Nitish Kumar🚩
5.3K posts

Nitish Kumar🚩
@Niteeshkumar108
जिन्दगी मौत की अमानत है 🇮🇳 जय हिंद जय जवान 🇮🇳 🏋physical and sport.🏌 🚩जब #सुकून न मिले, दिखावे की #बस्ती मे, तब #खो जाना..., #महाकाल की मस्ती मे...!⛺






बिहार के 2300 शारीरिक शिक्षकों की पीड़ा बिहार में बहाल लगभग 2300 शारीरिक शिक्षक पिछले चार वर्षों से अंशकालिक व्यवस्था की मार झेल रहे हैं। इन शिक्षकों को “अनुदेशक” का नाम देकर नियुक्त तो किया गया, लेकिन आज तक इन्हें पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा नहीं दिया गया। नतीजा यह है कि ये शिक्षक बेहद कम वेतन और अस्थिर नौकरी की स्थिति में काम करने को मजबूर हैं। इन शिक्षकों को प्रतिमाह मात्र लगभग 16,000 रुपये का वेतन दिया जाता है, जो वर्तमान महंगाई और जीवन यापन की लागत के मुकाबले बहुत ही कम है। इतना ही नहीं, कई शिक्षकों की पोस्टिंग उनके घर से 80 से 100 किलोमीटर दूर विद्यालयों में है। रोज इतनी लंबी दूरी तय करके विद्यालय पहुँचना उनके लिए आर्थिक और शारीरिक दोनों रूप से बेहद कठिन हो गया है। पिछले चार वर्षों से ये शिक्षक लगातार सरकार से अनुरोध, निवेदन और ज्ञापन देकर अपनी स्थिति सुधारने की मांग कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि उन्हें अंशकालिक से पूर्णकालिक शिक्षक बनाया जाए और उनके वेतन तथा सेवा शर्तों को नियमित किया जाए। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि अब तक उनकी आवाज़ को गंभीरता से नहीं सुना गया है। शारीरिक शिक्षा बच्चों के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। खेल और स्वास्थ्य शिक्षा से ही बच्चों में अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ जीवन शैली का विकास होता है। इसके बावजूद शारीरिक शिक्षा देने वाले इन शिक्षकों को ही सबसे अधिक उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है। आज इन 2300 शिक्षकों की स्थिति ऐसी हो गई है कि वे खुद को उपेक्षित और असहाय महसूस कर रहे हैं। “अनुदेशक” का नाम देकर उन्हें मानो संघर्षपूर्ण जीवन जीने के लिए छोड़ दिया गया है। वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि उनके काम और समर्पण का सम्मान हो, उन्हें पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा मिले और एक सम्मानजनक वेतन दिया जाए। सरकार से अपेक्षा है कि वह इन शिक्षकों की समस्याओं को संवेदनशीलता से समझे और जल्द से जल्द कोई ठोस निर्णय लेकर उनकी वर्षों पुरानी मांग को पूरा करे, ताकि वे भी सम्मान और सुरक्षा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। #16000_कलंक_वेतन @AbhayK10343 @ChapraZila @PratikVoiceObc @samrat4bjp @sunilkbv @Office_Shreyasi @RajeshKumar_01 @Vibhanw18 @priyanka2bharti @anarkaliofara @priyankagandhi @SanjayAzadSln @Kanchanyadav000 @ManojSinghKAKA @DrLaxman_Yadav @JaikyYadav16 @BSSABihar @PRD_Bihar @BJP4Bihar @RJDforIndia @yadavtejashwi @TejYadav14 @NainaforTruth @yadavakhilesh @BiharTakChannel @JagranNews







पटना : शारीरिक शिक्षकों का प्रदर्शन, गर्दनीबाग में किया प्रदर्शन, 16 हजार रु. मिलता है मानदेय, सेवा पूर्णकालिक करने की रखी मांग |


पटना : गर्दनीबाग में फिजिकल टीचर का धरना...RJD विधायक और खिलाड़ी संगठन के अध्यक्ष ने किया समर्थन #BiharNews





माननीय मुख्यमंत्री @NitishKumar माननीय शिक्षा मंत्री @sunilkbv और माननीय ACS @BiharEducation_ जी ये है अभय कुमार मिश्रा भागलपुर के मध्य विद्यालय में नियुक्त शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक ये कभी वॉलीबॉल के नेशनल प्लेयर हुआ करते थे आज सरकारी नौकरी करते भी अपने परिवार को भरपेट भोजन , दवा उपलब्ध नहीं करवा पाते है क्योकी इनकी सैलरी सिर्फ 16000 है जबकी उसी स्कूल के दूसरे शिक्षक को 16000 महगाई भत्ता मिलता है नए साल की शुभकामनाएं के साथ सरकार से कुछ सवाल किये हैं जिस पर सरकार और शिक्षा विभाग को समीक्षा करनी चाहिए 1. MATRIC+INTER+BA+BPED+STET उत्तीर्ण होने बाद भी सैलरी सिर्फ 16000 क्यो ? 2. अंशकालिक नौकरी 60 साल के लिए ? 3. NEP 2020 से कक्षा 6-12 के लिए शारीरिक शिक्षा के लिए किताब लागु हो गया आखिर कौन पढायेगा ? 4. खेल गतिविधी और शारीरिक गतिविधि कौन सिखाएगा कौन कराएगा ? 5. क्या सिर्फ हर दिन 1 घंटी (50मिनट) में कक्षा 6-12 के बच्चों को सारी गतिविधि संभव है 6. अनुदेशक में 70% लोग कोई ना कोई खेल से जुड़ा है जब खुद इनका परिवार सैलरी सिर्फ 16000 में नहीं चल पा रहा है तो कैसे ग्रामीण बच्चे और उनके अभिभावक को खेल के प्रति जागरूक करेंगे ? साग्रह निवेदन है एक बार समीक्षा किया जाए वेतनमान दिया जाए 🙏🙏🙏🙏🙏










माननीय प्रधानमंत्री जी बिल्कुल सही कह रहे हैं वॉलीबॉल हमें सिखाती है कोई भी जीत अकेली नहीं होती है लेकिन बिहार में @BJP और उनके सहयोगी पार्टी @NitishKumar @sunilkbv @iChiragPaswan @jitanrmanjhi @UpendraKushRLM प्रधानमंत्री जी की बातो से सहमति नहीं है बिहार में सभी तरह के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय आयोजान किया जाता है दूसरे राज्य और दूसरे देश के लोगों को सम्मानित करते है लेकिन अपने ही राज्य के स्कूल में नियुक्त शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक को सैलरी सिर्फ 16000 में अपमानित करती है शिक्षा विभाग अनुदेशक को सिर्फ 45 मिनट ( चेतना सत्र में) स्कूल में रहने के लिए कहते हैं लेकिन अनुदेशक अपमानित होकर भी पूरा पूरा दिन स्कूल में रहकर छात्र को अलग-अलग खेल में प्रशिक्षित कर रहा है जो खेल विभाग और शिक्षा विभाग को अच्छे से पता है जिसका जीता जागता उदाहरण मशाल प्रतियोगिता है 90% अनुदेशक कोई ना कोई खेल के पूर्व खिलाड़ी है जब सम्राट चौधरी, चिरागपासवान जी, जीतनराम मांझी, उपेन्द्र कुशवाहा जी विपक्ष में थे वेतनमान देने की मांग कर रहे थे लेकिन सत्ता में आते ही खामोश है माननीय प्रधानमंत्री , मुख्यमंत्री और सभी नेता से अनुरोध है शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक को वेतनमान देने की कृपा करेंगे

