
Bhagirath Choudhary
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Bhagirath Choudhary
@Manmora_jaat
@hanumanbeniwal अपणी जान है ओर जान से बढ़कर कुछ नहीं होता ❤️ Bhagirath Choudhary Shergarh, Rajasthan



राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी द्वारा लगातार सड़क से सदन तक उठाई गई आवाज़, युवाओं के अटूट संघर्ष तथा माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय और माननीय सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद राजस्थान सरकार व राजस्थान लोक सेवा आयोग को आखिरकार S.I.भर्ती 2021 को रद्द करते हुए इस भर्ती का पुनः (Re-Exam) कराने का निर्णय लेना पड़ा | यह निर्णय अचानक नहीं आया, बल्कि हजारों युवाओं के लंबे संघर्ष, RLP के आंदोलन, धरनों, ज्ञापनों और न्याय की लड़ाई का परिणाम है। जब प्रदेश के युवा भर्ती प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ आवाज़ उठा रहे थे, तब सत्ता में बैठे लोगों ने लगातार मामले को दबाने और युवाओं की मांगों को अनदेखा करने का प्रयास किया, सरकार ने बार-बार दोगलापन दिखाया, लेकिन सच्चाई ज्यादा समय तक छिप नहीं सकी। आज यह फिर से स्पष्ट हो चुका है कि युवाओं की लड़ाई सही थी और उनकी मांग न्यायसंगत थी। यह सिर्फ SI भर्ती का मुद्दा नहीं था, बल्कि प्रदेश के हर उस युवा के सम्मान और भविष्य की लड़ाई थी जो दिन-रात मेहनत करके अपने सपनों को पूरा करना चाहता है लेकिन भजनलाल सरकार ने पुन: परीक्षा करवाने के इस निर्णय में भी केवल उन्हीं 383097 अभ्यर्थियों को मौका देने का निर्णय लिया है जो इस परीक्षा में उपस्थित हुए थे जबकि इस परीक्षा के लिए करीबन 8 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था ऐसे में शेष रहे 3 लाख से अधिक अभ्यर्थी जिन्होने इस SI भर्ती परीक्षा 2021 के लिए आवेदन दिया था परन्तु किसी कारण से वो इस परीक्षा में उपस्थित नहीं हो पाए थे उनके साथ कुठाराघात कर रही है ,ऐसे में हमारी मांग है कि सरकार उन तमाम अभ्यर्थियों को मौका दे जिन्होंने इस भर्ती परीक्षा में सम्मिलित होने का आवेदन दिया था क्योंकि बंगाल शिक्षक भर्ती व राजस्थान की EO/ RO भर्ती में भी भर्तियों के रद्द होने के बाद दुबारा हुई परीक्षा में उन तमाम अभ्यर्थियों को मौका दिया गया जिन्होंने इन परीक्षाओं के लिए आवेदन किया था | राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी हर मेहनतकश युवा के साथ मजबूती से खड़ी थी, खड़ी है और आगे भी रहेगी। @BhajanlalBjp @RajCMO



राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी द्वारा लगातार सड़क से सदन तक उठाई गई आवाज़, युवाओं के अटूट संघर्ष तथा माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय और माननीय सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद राजस्थान सरकार व राजस्थान लोक सेवा आयोग को आखिरकार S.I.भर्ती 2021 को रद्द करते हुए इस भर्ती का पुनः (Re-Exam) कराने का निर्णय लेना पड़ा | यह निर्णय अचानक नहीं आया, बल्कि हजारों युवाओं के लंबे संघर्ष, RLP के आंदोलन, धरनों, ज्ञापनों और न्याय की लड़ाई का परिणाम है। जब प्रदेश के युवा भर्ती प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ आवाज़ उठा रहे थे, तब सत्ता में बैठे लोगों ने लगातार मामले को दबाने और युवाओं की मांगों को अनदेखा करने का प्रयास किया, सरकार ने बार-बार दोगलापन दिखाया, लेकिन सच्चाई ज्यादा समय तक छिप नहीं सकी। आज यह फिर से स्पष्ट हो चुका है कि युवाओं की लड़ाई सही थी और उनकी मांग न्यायसंगत थी। यह सिर्फ SI भर्ती का मुद्दा नहीं था, बल्कि प्रदेश के हर उस युवा के सम्मान और भविष्य की लड़ाई थी जो दिन-रात मेहनत करके अपने सपनों को पूरा करना चाहता है लेकिन भजनलाल सरकार ने पुन: परीक्षा करवाने के इस निर्णय में भी केवल उन्हीं 383097 अभ्यर्थियों को मौका देने का निर्णय लिया है जो इस परीक्षा में उपस्थित हुए थे जबकि इस परीक्षा के लिए करीबन 8 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था ऐसे में शेष रहे 3 लाख से अधिक अभ्यर्थी जिन्होने इस SI भर्ती परीक्षा 2021 के लिए आवेदन दिया था परन्तु किसी कारण से वो इस परीक्षा में उपस्थित नहीं हो पाए थे उनके साथ कुठाराघात कर रही है ,ऐसे में हमारी मांग है कि सरकार उन तमाम अभ्यर्थियों को मौका दे जिन्होंने इस भर्ती परीक्षा में सम्मिलित होने का आवेदन दिया था क्योंकि बंगाल शिक्षक भर्ती व राजस्थान की EO/ RO भर्ती में भी भर्तियों के रद्द होने के बाद दुबारा हुई परीक्षा में उन तमाम अभ्यर्थियों को मौका दिया गया जिन्होंने इन परीक्षाओं के लिए आवेदन किया था | राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी हर मेहनतकश युवा के साथ मजबूती से खड़ी थी, खड़ी है और आगे भी रहेगी। @BhajanlalBjp @RajCMO


विगत दिनों नर्सिंग कर्मी दीपक ने सिस्टम की प्रताड़ना से आहत होकर आत्महत्या कर ली थी,उसके बाद जयपुर स्थित SMS अस्पताल में न्याय की मांग को लेकर आंदोलन हुआ और अब दिवंगत दीपक की गर्भवती पत्नी द्वारा आत्महत्या का प्रयास करना अत्यंत पीड़ादायक और सरकार की संवेदनहीनता का प्रमाण है। एक परिवार ने पहले अपना बेटा, पति और सहारा खोया, और अब स्वर्गीय दीपक की गर्भवती पत्नी भी मानसिक आघात के कारण जीवन-मृत्यु से जूझ रही है क्योंकि @RajCMO के निर्देश के बाद एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ,SMS मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों की मौजूदगी में दीपक की पत्नी को संविदा नौकरी देने सहित अन्य मांगों पर जो सहमति बनी उस पर सरकार अभी तक खरा नहीं उतर पाई | मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp को कहना चाहता हूं कि यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उन हजारों कर्मचारियों की पीड़ा है जिन्हें आपकी BJP सरकार की वजह से असुरक्षा और अन्याय का सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार तत्काल अपने वादे के अनुसार पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता एवं स्थायी रोजगार प्रदान करें तथा स्वर्गीय दीपक की गर्भवती पत्नी के समुचित इलाज और सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार उठाए |





विगत दिनों नर्सिंग कर्मी दीपक ने सिस्टम की प्रताड़ना से आहत होकर आत्महत्या कर ली थी,उसके बाद जयपुर स्थित SMS अस्पताल में न्याय की मांग को लेकर आंदोलन हुआ और अब दिवंगत दीपक की गर्भवती पत्नी द्वारा आत्महत्या का प्रयास करना अत्यंत पीड़ादायक और सरकार की संवेदनहीनता का प्रमाण है। एक परिवार ने पहले अपना बेटा, पति और सहारा खोया, और अब स्वर्गीय दीपक की गर्भवती पत्नी भी मानसिक आघात के कारण जीवन-मृत्यु से जूझ रही है क्योंकि @RajCMO के निर्देश के बाद एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ,SMS मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों की मौजूदगी में दीपक की पत्नी को संविदा नौकरी देने सहित अन्य मांगों पर जो सहमति बनी उस पर सरकार अभी तक खरा नहीं उतर पाई | मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp को कहना चाहता हूं कि यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उन हजारों कर्मचारियों की पीड़ा है जिन्हें आपकी BJP सरकार की वजह से असुरक्षा और अन्याय का सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार तत्काल अपने वादे के अनुसार पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता एवं स्थायी रोजगार प्रदान करें तथा स्वर्गीय दीपक की गर्भवती पत्नी के समुचित इलाज और सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार उठाए |

