स्वतंत्रता दिवस की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ।
“15 अगस्त, 1947 को हमको स्वतंत्रता मिली। अंग्रेजों से हमने अपने देश को अपने हाथ में ले लिया। यह हमारे लिए गौरव का क्षण है और हमारे लिए संकल्प का भी क्षण है। यह यकायक नहीं हुआ। हमने लिया, किसी की कृपा से नहीं मिला, लंबा संघर्ष करने के बाद मिला।
वो तंत्र तो हमको मिल गया, लेकिन अब उसको स्व-तंत्र बनाना है। स्व-तंत्र होना यानि सब मामलों में स्व-निर्भर होना पड़ता है। हमारा राष्ट्रध्वज बताता है, हमको कैसा देश गढ़ना है। वो देश दुनिया में बड़ा होगा तो क्या होगा, वो अन्य लोगों पर राज नहीं करेगा, डंडा नहीं चलाएगा। वो तो अपने त्याग से दुनिया को गढ़ेगा, दुनिया के हित के लिए त्याग करेगा। हम यह सब समाज की, मानवता की, पर्यावरण की, सृष्टि की धारणा का धर्म पालन करके करेंगे।
इसके लिए हमको परिश्रम करना है। आने वाले दिनों में, ये नहीं पूछना कि मुझे क्या मिलेगा, मेरा देश मुझे क्या देता है, मेरा समाज मुझे क्या देता है? बल्कि, मैं अपने देश को क्या दे रहा हूँ, मैं अपने समाज को क्या दे रहा हूँ? मेरी उन्नति में मेरे समाज की, देश की उन्नति हो रही कि नहीं? इसका विचार करके ही अपना जीवन जिऊं, इसकी आवश्यकता है।”
- डॉ. मोहनराव भागवत, सरसंघचालक
(15 अगस्त, 2022)
RSS Sarkaryavah Shri Dattatreya Hosabale hoisted national flag during the Independence Day celebrations at Periyalwar Street-Thirumazhisai junction, East Tambaram, Chennai.
सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने महाल स्थित संघ कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
The demise of ex-Prant Sanghachalak of Gujarat RSS Shri Amrutbhai Kadiwala has left us all saddened beyond words. Shri Amrutbhai was a “Swayamsevak” personified not in just Sangh work but also in his professional, social, familial life.
“ श्री अमृतभाई कड़ीवाला का व्यावसायिक, सामाजिक, पारिवारिक तथैव संघ जीवन एक आदर्श “स्वयंसेवक”जैसा था। वे व्यवसाय, समाज, परिवार एवं संघ जीवन में श्रेष्ठता और उत्कृष्टता के साथ सुन्दर संतुलन बनाये रखते थे।”
प्रसिद्ध पत्रकार एवं न्यूज़ एंकर श्री रोहित सरदाना के अकल्पित निधन का समाचार अघातजनक एवं दुःखद है। रोहित जी अच्छी सकारात्मक पत्रकारिता के मापदंड थे। उनके जाने से पत्रकार सृष्टि में अपूरणीय रिक्तता महसूस होगी। उनके प्रति विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।
“His life was a prosperous and fine life,deeply aligned with Sangh’s thoughts and values,and a manifestation of Sangh’s core values in all four vistas of his life viz. personal,familial,social and professional.”
Tribute to Shri M.G.Vaidya by Pu. Sarsanghchalak & Maa. Sarkaryavah
“श्री बाबूरावजी वैद्य का जीवन व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक तथा आजीविका इन चतुर्विध आयामों में संघ संस्कारों की अभिव्यक्ति करने वाला संघानुलक्षी, संपन्न व सुंदर गृहस्थ जीवन था।”
श्री बाबूराव वैद्य जी के दुःखद निधन पर परमपूजनीय सरसंघचालक और माननीय सरकार्यवाह जी का शोक सन्देश :
Shri M. G. Vaidya, my father breathed his last today at 3.35pm at Nagpur after completing 97 years of active, meaningful and inspiring life. He was a veteran journalist, a Hndutva "Bhashyakar" and active Sangh (RSS) Swayamsevak for 9 decades.