
Nation first
34.9K posts




ये लो @RakeshGurjar019 जी 🤪 हम तो पहले से ही कह रहे थे कि रामकेश मीणा आग लगाकर भागने वाले आदमी हैं यह तो भला हो किरोड़ी लाल मीणा का जिसने मीणा समाज की कमान अपने हाथ में ले ली.. पहले मेमनाओ अपने समाज को एकजुट कर लो तब गुर्जरों से सामना करना 🔥 @NekadiGanesh @Dev_unfiltered_






मखा बुड़बक तेरे दादा का जन्म भी नहीं हुआ था तब से मीणा जी देश सेवा कर रहे हैं जो अभी भी कर रहे हैं पांच वीं पीढी चल रही हैं और मैडल देख इतने हैं जो तेरे गुज्जर समाज के एक भी घर में नहीं मिलेंगे अनपढ़ लोग जाहिल लोग हमारे को ज्ञान दे रहे हैं साले


‘हवा में उड़ते हुए’ सड़क परिवहन मंत्री का इंटरव्यू सवाल : आपने जो आम दिए हैं वे खट्टा है। जवाब : आप इमली की बात मत कीजिए। इथेनॉल के मुद्दे पर नितिन गडकरी के इस इंटरव्यू का एक पंक्ति में सा सार यही है। पूरा इंटरव्यू सुन लीजिए। अगर आप अपना माथा नहीं पकड़ लेंगे तो फिर कहिएगा! मेघा ने माइलेज के मुद्दे पर पहले सवाल से ही घेरा। अपनी गाड़ी की माइलेज का भी उदाहरण दिया। पर गडकर ने कहा, माइलेज मापने की मशीन घर में नहीं होती, डीलर से जांच कराइए! दिक़्क़त हो तो कंज़्यूमर कोर्ट जाइए! मतलब कुछ भी! माइलेज बताने का मीटर घर में नहीं होता पर हर गाड़ी में तो होता ही है। इसको नकार दिया गडकरी ने! कार कंपनियों के लिए ये बहुत ही आपत्तिजनक बात है कि दशकों से हर कार के साथ बनाए गए उनके माइल-मीटर पर गडकरी ने सवाल उठा दिया है! पर शायद कार कंपनियाँ गडकरी की इस बात के ख़िलाफ़ फिर भी ना बोलें! संभवतः कोई डर या दबाव होगा! नहीं तो कार कंपनियों को सामने आकर स्वीकारने चाहिए कि कार में फिट माइल-मीटर धोखा है! बात इतनी भर नहीं है। क़रीब आधे घंटे के इस इंटरव्यू में गडकरी ने किसी सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया है। गोल गोल घुमाया है। ज़्यादा कुरेदने पर अपरोक्ष रूप से FIR और परोक्ष रूप से Defamation केस तक की धमकी दी है! सवाल पूछा जा रहा है E10 वाली गाड़ियों में E20 डाले जाने की और जवाब दे रहे हैं 100% इथेनॉल या पेट्रोल से चलने वाले फ़्लेक्सी फ़्यूल इंजन की! इथेनॉल के बाद भी पेट्रोल सस्ता क्यों नहीं हुआ? जवाब : आयं बाएँ साएं जब एक सवाल का जवाब न सूझा तो पेट्रोलियम मिनिस्ट्री पर बात टाल दी! इस पूरे इंटरव्यू पर एर रिसर्च पेपर लिखा जा सकता है। रिसर्च पेपर इस बात पर कि जब तर्क और तथ्य न पेश कर पा रहे हों तो अपनी ज़िद को सही साबित करने के लिए इंटरव्यू नहीं देना चाहिए। बहुत लंबा लिखा जा सकता है। लेकिन निचोड़ ये कि अगर प्रधानमंत्री @narendramodi अपने मंत्री @nitin_gadkari की इन तमाम बातों को सुनने के बाद भी इन पर समुचित ‘नीतिगत’ कार्रवाई नहीं करते हैं तो फिर समझ लीजिए कि ईश्वर नहीं, अब इथेनॉल ही सबका मालिक है 🙏 और अंत में @MeghaSPrasad के लिए एक शब्द Superb 🙌 Video Credit @ABPNews YT


मेवात के मेव समुदाय के इतिहास के अनुसार, हिंदू से इस्लाम अपनाने वाले मुख्यतः राजपूत, मीणा, गुज्जर और संबंधित किसान/योद्धा जातियाँ थीं। ये भूमिपति या कृषक समुदाय थे (जो खुद को क्षत्रिय वंश का दावा करते थे), न कि दलित जातियाँ। रूपांतरण सूफी संतों (गाजी सैय्यद सलार मसूद आदि) के प्रभाव से 11वीं-17वीं सदी के बीच धीरे-धीरे हुआ। मेवों ने अपनी हिंदू गोत्र-परंपराएँ काफी हद तक बनाए रखीं। दलित रूपांतरण का कोई प्रमुख प्रमाण मेवात में मेव पहचान के निर्माण में नहीं मिलता।


























