Sabitlenmiş Tweet

माँ… यह सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि त्याग, प्रेम और बलिदान की जीवित प्रतिमा है।
बरगी डेम हादसे के 15 घंटे बाद सामने आई यह तस्वीर इंसानियत को झकझोर देने वाली है। अंतिम क्षणों में भी एक माँ ने अपने बच्चे को सीने से ऐसे थामे रखा, मानो मौत से भी लड़ रही हो… मानो कह रही हो “मेरे रहते मेरे बच्चे को कुछ नहीं होगा।”
यह दृश्य सिर्फ दिल नहीं तोड़ता, बल्कि हमें माँ के उस असीम साहस और निस्वार्थ प्रेम का एहसास कराता है, जिसकी कोई सीमा नहीं।
माँ का प्रेम अनंत है, उसका त्याग अतुलनीय है, और उसका साहस अद्भुत। ऐसी ममतामयी माँ को शत-शत नमन।

हिन्दी





















