कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारं।
सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भजमभवानी सहितं नमामि ll
भावार्थ:- गौर वर्ण , गले में सांप , परम् कारुणिक , विश्व के मूल कारण , हृदय में सदा विराजमान पार्वती - शिव को मेरा प्रणाम ।
🌞 **जय श्री सूर्य देव** 🌞
सात घोड़ों के रथ पर विराजमान,
प्रकाश और ऊर्जा के स्रोत,
हे सूर्य देव!
आपकी किरणों से ही जीवन में उजाला है,
आपसे ही हर दिन की नई शुरुआत है।
आपकी कृपा से अज्ञान का अंधकार मिटे,
और हमारे जीवन में ज्ञान, स्वास्थ्य और सफलता का प्रकाश फैले।
🙏 **ॐ सूर्याय नमः** 🙏