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@Pdbenwal
RESLA, VP . NMOPS, किसान-पुत्र, जो प्राप्त वही पर्याप्त, ,सत्यमेव जयते,कर्म ही पूजा है। जय वीर तेजा जी महाराज
Hmg , India Katılım Nisan 2017
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प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत हमारे सभी व्याख्याता साथियों व शिक्षक बंधुओं से संगठन की अपील है कि #प्रवेशोत्सव_अभियान के लिए अपनी समर्पित प्रतिबद्धता के साथ मेहनत कर रिकार्ड नामांकन वृद्धि करें।
प्रिय शिक्षक साथियों , आप सभी के समर्पण , सतत परिश्रम एवं शैक्षणिक दक्षता के परिणामस्वरूप इस वर्ष माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के परीक्षा परिणामों में राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। अनेक विद्यार्थियों ने मेरिट में स्थान प्राप्त किया , शत-प्रतिशत परिणाम दर्ज हुए तथा सीमित संसाधनों के बावजूद उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण का निर्माण संभव हुआ। यह उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि पूरे सत्र में शिक्षकों ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम जैसे महत्त्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन भी समान निष्ठा से किया।
अब आवश्यकता है कि इस शैक्षणिक उत्कृष्टता को आधार बनाकर हम राजकीय विद्यालयों में नामांकन वृद्धि के लक्ष्य को प्राथमिकता दें।
राजकीय विद्यालय केवल शिक्षा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि सामाजिक समरसता, समान अवसर और राष्ट्र निर्माण के सशक्त माध्यम हैं। नामांकन में वृद्धि निम्नलिखित दृष्टियों से अत्यंत आवश्यक है :-
1. शिक्षा का सार्वभौमिक अधिकार सुनिश्चित करना - अधिक नामांकन से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ हो सकेगी , जिससे शिक्षा में समानता का लक्ष्य साकार होगा।
2. संस्थागत सुदृढ़ीकरण एवं पद सृजन - विद्यालयों में पर्याप्त नामांकन होने पर स्टाफिंग पैटर्न के अनुसार पदों का संरक्षण एवं नवीन पदों का सृजन संभव होगा, जिससे शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
3. विद्यालयों के एकीकरण (Merger) की प्रक्रिया पर नियंत्रण - कम नामांकन के आधार पर विद्यालयों के मर्ज अथवा बंद होने की संभावना बनी रहती है। नामांकन वृद्धि इस प्रवृत्ति को रोकने का प्रभावी उपाय है।
4. शिक्षकों के हितों का संरक्षण - पर्याप्त नामांकन के अभाव में पद समाप्ति या स्थानांतरण की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अतः नामांकन वृद्धि शिक्षकों की स्थायित्व एवं कार्यस्थल सुरक्षा से भी प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी है।
कम नामांकन के दुष्परिणाम हो सकते हैं :-
1. विद्यालयों के अस्तित्व पर संकट - कम नामांकन प्रशासन को विद्यालयों के एकीकरण/समापन का आधार प्रदान करता है, जिससे सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था कमजोर होती है।
2. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर अतिरिक्त बोझ - सरकारी विद्यालयों की उपेक्षा के कारण अभिभावकों को निजी विद्यालयों में उच्च शुल्क वहन करना पड़ता है, जबकि समान या बेहतर शिक्षा राजकीय विद्यालयों में निःशुल्क उपलब्ध है।
3. रोजगार के अवसरों में कमी - कम नामांकन के कारण पदों की संख्या घटती है, जिससे भविष्य की भर्तियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
अतः आप सभी से अपेक्षा है कि इस जनहितकारी अभियान को मिशन मोड में संचालित करें
✍️प्रत्येक शिक्षक अपने कार्यक्षेत्र में घर-घर संपर्क अभियान चलाएँ।
✍️अभिभावकों को राजकीय विद्यालयों के उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम एवं सुविधाओं की जानकारी दें।
✍️स्थानीय समुदाय, अभिभावक संघ, महिला समूह एवं युवाओं को इस अभियान से जोड़ें।
✍️विद्यालय स्तर पर नामांकन को एक सामूहिक उत्तरदायित्व के रूप में स्वीकार करें।
राज्य सरकार से भी निवेदन है कि विद्यालयों के एकीकरण अथवा समापन के निर्णय से पूर्व नामांकन वृद्धि हेतु विशेष अभियान चलाने, संसाधनों के सुदृढ़ीकरण एवं जनजागरूकता पर बल दिया जाए। विद्यालयों को बंद करना समाधान नहीं, बल्कि उन्हें सशक्त बनाना ही दीर्घकालिक उपाय है।
यदि प्रदेश का एक भी विद्यालय केवल कम नामांकन के कारण बंद होता है, तो यह हम सभी के लिए चिंतन का विषय है। अतः आइए, हम सभी शिक्षक इस चुनौती को स्वीकार करें और समन्वित प्रयासों से राजकीय विद्यालयों में रिकॉर्ड नामांकन वृद्धि सुनिश्चित कर सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएं।
डॉ. अशोक जाट
प्रदेश महामंत्री, रेसला
@BhajanlalBjp @madandilawar @RajCMO @svoruganti1466 @RajGovOfficial @AvinashGehlot_ @DrSatishPoonia @TikaRamJullyINC @rajeduofficial @saten_08 @IASNJ @Nirajkpawanias @drarushimalik @kana_ias @Nathmal70602774 @AshishModiIAS @artizzzz

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@PrbhatilalRAS1 @FageriaRanveer 🙏🙏सर, प्रणाम । कम से कम जूते तो परात ओर चूल्हे से दूर ही खोलने चाहिए थे। भोजन सफ़ाई से 🙏🙏
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झुंझुनूं के प्रतिभाशाली युवा मुकुल चौधरी ने Indian Premier League के मुकाबले में Lucknow Super Giants को Kolkata Knight Riders के खिलाफ Eden Gardens में शानदार जीत दिलाई। 27 गेंदों में 54 रन, 7 छक्के और 2 चौके — यह पारी सिर्फ एक स्कोर नहीं, बल्कि हौसले और आत्मविश्वास की कहानी है, जिसने आखिरी गेंद तक मैच का रुख बदल दिया। उन्हें मेरी ओर से बहुत-बहुत शुभकामनाएँ व बधाई। हम सभी को उनपर बेहद गर्व है। मैं उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूँ।
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कल कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 7 छक्के मारकर चर्चा में आने वाले मुकुल चौधरी
राजस्थान के झुंझुनू जिले के एक बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं,
इनके पिता ने कर्ज लेकर उन्हें खिलाया था।
मुकुल चौधरी से ऑक्शन में बिकने के बाद जब पूछा गया कि इतने पैसे का क्या करेंगे?
Mukul Choudhary: मेरे पिता ने मुझे खिलाने के लिए एक होटल बनाया था, जिसपर उन्होंने बड़ा कर्ज लिया था, सबसे पहले मैं उस कर्ज को ही चुकाऊंगा।
गरीबी की भट्टी में तपकर मुकुल चौधरी आज बड़ा स्टार बन चुका है, उनके पिता को अपनी मेहनत और बेटे की काबिलियत पर सबसे ज्यादा फख्र होता होगा।


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@sanjeevbeniwal_ माननीय विधायक महोदय श्रीमान संजीव बेनीवाल की आप दो दिवसीय सत्रांत प्रधानाचार्य वाक्पीठ संगोष्ठी में पधारकर सम्बलन प्रदान किया, आपका बहुत बहुत आभार। आप हमेशा स्वस्थ रहें निरोग रहें। जय हिंद
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भगवान भोलेनाथ की आराधना के पावन पर्व महाशिवरात्रि की आप सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ।
देवों के देव महादेव एवं माँ पार्वती का दिव्य आशीर्वाद आप सभी के जीवन में सुख, शांति, श्रद्धा और समृद्धि का संचार करे।
#महाशिवरात्रि #HarHarMahadev #OmNamahShivaya

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