
भागवत गीता श्लोक: यतः प्रवृत्तिर्भूतानां येन सर्वमिदं तत्म्। स्वकर्मणा तमभ्यर्च्य सिद्धिं विन्दति मानवः।। यतः प्रवृत्तिर्भूतानां येन सर्वमिदं ततम् स्वकर्मणा तमभ्यार्च्य सिद्धिं विन्दति मानवः अनुवाद: भगवान्, जो समस्त प्राणियों के मूल हैं तथा सर्वव्यापक हैं, की पूजा करके मनुष्य अपने कर्तव्य का पालन करते हुए सिद्धि प्राप्त कर सकता है। सीख: भगवद गीता के महत्वपूर्ण श्लोकों की सूची में यह श्लोक बहुत महत्वपूर्ण है। यह हमें बताता है कि हर किसी के जीवन का एक अलग मार्ग और उद्देश्य होता है जिसका उसे पालन करना चाहिए। अपने कर्तव्यों का पालन लगन और निष्ठा से करना महत्वपूर्ण है। अपने कामों पर ध्यान केंद्रित करके और दूसरों से अपनी तुलना न करके हम सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, यह हमें दिखाता है कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत, समर्पण और निष्ठा बहुत ज़रूरी है। #goodmorning #AFGvsSA #INDvsENG #Emergency1975







