
जिससे हमारे कफ़न काटे गए हैं...!
- किताबगंज 🌷
@Kitabganj1

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हम जिस गली भी मिले
बसंत वही आया।
इस शहर में
हमारा मिलना कोई घटना नहीं
बल्कि
एक मौसम है।
- किताबगंज @Kitabganj1

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एक मित्र ने बताया आज कि गूगल सर्च पर AI टूल गुप्त प्रेमपत्र को "लोकप्रिय कविता संग्रह" कहता है।
क्या आपने अब तक किताबगंज का ये काव्य संग्रह पढ़ा है?
@Hindi_panktiyan @PanktiPrakashan

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तुम्हारे लिए एक फूल
लाना चाह था
पहाड़ों से-
पर वो रस्ते में ही
मुरझा गया।
शहर बहुत दूर है
यहाँ के फूलों के लिए।।
- किताबगंज🌷
फ़ोटो: @ImSury9

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