Mangal Prabhat Lodha retweetledi

26/11 मुंबई आतंकी हमले को लेकर 2008 में गृह मंत्रालय में अधिकारी रहे आर.वी.एस. मणि के दावों ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि जब पूरा देश पाकिस्तानी आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की उम्मीद कर रहा था, तब कांग्रेस ”हिंदू आतंकवाद” का नैरेटिव गढ़ने में जुटी थी।
जरा सोचिए, अगर अजमल कसाब जिंदा न पकड़ा जाता, तो क्या पाकिस्तान की भूमिका कभी बेनकाब हो पाती? क्या कांग्रेस का नैरेटिव ही सच मान लिया जाता? और क्या 26/11 जैसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हमले को देश "हिंदू आतंकवाद" के नाम से जानता?
क्या "हिंदू आतंकवाद" का नैरेटिव पाकिस्तान को बचाने और हिंदुओं को बदनाम करने के लिए रचा गया एक कांग्रेसी षड्यंत्र था?
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