Pankaj Rathor retweetledi

ये दादी मुझे जौनपुर के खुटहन में मिली। इनका घर यहीं किसी राउतपुर गांव में है। बैंक में पता करने गई थी कि वृद्धा पेंशन आई है या नहीं। बैंक के कर्मचारी ने कहा कि कोई पेंशन नहीं आई है।
दादी के पति की मौत 18 साल पहले हो गई थी। 3 बेटे हैं अब तीनों का अपना परिवार है। सभी अपनी दुनिया में बिजी हैं। दादी ने जब कहा दो दिन से खाना नहीं मिला तो मेरा हलख सूख गया।
दादी पिछले 10 साल से पेंशन बनवाने के लिए भटक रही हैं। जनप्रतिनिधि कहते हैं अगले महीना बन जाएगा। इस आश्वासन पर वह भरोसा कर लेती हैं। अब तक करीब 50 बार बैंक गई लेकिन पेंशन जैसी किसी स्कीम का पैसा नहीं मिला।
जौनपुर के युवा नेताओं, जनप्रतिनिधियों से अपील है कि दादी का भला करिए। मैंने बहुत थोड़ी सी मदद की। अब आप देखिए। दादी की पीड़ा मौजूदा सरकारी सिस्टम समझ पाने में फेल रहा है।

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