झुकी निगाहों में शरारत भी है और हया भी,
इस सादगी भरे अंदाज़ में कोई अदा भी है !
लबों पर जो खेलती है ये धीमी सी मुस्कान,
इसमें खामोशी भी है एक अनकही सदा भी है !!
तेरा चेहरा चाँद सा, दिल ये दीवाना है,
तेरी हर इक अदा पे मरना भी बहाना है।
तेरी आँखों में जैसे पूरा जहाँ बसा,
उनमें डूब जाना ही अब तो ठिकाना है।
तेरी बातों में घुली मीठी सी ये खुशबू,
हर लफ़्ज़ तेरा जैसे कोई तराना है।