
पूर्व प्रधान
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पूर्व प्रधान
@PradhanEND
मिलना हो तो ठेके पर आइएगा....जब से चुनाव हारे हैं तब से वहीं जमे बैठे हैं। अंधनिष्ठा सिर्फ दारू के प्रति है, किसी नेता पार्टी या विचारधारा के प्रति नहीं।


आरक्षण की अवधारणा को समझना बहुत ज़रूरी है। किसी इंसान की आर्थिक स्थिति उसकी दलित होने की पहचान नहीं बदलती। भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जी ने साफ कहा था जब तक जातीय भेदभाव है, तब तक आरक्षण रहेगा। EWS अलग विषय है वह आज के गरीब सामान्य वर्ग के लिए है, उसे आरक्षण के विरुद्ध खड़ा करना बेईमानी है।



सनी जी ने गदर बनाई थी, अब यह बांटवारा बनाई है। पहले वाली फिल्म से जो इमेज बनाई थी वो अब दूसरी वाली में मिटती हुई दिख रही है।







मैं @Meta @facebook @instagram @X @X_indo_ और अन्य सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को स्पष्ट चेतावनी दे रहा हूँ कि आपके प्लेटफॉर्म से यह आरक्षण विरोधी कंटेंट तुरंत हट जाना चाहिए, वरना हमें आपको इस देश से हटाना पड़ेगा! अगर इन भ्रामक पोस्ट्स की वजह से देश में कोई भी गंभीर कानून व्यवस्था (Law and Order) की स्थिति बिगड़ती है, तो उसकी शत-प्रतिशत जिम्मेदारी Meta और X जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की होगी। जवाबदेही तय करते वक्त किसी भी प्रकार की दया नहीं दिखाई जाएगी। मुझे अपेक्षा है कि अगले 10 दिनों के भीतर आप यह सारा कंटेंट अपने प्लेटफॉर्म से हटा देंगे। और जो लोग आरक्षण हटाने के मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रहे हैं, वे अपने दिमाग से यह फितूर हमेशा के लिए निकाल दें! @MIB_India


मैं @Meta @facebook @instagram @X @X_indo_ और अन्य सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को स्पष्ट चेतावनी दे रहा हूँ कि आपके प्लेटफॉर्म से यह आरक्षण विरोधी कंटेंट तुरंत हट जाना चाहिए, वरना हमें आपको इस देश से हटाना पड़ेगा! अगर इन भ्रामक पोस्ट्स की वजह से देश में कोई भी गंभीर कानून व्यवस्था (Law and Order) की स्थिति बिगड़ती है, तो उसकी शत-प्रतिशत जिम्मेदारी Meta और X जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की होगी। जवाबदेही तय करते वक्त किसी भी प्रकार की दया नहीं दिखाई जाएगी। मुझे अपेक्षा है कि अगले 10 दिनों के भीतर आप यह सारा कंटेंट अपने प्लेटफॉर्म से हटा देंगे। और जो लोग आरक्षण हटाने के मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रहे हैं, वे अपने दिमाग से यह फितूर हमेशा के लिए निकाल दें! @MIB_India




पूरी बस में एक भी महिला सवारी नहीं। मोदी का डाउनफॉल शुरू हो चुका, अब नहीं जीतने वाला मोदी।





दलितों की कुछ जातियां जैसे जाटव चमार महार ने आरक्षण का जम के फायदा उठाया है। आज वे नौकरी, शिक्षा और राजनीति मे बहुत आगे निकल चुके हैं। वहीं मुसहर डोम नट भंगी वाल्मीकि बेहद बुरे हालात में होने के साथ-साथ ऊंची दलित जातियों से सामाजिक भेदभाव के शिकार भी हैं। कौन जिम्मेदार है इसका?





