Rupendra Singh Sikarwar
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Rupendra Singh Sikarwar
@RajDharm_Samvad
संविधान में विश्वास राजधर्म = सत्ता से प्रश्न समाज • पर्यावरण • राष्ट्र तर्क - ट्रोल | तथ्य - नफरत •धरती •धर्म •देश










तथागत बुद्ध के बारे में फेक न्यूज़ फैलाने में हमेशा वो आगे रहे है जिनका उनसे कभी कोई नाता नहीं रहा। क्लेम 1: बुद्ध सूर्यवंशी, इक्ष्वांकु वंश के क्षत्रिय थे। फैक्ट: टोटल फेक गपोड़ क्लेम है। बुद्ध वचन टिपिटक के अनुसार वो शाक्य कुल के थे और शाक्यों के पुरखे ओकाक थे न कि इक्ष्वांकु। क्लेम2 : तथागत जनेऊ और तिलक लगाते थे। फैक्ट: टोटल गपोड़ क्लेम है, दिए गए गपोड़ शिल्प में किसी धूर्त ने चिवर के सिरे को मोटा करके फोटोशॉप किया और उसे जनेऊ लिख दिया जबकि जनेऊ कमर के नीचे तक होता है न की हाथ के बगल तक। ध्यान से देखने पर ट्रांसपेरेंट चीवर साफ़ साफ़ दिख जाता है। जहाँ तक माथे पर निशान प्रज्ञा का घोटक है न की आज का ब्राह्मणवादी तिलक। क्लेम 3 : बुद्ध की माता क्षत्रिय राजकुमारी थी। फैक्ट: बुद्ध की माता कोलिय वंश की थी और उस समय अलग अलग विवाह करते थे जिसकारण शाक्य कोलिय का विवाह होता था।

दस हज़ार दलित बना ब्राह्मण…!! मंत्रोचार और जनेऊ तो ठीक है…!! लेकिन ये कौनसे ब्राह्मण कहलाएँगे…?? क्या ब्राह्मण समाज अपनी बहन बेटी के रिश्ते इनके साथ करेगे…?? वरना फिर ये उपाध्याय, चौबे, पाठक वाला खेल खेला जाएगा…!!











