Pushpendra Jani
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Pushpendra Jani
@PushpendraBish
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"सिर सांटे, रूंख रहे, तो भी सस्तो जांण" ये अमर वाक्य उस महान बलिदान की गवाही देता है, जब अमृता देवी बिश्नोई जी ने खेजड़ी की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए थे। उनके साथ 363 अन्य लोगों ने भी खेजड़ी वृक्षों को बचाने में अपने जीवन का बलिदान दिया था। आज राजस्थान में उसी खेजड़ी को बचाने की पुकार एक बार फिर गूंज रही है। बीकानेर में प्रदेशभर से उमड़ा ये जनसैलाब पेड़ों की रक्षा, जीवन की सुरक्षा का संदेश दे रहा है। भाजपा सरकार के कुशासन में विकास के नाम पर खेजड़ी के लाखों पेड़ों की कटाई एक भयावह पर्यावरणीय त्रासदी है। एक ओर सरकार जहां हरियाळो राजस्थान जैसे अभियान चलाकर खुद को पर्यावरण संरक्षण की प्रहरी का ढोंग कर रही है, वहीं दूसरी ओर हजारों साल पुराने रेगिस्तानी पारिस्थितिकी तंत्र की रीढ़ कहे जाने वाले खेजड़ी की अंधाधुंध कटाई पर मौन बैठी है। राज्य सरकार को इस संवेदनशील मुद्दे का संज्ञान लेना चाहिए एवं पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक लगाकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पर्यावरण संरक्षण के लिए कठोर नीति लागू करनी चाहिए। @RajCMO #खेजड़ी_बचाओ













लोक देवता वीर तेजाजी महाराज की जन्म स्थली खरनाल व बिश्नोई समाज की आस्था के प्रमुख केंद्र,गुरु जम्भेश्वर भगवान के समाधि स्थल मुकाम को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने को लेकर केंद्र सरकार के पास कोई कार्य योजना नहीं है,अभी चल रहे लोक सभा के शीतकालीन सत्र के प्रथम दिन सोमवार को मेरे द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री @gssjodhpur ने यह जानकारी सदन में दी है | मैंने मेरे मूल प्रश्न में खरनाल व मुकाम दोनों का जिक्र किया गया था मगर अपने जवाब में केंद्रीय पर्यटन मंत्री द्वारा मुकाम शब्द का जिक्र तक नहीं करना पूर्णतया गलत है,विगत सत्र में भी मैंने दोनों स्थलों के विकास को लेकर प्रश्न पूछा था जिस पर केंद्रीय मंत्री ने इनकार कर दिया वहीं इस सत्र में सोमवार को पहले ही दिन जहां तेजाजी के जन्म स्थली के आस - पास विकास को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं होने का जिक्र किया वहीं मुकाम का जिक्र तक मंत्री जी ने नहीं किया | केंद्रीय पर्यटन मंत्री शेखावत स्वयं राजस्थान से आते है मगर उन्हें लोक देवताओं से जुड़े इन प्रमुख धर्म स्थलों के विकास से उन्हें कोई मतलब नहीं है ,अगर प्रस्ताव नही आये हुए है वो स्वयं प्रस्ताव मंगवा सकते थे मगर प्रश्न के जवाब की भाषा से मंत्री जी की मंशा स्पष्ट नजर आ रही है,मैं जल्द ही प्रधानमंत्री जी को इन दोनों स्थानों के विकास को लेकर पत्र लिखूंगा | @tourismgoi @RLPINDIAorg














