NEYU MADHYAPRADESH retweetledi

ये तो जनता के मुद्दे ही नहीं हैं ना…
जनता का मुद्दा तो बस 15 का समोसा 10 में, 28 ka recharge 30 din...
Trains में लोग जानवरों से भी बदतर हालत में सफर कर रहे हैं…
इंदौर में लोग पानी के लिए सड़कों पर हैं…
बेरोज़गारी बढ़ रही है…
पेपर leak हो रहे हैं…
मिलावट से लोग बीमार हो रहे हैं…
सरकारी अस्पतालों की हालत खराब है…
लेकिन संसद में इन मुद्दों पर गंभीर बहस कितनी होती है?
देश में लोग साफ हवा, पानी, नौकरी और सुरक्षित सफर जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
देश slogans, reels और emotional politics से नहीं चलता…
Hansraj Meena@HansrajMeena
मुंबई लोकल में रोज़ाना लाखों लोग इंसानों की तरह नहीं, “कॉकरोच” की तरह धक्के खाकर सफर करने को मजबूर हैं। 2025 में ही मुंबई रेलवे में 2200+ मौतें होना बताता है कि आम जनता की जान की कीमत आज भी सबसे कम है।
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