@Asharamjibapu__ Sant Shri Asharamji Bapu explains in detail that if mind is guided by scriptures of Dharma then a person becomes Divine.
#AsharamjiBapu
मन ही हमारे दुख सुख का और ऊंचाई-नीचाई का, पतन और उत्थान का कारण है। न ग्रहशास्त्र कारण है, न प्रारब्ध वेग कारण है, न ज्योतिष कारण है। हमारा मन ही हमारे पतन और उत्थान का कारण है। ये श्रीमद्भागवत के ग्यारहवें स्कंध में लिखा है और गीता कहती है, "आत्मैव आत्मनो बंधु।" मनुष्य अपने आप का बंधु है और अपने आप का शत्रु है। तो पुरुषार्थ ये करना है कि मन में जो आए, वो खा लिया, जो आए, वो बोल दिया, जैसा आए, वो कर लिया, तो अपने आप का सत्यानाश करने वाला है। अगर मन के आगे धर्मशास्त्र, ईश्वर आज्ञा, समाज व्यवस्था रखकर नियंत्रित करके मन को चलाया जाए, तो मन आपको ईश्वरमय कर सकता है। यहां है पुरुषार्थ।
#AsharamjiBapu
यह केवल नामों की वापसी नहीं, इतिहास की स्मृतियों की वापसी है।
लाहौर में कृष्ण नगर, धर्मपुरा, लक्ष्मी चौक जैसे पुराने नाम फिर चर्चा में हैं।
सीमाएँ बदलीं, सरकारें बदलीं…
लेकिन लोगों की यादों से इतिहास मिट नहीं पाया।
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आप भी अपने इष्ट का चिंतन करो और इष्ट के नाम का जप करो, केवल स्थूल शरीर पर ही फ़ायदा करता है यह विदेशियों की खोज अभी तो अन्नमय कोश तक आई है, लेकिन आपके ऋषियों की खोज तो प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय, आनंदमय कोशों की यात्रा करते करते सृष्टि कर्ता के उस आनंदकुंभ तक पहुंचाने की व्यवस्था है, मंत्र-ध्यान में।
मन्त्र जाप मम दृढ़ विस्वासा ।
पंचम भगति ये वेद प्रकाशा।।
ये भक्ति का पांचवां सोपान माना गया है।
#AsharamjiBapuQuotes
This year, #PurushottamMaas falls between 17th May & 15th June. This period is meant for Spiritual Growth & attaining inner peace. Sant Shri Asharamji Bapu has mentioned many practices for this month that enhance spiritual well-being & help in fulfilment of righteous desires.
Sant Shri Asharamji Bapu बताते हैं कि भगवान श्री कृष्ण का कथन है कि #PurushottamMaas में मेरे उद्देश्य से जो स्नान, दान, जप, होम, गुरु-पूजन, पितृतर्पण आदि शुभ कर्म किये जाते हैं, वे सब अक्षय हो जाते हैं। श्राद्ध, गर्भाधान संस्कार किये जा सकते हैं।
It imparts Spiritual Growth !
@LaraRitu@AmdAshram पूज्यश्री के दैवी सत्संग के अनुसार, पुरुषोत्तम मास में मानसिक जप का फल शारीरिक जप से हजार गुना होता है। यदि आप काम में व्यस्त भी हैं, तो मन ही मन 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का मानसिक जप करते रहें। अपनी Spiritual Growth को रुकने न दें। #PurushottamMaas 🧠🕉️
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Sant Shri Asharamji Bapu कहते हैं कि एक तो ब्रह्म में चित्त विचरण करे उसका नाम #Brahmacharya है। दूसरा, शरीर की जो 7वीं बहुमूल्य धातु है, उसकी रक्षा करना भी ब्रह्मचर्य है। सात्त्विक भोजन, कटि स्नान, तुलसी पत्तों का सेवन व ब्रह्मचर्य की पुस्तकों से संयम व Charitra Nirman होता है।
@AmdAshram जी हां,
जीवन को दिशाहीन होकर जीना सहजता नहीं, बल्कि आत्म-धोखा है। Sant Shri Asharamji Bapu के अनुसार, संयम ही वह शक्ति है जो हमारी वाणी और कर्मों में प्रभाव लाती है। श्रेष्ठ Charitra Nirman के लिए युवा पीढ़ी #Brahmacharya के महत्व को गहराई से समझे।
@AmdAshram भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि जो इस अत्यंत दुर्लभ पुरुषोत्तम मास को प्रमाद (आलस्य) में बिता देते हैं, वे जीवन के सबसे बड़े आध्यात्मिक लाभ से चूक जाते हैं। सुबह ब्रह्ममुहूर्त में उठें, भगवत्स्मरण करें और अपनी Spiritual Growth को गति दें। #PurushottamMaas 🪔
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हिमालय की दिव्य वादियों में बसे पंच केदार केवल तीर्थ नहीं, बल्कि शिवभक्ति, तप, प्रकृति और आत्मशुद्धि की जीवंत अनुभूति हैं। महाभारत से जुड़ी यह पावन यात्रा आज भी श्रद्धालुओं को अध्यात्म और सनातन संस्कृति से जोड़ती है। #PanchKedar#HarHarMahadevazaadbharat.org/?p=14494