Sabitlenmiş Tweet
Aisha Shah عائشہ شاہ
41.6K posts

Aisha Shah عائشہ شاہ
@Princy_Aish
Traditional yet modern, Proud Indian Muslim, Love movies and food, I am good but not an ANGEL. I do sins, but I m not the DEVIL..
New Delhi India Katılım Ocak 2012
197 Takip Edilen1K Takipçiler
Aisha Shah عائشہ شاہ retweetledi
Aisha Shah عائشہ شاہ retweetledi
Aisha Shah عائشہ شاہ retweetledi

Repair works have begun on the Lucknow-Kanpur Expressway which was inaugurated barely 12 days ago by two Union ministers and a chief minister.
Piyush Rai@Benarasiyaa
A last patch of the Lucknow-Kanpur Expressway caved in posing threat to commuters. SP leader Madhusoodan Yadav shared the video raising questions over the quality of the road. Defence Minister Rajnath Singh, Union transport minister Nitin Gadkari and Chief Minister Yogi Adityanath had inaugurated the Expressway on July 13.
English
Aisha Shah عائشہ شاہ retweetledi
Aisha Shah عائشہ شاہ retweetledi
Aisha Shah عائشہ شاہ retweetledi

CJI Surya Kant says there are "parasites" attacking the system.
"There are youngsters like cockroaches, who don't get any employment and don't have any place in the profession. Some of them become media, some of them become social media, some of them become RTI activists, some of them become other activists, and they start attacking everyone." - CJI.

English
Aisha Shah عائشہ شاہ retweetledi
Aisha Shah عائشہ شاہ retweetledi
Aisha Shah عائشہ شاہ retweetledi

It must be nice to live in a country with basic human rights for workers.
Indian Tech & Infra@IndianTechGuide
🚨 Infosys has been fined in France for company’s employee time tracking system.
English
Aisha Shah عائشہ شاہ retweetledi
Aisha Shah عائشہ شاہ retweetledi

⦿ 13 जुलाई को उद्घाटन हुआ
⦿ 26 जुलाई को सड़क धंस गई
- ये 4,200 करोड़ रुपए में बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की हकीकत है
BJP सरकार में घटिया माल लगाकर सड़कें बनाई जाती हैं, पैसों की लूट-खसोट होती है, नेता-मंत्री करोड़ों रुपए डकार जाते हैं।
नतीजा- जनता को 'तोहफे' में ऐसी धंसी हुई रद्दी सड़क मिलती है। यही BJP का 'करप्शन मॉडल' है 👇
हिन्दी
Aisha Shah عائشہ شاہ retweetledi
Aisha Shah عائشہ شاہ retweetledi
Aisha Shah عائشہ شاہ retweetledi
Aisha Shah عائشہ شاہ retweetledi
Aisha Shah عائشہ شاہ retweetledi
Aisha Shah عائشہ شاہ retweetledi
Aisha Shah عائشہ شاہ retweetledi

सारी तकलीफ हमारी पढ़ाई और तरक्की से है असल मे.
#SaveJauharUniversity
हिन्दी
Aisha Shah عائشہ شاہ retweetledi

मैं पहले दिन से इस बात पर कायम हूं कि CJP को BJP ने ही बनाया है.
पहले दिन से प्लान था कि विपक्ष को डिस्क्रेडिट करके, अपने हिसाब का विपक्ष तैयार कर दिया जाए.
एयरपोर्ट पर परमिशन देना हो, या जंतर-मंतर पर धरना चलते देना हो. सब कुछ प्लान के हिसाब से था.
मैं ये गारंटी के साथ कह सकता हूं- 20 तारीख से पहले मोदी सरकार चाह देती तो 1 घंटे धरना ना चल पाता, लेकिन सरकार ने स्क्रिप्ट के हिसाब से चलने दिया.
वांगचुक जिन्हें खुद अमित शाह ने जेल से निकाला था, उनका भूख हड़ताल करना, और अचानक से एक सुबह उन्हें उठा लेना. सब कुछ स्क्रिप्ट के हिसाब से था.
बस 20 तारीख को जो हुआ, वो ना BJP को पता था, ना ही CJP को अंदाजा. बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंच गए.
यहां से सब कुछ स्क्रिप्ट के बाहर चला गया. इसलीए CJP की पूरी टीम ही मौके से गायब हो गई. किसी को एक लाठी नहीं पड़ी.
देश भर से आए बच्चों ने सब कुछ झेला, और उसके बाद ये मामला बहुत बड़ा हो गया. जो अब BJP और CJP के कंट्रोल से बाहर था.
स्क्रिप्ट का अंत करीब-करीब ऐसा ही था, जिसमें सरकार संवेदनशील लगे और विपक्ष के नाम पर कुछ लोग खड़े कर दिए जाएं, जो सरकार के हिसाब से हों.
क्योंकि विपक्ष पिछले 3 साल में बहुत ज्यादा मजबूत हो गया था. खासकर युवाओं के बीच में अपनी पहुंच मजबूत की थी. इसी बात को तोड़ने के लिए CJP का नाटक किया गया.
जब 20 तारीख के बाद मामला स्क्रिप्ट के बाहर गया तो पहले कुछ वक्त इंतजार हुआ. फिर वांगचुक को खुद सरकार ने सूप पिलाकर मामला खत्म किया.
और आखिर में धमेंद्र का इस्तीफा हो गया.
इस्तीफे के बाद जिस तरह से सरकार के मंत्री बता रहे हैं कि धरना तत्काल खत्म किया जाए, वो बताता है कि इसे कौन चला रहा था.
आप खुद सोचिए, ये जितने सेलिब्रेटी हैं, ये अचानक से कैसे बोलने लगे. एक जैसी टीशर्ट पहनकर, कॉओर्डिनेटेड तरीक से. जिनके लिए पैसा ही सब कुछ है, वो देश की चिंता क्यों करने लगे, वो भी अचानक.
अब लोगों के बीच ये भ्रम पैदा हो गया कि CJP की सरकार सुन रही है, विपक्ष वही है. सरकार यही भ्रम लोगों में बनाए रखना चाहती है. और स्क्रिप्ट के हिसाब से ये बात लोगों में चली गई.
सरकार को अपने हिसाब का विपक्ष मिल गया, जिसे वो अपने हिसाब से चला सकती है. जो भी इस भ्रम जाल में फंस रहा है, वो अपना और देश का नुकसान कर रहा है.
इस पूरे आंदोलन में लेफ्ट के जितने भी छात्र संगठन, कांग्रेस के छात्र और युवा संगठन और बाकी विपक्ष के छात्र संगठन शामिल हैं, उनकी मंशा साफ थी. वो असल में विपक्ष का काम कर रहे थे.
इस आंदोलन में जितने भी युवा थे, जो देश के अलग-अलग कोनों से जुड़े, सबकी मंशा साफ थी.
बस CJP का मामला अलग है, जिसपर बहुत संदेह है. इसे लेकर सावधान रहना ठीक.
हिन्दी
Aisha Shah عائشہ شاہ retweetledi














