
4 more Miyas arrested in Assam for anti-national posts. So far 64 including one MLA are in jail. People are demanding a law to revoke citizenship for such elements.
Prabhas Chandra
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@Prabhas64
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4 more Miyas arrested in Assam for anti-national posts. So far 64 including one MLA are in jail. People are demanding a law to revoke citizenship for such elements.












🚨 “जेल” या “वीआईपी गेस्ट हाउस” ? 🤔 राम रहीम पिछले 5 साल में 16 बार जेल से बाहर आ चुका है। हर कुछ महीनों में पैरोल या फरलो… और आज फिर 30 दिनों के लिए बाहर। 👀 📊 पूरा रिकॉर्ड देखिए : ▪️ Oct 2020 — 1 दिन ▪️ May 2021 — 1 दिन ▪️ Feb 2022 — 21 दिन ▪️ Jun 2022 — 30 दिन ▪️ Oct 2022 — 40 दिन ▪️ Jan 2023 — 40 दिन ▪️ Jul 2023 — 30 दिन ▪️ Nov 2023 — 21 दिन ▪️ Jan 2024 — 60 दिन ▪️ Aug 2024 — 21 दिन ▪️ Sep 2024 — 21 दिन ▪️ Jan 2025 — 30 दिन ▪️ Apr 2025 — 21 दिन ▪️ Aug 2025 — 40 दिन ▪️ Jan 2026 — 40 दिन ▪️ May 2026 — 30 दिन यानी सजा जेल में कम, बाहर ज्यादा कटती दिख रही है। अब सवाल ये है ❓ क्या आम कैदियों को भी इतनी आसानी से बार-बार राहत मिलती है… या सिस्टम कुछ लोगों के लिए अलग तरीके से काम करता है?

दिल्ली परिवहन पर मेरी आँकड़ा-शृंखला का दिन 3। कल — परिवहन CAPEX। आज — दिल्ली मेट्रो। किसने सपना देखा। किसने बनाई। किसने पैसा दिया। और कौन हाथ खींच गया। दिल्ली मेट्रो कांग्रेस ने बनाई। फिर AAP और BJP ने इसका इंजन तोड़ दिया। 🔹 19 जुलाई 1994 — नरसिम्हा राव फ़ेज़ 1 मंज़ूर करते हैं। कांग्रेस। 30 अगस्त 2005 — मनमोहन सिंह फ़ेज़ 2 मंज़ूर करते हैं। कांग्रेस। 09 अगस्त 2011 — मनमोहन सिंह फ़ेज़ 3 मंज़ूर करते हैं। कांग्रेस। तीन फ़ेज़। 351 किलोमीटर। 70,751 करोड़ रुपये। दिल्ली मेट्रो के कुल 416 किलोमीटर का चौरासी प्रतिशत — कांग्रेस ने केंद्र में मंज़ूर किया। 🔹 फ़ेज़ 4 (~65 किलोमीटर) ही एकमात्र ग़ैर-कांग्रेसी फ़ेज़ है। बीजेपी, 2019। सबसे छोटा। 🔹 शीला दीक्षित (1999-2013): दिल्ली के हर रुपये में से 6.4 पैसे — मेट्रो को। हर साल। पंद्रह साल तक। AAP (2015-2025): सिर्फ़ 2.6 पैसे। आधा। जबकि AAP के दौर में दिल्ली का बजट 145% बढ़ा। 🔹 2022-23: दिल्ली की मेट्रो में कुल हिस्सेदारी असल में सिकुड़ गई — 670 करोड़ रुपये से। DMRC के इतिहास में पहली बार दिल्ली का योगदान नीचे गया। फ़ेज़ 4 रेंग रहा था। पैसा बेकार पड़ा था। AAP ने उसे वापस मेट्रो में नहीं लगाया। 🔹 मोदी का केंद्र: 6% → 2.7% (55% गिरावट)। 2020-21 — मोदी सरकार ने दिल्ली मेट्रो को सिर्फ़ 20 करोड़ रुपये दिए। 🔹 फ़ेज़ 4: AAP ने 2014 में माँगा। मोदी पाँच साल बैठे रहे। 2019 में मंज़ूर। आज छह साल बाद — एक भी नया स्टेशन नहीं। तुलना: फ़ेज़ 2 ने 6 साल में ट्रेन चलाई। फ़ेज़ 3 ने 7 साल में। AAP ने मेट्रो नहीं बनाई। AAP ने सिर्फ़ फ़ीते काटे। #DelhiMetro #दिल्लीमेट्रो #SheilaDikshit


🚨 आम नागरिक सवाल पूछ रहे हैं… 🚨 आम नागरिक पूछ रहे मुख्यमंत्री मैम कों कभी केजरीवाल का निवास शीश महल लगता है कभी अरविंद केजरीवाल के सरकारी निवास को “शीश महल” कहकर निशाना बनाया जाता था, लेकिन अब मुख्यमंत्री मैम की एक VIP चेयर चर्चा में है। 👀 बताया जा रहा है कि जिस खास कुर्सी पर बैठा जा रहा है, उसकी कीमत लगभग ₹65,000 है। अब लोग सोशल मीडिया पर तरह-तरह के सवाल पूछ रहे हैं — क्या सत्ता बदलने के बाद VIP संस्कृति भी बदलती है… या सिर्फ चेहरे बदलते हैं? 🤔 जनता का कहना है कि नेताओं को सादगी की बात करने से पहले खुद उदाहरण पेश करना चाहिए।

कभी यह इंसान एक दमदार वक्ता माना जाता था, जो बेबाक होकर अपनी बात रखता था। लेकिन कुर्सी पाने की चाहत में इंसान की सोच और बोल कैसे बदल जाते हैं, यह उसका जीता-जागता सबूत है। गिरगिट की तरह रंग बदलने में इसे अब कोई शर्म नहीं आती और सत्ता का चाटुकार बनने में इसे कोई गुरेज नहीं है। #KumarVishwas

देश का प्रधानमंत्री रहते हुए मोदीजी को 12 साल हो गये। इन 12 सालों में मोदीजी ने देश के लिए क्या किया?

उत्तराखंड की बेटी आरुषि ,निवासी जाखोली, टिहरी गढ़वाल, को इंसाफ दिलाने की मांग। बताया जा रहा है कि आरुषि को सुखविंदर सिंह नाम का व्यक्ति बड़े-बड़े सपने दिखाकर अपने साथ चंडीगढ़ के मोहाली सेक्टर 68 ले गया। परिवार को कहा गया कि उसे NCC कैंप में ले जाया जा रहा है और वह पूरी तरह सुरक्षित है। लगभग 2 साल तक वह परिवार के संपर्क में रहा और भरोसा दिलाता रहा कि उनकी बेटी उसके साथ सुरक्षित है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि केवल 12 दिनों के भीतर ही आरुषि की लाश ट्रेन के पास मिली? कहा जा रहा है कि उसकी मौत ट्रेन से हुई, लेकिन परिवार और समाज के मन में कई सवाल हैं। अगर NCC कैंप था तो उसे किसी PG में क्यों रखा गया? उन 12 दिनों में उसके साथ क्या हुआ? आखिर सच्चाई क्या है? हम उत्तराखंड सरकार, पंजाब सरकार और प्रशासन से मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच हो। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले और आरुषि को न्याय मिले। पहाड़ की बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाया गया, लेकिन वहां उसके साथ क्या हुआ आज तक साफ नहीं हो पाया। यह सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की बेटियों की सुरक्षा का सवाल है। #JusticeForAarushi #उत्तराखंड_की_बेटी #WeWantJustice #TehriGarhwal