
@rajkumarbhatisp धर्म एव हतो हन्ति, धर्मो रक्षति रक्षितः।
तस्माद्धर्मो न हन्तव्यो, मा नो धर्मो हतोऽवधीत्॥
जो धर्म (नैतिकता, कर्तव्य, और न्याय) का विनाश करता है,धर्म उसका विनाश करता है; और जो धर्म की रक्षा करता है,धर्म उसकी रक्षा करता है। इसलिए धर्म का कभी त्याग नहीं करना चाहिए।
सनातन धर्म की जय

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