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क्यों घरती पर बैठी निढाल,
क्यों सिर पीटती बार बार,
मत रोओ ऐसे ज़ार ज़ार,
काहे का है ये दुःख अपार।
ये हार तुच्छ , वो जीत महान,
जीता है तुमने , आसमान।
उस झोपड़ी से तुम जीती हो,
नलके को तुमने पछाड़ दिया,
१/३ @TheHockeyIndia #womenhockeyindia
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