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Pushpendra Kulshrestha
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Pushpendra Kulshrestha
@Pushpendraamu
Journalist with Aaj TV News Pakistan, BBC News, Zee News, Islamic Terrorism, Publisher: Indian Defence Review. website: https://t.co/RIPdliP70y
Delhi Katılım Aralık 2016
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'पापा मर गए', 'माँ मर गई'...
एक अच्छा शिक्षक कितना कुछ बदल सकता है! बालक को संभवतः इस आयु में माता-पिता के जाने की पीड़ा का भार समझ में आता भी नहीं हो, पर वो विद्यालय जा रहा है, पढ़ रहा है! इस वीडियो पर मैं बहुत कुछ लिख सकता हूँ, परंतु शिक्षक के इस व्यवहार ने हृदय को शान्ति दी।
बच्चा अनुशासित है, बाल व्यवस्थित हैं, कपड़ों में बटन है, जो ही पहना है साफ़ है, ठीक से पहन रखा है।
ऐसे शिक्षक पिता और देवता तुल्य होते हैं। बात कपड़े की नहीं है, बात उसे अपनी तरफ़ खींच कर उसे ढाढ़स देने की है कि वो अच्छे से रहे, पढ़ाई करे। ये शब्द आपका चरित्र निर्माण करते हैं। इतनी नकारात्मकता के मध्य यह वीडियो मेरे दिन को कितना सकारात्मक बना गया, मैं कह नहीं सकता।
यही विपन्नता, यही कपड़े की कमी, यही बोरे पर बैठ कर पढ़ाई... 1990 के दशक में कई बच्चे इसी निर्धनता में जी रहे थे। ऐसे हज़ारों बच्चे उपहास का पात्र बनते हैं, उन्हें स्नेह नहीं मिलता। पुनः प्रणाम इस शिक्षक को।
छपरा जिला 🇮🇳@ChapraZila
पापा और मम्मी दोनों जीवित नहीं है, दादा जी का पेंशन का पैसा आएगा तब नया स्कूल ड्रेस आएगा। फिर गुरुजी ने एक शर्ट पैंट दिया। राजस्थान के हिंडौन सिटी के बमनपुरा के राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय के इस बच्चे की कहानी आपको भावुक कर देगा ।
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प्रिय सोनिया गांधी जी,
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आज भी इस बात के लिए आलोचना होती है कि इराक के सुप्रीम लीडर रहे सद्दाम हुसैन को 2006 में फांसी दिए जाने पर उस समय केंद्र सरकार ने अमेरिका की आलोचना नहीं की थी. सरकारी स्तर पर शोक व्यक्त नहीं किया गया.
तत्कालीन विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने 5 नवंबर, 2006 को जो बयान जारी किया उसमें घटना की निंदा भी नहीं की गई. अमेरिका का तो बयान में नाम तक नहीं लिया गया. बहुत ही गोल-मोल सा बयान दिया गया.
लेकिन मेरी दृष्टि में मनमोहन सिंह सरकार का ये सही निर्णय था.
क्योंकि एक साल पहले ही मनमोहन सिंह अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते की घोषणा कर चुके थे. भारत के लिए ये समझौता इराक या सद्दाम की जिंदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण था. और फिर सद्दाम हुसैन आखिरकार तानाशाह ही तो थे.
विदेश नीति भावनाओं में बहकर या विचारधारा से बंधकर नहीं चलती. राष्ट्रहित सबसे महत्वपूर्ण है. आप आज राजनीति के चक्कर में वर्तमान सरकार से वह करवाना चाहती हैं, जो मनमोहन सरकार ने नहीं किया.
यह अनुचित है. विदेश नीति के प्रश्न पर भारत से हमेशा पक्ष और विपक्ष की एक ही आवाज जानी चाहिए.
सादर,

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Iran’s 1979 revolution wasn’t driven by Islamists alone. Marxists, communists and secular Leftists helped Ayatollah Khomeini seize power, believing he was an anti-imperialist ally.
Within two years, the same Islamic regime jailed, tortured and executed thousands of those very Leftists in mass purges.
The Iranian Revolution remains one of history’s starkest warnings: revolutions often devour the very allies who help create them.
opindia.com/2026/03/when-c…

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“Cool लगने वाली चीज़ों के साथ एक दिक्कत है उनकी उम्र ज्यादा नहीं होती।”
मशहूर साहित्यकार शिवानी की बेटी ईरा पांडे अपनी माँ की जीवनी में लिखती हैं, “मेरे नाना के बगल का घर डेनियल पंत का था जिन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया था। हमारे दकियानुसी नाना ने उनकी दुनिया को हमारी दुनिया से अलग करने के लिए हमारे घरों के बीच एक दीवार बना दी थी। हमें सख़्त हिदायत थी कि हम दूसरी तरफ़ देखे भी नहीं। मेरी मां ने एक बार लिखा था उनके (डेनियल) घर की जायकेदार गोश्त की पागल कर देने वाली महक हमारे बोरिंग सी ब्राह्मण रसाई में पहुंच कर हमारी अदना सी दाल, आलू की सब्जी और चावल को धराशाही कर देती थी।”
ये बात डेनियल पंत के घर के विषय में लिखी गई थी जिनके पिता तारादत्त पंत ने 1874 में हिन्दू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया था। इस तरह वो एक कुमायूँनी बोरिंग ब्राह्मण रसोई से आजाद हो गए थे। इन्हीं डेनियल पंत की बेटी आयरीन रूथ पंत ने आगे चलकर अपने से 10 साल बड़े और पहले से शादीशुदा पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री - लिकायत अली खान से निकाह किया और ईसाई धर्म छोड़कर इस्लाम धर्म अपना लिया था।
लियाकत अली खान के पूर्वज खुद करनाल के जाट थे। इकबाल के परदादा कश्मीरी पंडित थे और जिन्ना के दादा कठियावाड़ी हिन्दू - ये सब दो चार-पीढ़ी पहले convert हुए लोगों ने अपने पूर्वजों के धर्म को नापाक बताते हुए पाक ईमान वालों के लिए नरसंहार के दम पर पाकिस्तान बनाया।
हर वो चीज़ जो अपने पूर्वज, अपनी भाषा, अपनी संस्कृति, अपने देश के खिलाफ हो वो cool है। मांसाहार, नशा, विवाहेत्तर संबंध, दूसरी शादी, भागकर शादी, धर्मांतरण - ये सब करना Cool है।
आयरीन रूथ पंत जिनका नाम इस्लाम कुबूल करने के बाद “गुल ए राणा” हो गया वो राणा लियाकत के नाम से मशहूर हुई। वो बहुत साहसी थीं।
उन्होंने पाकिस्तान बनाने के लिए मुस्लिम लीग की महिला विंग का नेतृत्व किया, ऐसा करना तब cool था और जब पाकिस्तान बन गया तब वो वहाँ “दो महिलाओं के बराबर एक पुरुष की गवाही” के कानून की खिलाफत करने पर गिरफ्तार हुई।
जोगेंद्र मंडल ने दलित अधिकारों के लिए पाकिस्तान बनवाने की पैरवी की, ऐसा करना cool था, लेकिन जब पाकिस्तान बन गया तब वो वहां दलितों पर होते अत्याचारों को देखकर भाग कर भारत आ गए।
लियाकत अली खान ने अपनी मातृभाषा पंजाबी छोड़कर उर्दू अपना ली, ऐसी करना cool था लेकिन जब उनका बनाया पाकिस्तान बंगालियों को ये बात समझाने गया तो 30 लाख लोग मर गए।
जीवन के अंतिम दिनों में राणा लियाकत (आयरीन रूथ पंत) अपने भाई नॉर्मन पंत को भेजे एक टेलीग्राम में लिखा था “आई मिस अल्मोड़ा”
राणा लियाकत अपने सारे जीवन मड़ुए की रोटी, पहाड़ी गेहत की दाल, दाड़िम की चटनी याद करती रहीं। cool चीजों के साथ ये ही दिक्कत है उनकी उम्र ज्यादा नहीं होती। (इसी खाने को शिवानी बोरिंग लिख रही थीं)

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"There is something very ugly about the Shastri affair that both Delhi and Moscow are determined to conceal at any cost."
-- Dahyabhai Patel (Sardar Patel's son) on the death Lal Bahadur Shastri
My take: amazon.in/Your-Prime-Min…

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Water from Sindhu river in Pakistan was obtained by India for the consecration ceremony of the Somnath Temple in 1951, declassified records show. For the obvious reason, this was not publicized. Restoration of the temple was not liked in our neighbourhood. Anti-Hindu tirade was unleashed in local media.
#SomnathSwabhimanParv #SomnathTemple #Somnath


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Jai Somnath!
2026 marks 1000 years since the first attack on Somnath took place. Despite repeated attacks subsequently, Somnath stands tall! This is because Somnath’s story is about the unbreakable courage of countless children of Bharat Mata who protected our culture and civilisation.
Here is my OpEd on this issue.
#SomnathSwabhimanParv
nm-4.com/yREbJk
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