हर तरफ हुस्न है,जवानी है
आज की रात क्या सुहानी है
रेशमी जिस्म थरथराते है
मर्मरी ख्वाब गुनगुनाते है,
धड़कनो मे सुरूर फैला है
रंग नजदीक फैला है
दावत-ऐ-इश्क हो रही है फ़जा
मुहब्बत न होती तो कुछ न होता,
मुहब्बत के दम से है दुनिया की रौनक
मेरा मशवरा काम की चीज है ....😍