MANISH YADAV लालू
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MANISH YADAV लालू
@ManishPDA
Indian || Socialist || Political Analyst || State Accredited Journalist ||Founder & CEO: C10 News/ Senior Editor at Lucknow Post News Paper.
Lucknow Katılım Ağustos 2013
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बिहार में श्मशान के कोयले और हड्डियों से अगरबत्ती बनाने के कारोबार का पर्दाफाश बेहद गंभीर और चिंताजनक है। यह सिर्फ एक अवैध व्यापार नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और भावनाओं के साथ सीधा खिलवाड़ है।
जब देश और कई राज्यों में ऐसी सरकारें हैं जो खुद को हिंदू आस्था की रक्षक बताती हैं, तो फिर ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं?
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कल समाजवादी पार्टी कार्यालय में हुई मीटिंग में जिन लोगों को नहीं बुलाया गया है जिस वजह से वह अपना मनोबल छोटा कर रहे हैं उन्हें सपा प्रमुख अखिलेश यादव जी की है यह पोस्ट जरूर पढ़नी चाहिए।
कल समाजवादी पार्टी कार्यालय पर सोशल मीडिया के धुरंधर समाजवादी विचारधारा को मानने वाले साथियों की मीटिंग हुई थी
जिसमें कुछ ही साथियों को बुलाया गया था क्योंकि यह एक प्रारंभिक चरण था
आप तो जानते ही है समाजवादी पार्टी के चाहने वाले सोशल मीडिया भारी संख्या में है एक साथ सभी को नहीं बुलाया जा सकता, धीरे-धीरे इसी प्रकार के अन्य चरण भी पूरे किए जाएंगे जिसमें आप सभी को भी मौका दिया जाएगा
इसलिए अपना मनोबल छोटा ना करें अपना मुख्य उद्देश्य एक ही रखें 2027 में अखिलेश यादव जी को मुख्यमंत्री बनना है


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कल समाजवादी पार्टी ने एक सफल कार्यक्रम किया इसकी बहुत-बहुत बधाई
कल समाजवादी पार्टी कार्यालय में सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर यानी कि डिजिटल समाजवादी योद्धाओं को बुलाकर सम्मान दिया गया था
यह वही डिजिटल योद्धा है जो भाजपा की गलत नीतियों के खिलाफ भाजपा के षड्यंत्र के खिलाफ अपनी कलम चलाते हैं, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर को बुलाकर समाजवादी पार्टी ने पार्टी के लिए काम करने वाले लोगों का मनोबल बढ़ाया है
लेकिन इसी बीच कुछ साथी नाराज भी है क्योंकि उन्हें कोई सूचना नहीं मिली ना ही उन्हें बुलाया गया, लेकिन नाराज होने वाली कोई बात नहीं है इस कार्यक्रम में ज्यादातर इंस्टाग्राम और फेसबुक के इनफ्लुएंसर शामिल थे ट्विटर के कुछ लोग ही शामिल थे, बहुत लोग फेसबुक और इंस्टाग्राम के भी छूट गए हैं।
इसीलिए कुछ लोग इसपर अपनी नाराजगी सोशल मीडिया पर दिखा रहे कृपया वह लोग संयम बरते यह मीटिंग आगे भी होती रहेगी और आने वाले समय में अन्य लोगों को मौका मिलेगा
इसलिए अपने लक्ष्य पर काम करते रहे 2027 में अखिलेश यादव जी को मुख्यमंत्री बनाना है

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एक बार फिर पंडित शब्द पर विवाद उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार का सिस्टम आखिर पंडित के पीछे क्यों पड़ गया?
सवाल है वह कौन है, जो बिना पैर के दूर तक जाता है और साक्षर है लेकिन ‘पंडित’ नहीं है
बिना “पंडित” शब्द का नाम लिए यूपी सरकार के अफसरों और कर्मचारियों का खाना नहीं पच रहा!!
यूपी के सरकारी स्कूलों में 7वीं क्लास का संस्कृत का पर्चा पढ़िए!!

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