Prem
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Unknown Katılım Ekim 2019
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'यदि तुम बहादुर होते तो मुस्लमान बनते ही क्यों.?
3 अप्रैल 1967 को "चौधरी चरण सिंह" 'उत्तर प्रदेश' के मुख्यमंत्री बने थे.....*
उस समय उत्तर प्रदेश के विधानसभा में दो मुसलमान थे !
एक दिन विधानसभा भवन में एक *कमाल यूसुफ* नाम के विधायक ने *"चौधरी चरण सिंह"* से कहा कि *चौधरी साहब* आप केवल हिंदुओं की वोटों से ही मुख्यमंत्री नहीं बने हो, हमने भी तुम्हें वोट दी हैं... अब हमारी कुछ मांग हैं वह आपको माननी पड़ेगी !
*चौधरी साहब* ने कहा यदि तुम्हारी मांग मैं ना मानूं तो क्या करोगे... उस मुस्लिम विधायक ने कहा कि *मुसलमान जन्मजात लड़ाकू होता है* बहादुर होता है यदि तुम हमारी मांग स्वीकार नहीं करोगे तो हम लड़ करके अपनी मांगे मनवायेंगे !
चौधरी साहब ने कहा - *"के नीचे बैठ जा वरना जितना ऊपर खड़ा है उतना ही तुझे जमीन में उतार दूंगा ! तुम बहादुर कब से हो गए ? मुसलमान बहादुर बिल्कुल नहीं होता , एक नंबर का कायर होता है ! तुम यदि बहादुर होते तो मुसलमान बनते ही क्यों , यह जितने भी हिंदुओं से मुसलमान बने हैं यह तलवार के बल पर बने हैं ! जो तलवार की नोक को देखकर ही अपने धर्म को छोड़ सकता है और विधर्मी बन सकता है वह बहादुर कैसे हो सकता है !*
*बहादुर तो हम हैं कि हमारे पूर्वजों ने 700 साल तक मुसलमानों के साथ तलवार बजाई है ! लाखों ने अपना बलिदान दिया है ! लेकिन मुसलमान नहीं बने , तो बहादुर हम हुए या तुम हुए ! तलवार को देखते ही धर्म छोड़ बैठे आज तुम बहादुर हो तुम्हें तो अपने आप को कायर कहना चाहिए , और जो भी हिंदुओं से बना हुआ मुसलमान है पक्का कायर है क्योंकि तुमने इस्लाम को स्वीकार किया था , और मैं तुम्हारी एक भी मॉंग मानने वाला नहीं हूं जो तुम्हें करना हो कर लेना, मैं देखना चाहता हूं तुम कितने बहादुर हो"*
'धन्य हैं ऐसे मुख्य मंत्री !'* 🚩🇮🇳😘🙏🙏🏻🙏🫡

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मैं किसी की पसंदीदा नहीं हूँ
और अब बनना भी नहीं चाहती
मैं ज़रूरत के हिसाब से पसंद की गई हूँ,
दिल से नहीं,
पर अब फर्क नहीं पड़ता
कौन क्या सोचता है, किसे क्या कहना है
मुझे खुद को जानने का हक है
मैं किसी को जज नहीं करती,
कोई बात करे तो कर लेती हूँ
न करे तो भी ठीक हूँ....
अब अकेलापन बोझ नहीं, मेरी ताकत है
क्योंकि जो मैं हूँ वो दुनिया नहीं जानती
मुझे सच में अगर कोई जानता है,
तो वो मैं खुद हूँ
बाकी सबने मुझे उतना ही समझा,
जितनी उन्हें मेरी ज़रूरत थी....
शुभ प्रभात

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