मुख्यमंत्री की त्वरित कार्रवाई, कलेक्टर को फ़ोन पर दिए निर्देश
सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र की चेराजोबला बस्ती में पेयजल समस्या से संबंधित खबर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने लिया तत्काल संज्ञान
तुरंत हैंडपंप स्थापित करने और वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए
समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश
जनसमस्याओं के प्रति सजगता ही सुशासन सरकार की पहचान है।
सुशासन साकार होता है नीतियों से, नीयत से और प्रतिबद्धता से…
आज छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में जो परिवर्तन दिखाई दे रहा है, वह इसी सुशासन की पहचान है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन से लेकर RTE के अंतर्गत आवेदन और चयन तक की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया गया है।
विष्णुदेव सरकार का एक ही संकल्प है, हर बच्चे को मिले गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, हर परिवार को मिले विश्वास।
@GajendraYdvBJP@BJP4Bengal हम सभी डीएड अभ्यर्थी के साथ न्याय कब होगा शिक्षा मंत्री जी हम अपनी जायज़ मांगों के लिए पिछले 4 महीने से तुता धरना स्थल पर है लेकिन हमें हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलने के बाद भी सरकार से न्याय नहीं मिला जल्द हमारे लिए सकारात्मक निर्णय ले
छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती 2023 को लेकर डीएड अभ्यर्थियों का आमरण अनशन 80वें दिन में प्रवेश कर गया है, लेकिन सरकार और शिक्षा विभाग की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। जब माननीय हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला दिया जा रहा है, तो फिर उन आदेशों के पालन में आखिर इतनी देरी क्यों हो रही है? अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में भारी लापरवाही हुई और बिना मेरिट सूची को सही ढंग से पुनर्गठित किए स्कूल आवंटन कर दिया गया। अगर यह सच है तो यह केवल प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी माना जाएगा।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब 1316 पात्र डीएड अभ्यर्थी अपने अधिकार के लिए 80 दिनों से धरना स्थल पर बैठे हैं, तो क्या शासन-प्रशासन को उनकी पीड़ा दिखाई नहीं दे रही? लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं को सड़क पर बैठकर न्याय मांगने की नौबत क्यों आ रही है?
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