Raj Choudhary
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Raj Choudhary
@Rajc7770
deshbhakt, marwadi
Kingdom of Saudi Arabia Katılım Kasım 2024
113 Takip Edilen48 Takipçiler

If Hardik Pandya were to be traded… 👀
Which team would go for him and who would they give up in return? 🤔
#Aakashvani #IPL #MI #MumbaiIndians
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Why did @GiorgiaMeloni unfollow @narendramodi on Instagram?
Did she finally come to know of his reality?


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@_KajalKushwaha वो तो ठीक है पर मोदी के बाद इतना बेवकूफ अनपढ़ कहा से आएगा देश में जो इनके लेवल का कलाकार हो
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@CricCrazyJohns उम्मीद करूंगा आरसीबी आज बुरी तरह पेली जाए, GT के हाथों
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@PunjabKingsIPL अगली बार यूजी भाई को ओपनिंग करा के देख लेना, क्या पता कृपा वही अटकी हो @realpreityzinta
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@PunjabKingsIPL आप लोग जीत के बाद जिस लेवल के एटीट्यूड में थे, अच्छा हुआ आओ बाकी सारे मैच हारे, जीत में आदमी को संयमित रहना चाहिए
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अद्भुत हमारे मंत्री जी...
अगर मंत्री महोदय कह रहे हैं तो जिम्मेदारी पूर्वक और सही ही कह रहे होंगे।
हालांकि हम आठ-दस घंटे सोने वाले और पांच-सात घंटे आळस खिंडाने वाले क्या जानें 20-22 घंटे काम करना कितना मुश्किल है या कितना आसान है। वैसे मोदी जी के लिए जरूर सुना था कि वे 18 घंटा काम करते हैं और तीन-चार घंटा सोते हैं लेकिन बाद में जाकर पता चला था कि वे ऐसा इसलिए कर सकते हैं क्योंकि वे बायोलॉजिकल नहीं हैं।
अगर मंत्री महोदय जो बता रहे हैं, वह सच है तो फिर मुख्यमंत्री जी भी बायोलॉजिकल नहीं होंगे। और चूंकि मुख्यमंत्री जी प्रधानमंत्री जी से अपेक्षाकृत युवा हैं, तो हो सकता है कि जोश-जोश में 20-22 घंटे काम कर भी लें। लेकिन फिर भी पता नहीं क्यों, हम आलसी लोगों के यह बात गले उतरती नहीं है।
चलिए मुख्यमंत्री जी कर लेते होंगे लेकिन अब यह जानने की भारी उत्कंठा पैदा हो गई है कि अगर मुख्यमंत्री जी 20-22 घंटे काम करते हैं तो उनके मंत्रीगण चौबीस में से कितने घंटे काम करते हैं? सरकार को बाकायदा एक लिस्ट जारी करनी चाहिए की कौन मंत्री कितने घंटे काम करता है। और जो यह ज्यादा घंटे काम करने वाले मंत्री हैं, इनके साथ-साथ कौन अफसर जाग कर काम करते हैं, यह भी बताना चाहिए।
हमारे ट्विटर पर मौजूद अर्थशास्त्री लोग भी यह जरूर बताएं कि जिस राज्य के मुख्यमंत्री और मंत्री 20-22 घंटे काम करते हों, वह राज्य कितने समय में देश का सबसे विकसित राज्य बनने वाला है?
फिलहाल पूरे मंत्रिमंडल को मेरा नमन पहुंचे

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आज ही के दिन, 12 वर्ष पूर्व आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @NarendraModi जी ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेकर विकास, विरासत और विश्वास के साथ अभूतपूर्व परिवर्तन की नींव रखी थी।
इन 12 वर्षों में भारत ने निर्णायक नेतृत्व, विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित किए हैं। जनकल्याण से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण से लेकर डिजिटल क्रांति तक, हर क्षेत्र में नए भारत का आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
मोदी जी के नेतृत्व में आज भारत केवल बदल नहीं रहा, बल्कि विश्व पटल पर नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सामर्थ्य के साथ उभर रहा है।

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Ajit+anjum गजब का मिश्रण है।
आप बाबा रामदेव जी के चरणों की रज के बराबर भी नहीं हो।
कुछ बोलने पूर्व सोच तो लिया करो।
Ajit Anjum@ajitanjum
इस बाबा ने देश को बहुत ठगा है
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रामचंद्र जी कह गये सिया से
ऐसा कलयुग आएगा
कांग्रेस राज में हल्ला मचाने वाला
महानायक
भाजपा राज में दल्ला बन जाएगा…😜
Amitabh Bachchan@SrBachchan
T 756 - " रामचंद्र कह गए सिया से , ऐसा कलयुग आएगा , गाडी खरीदो गे cash से , और petrol loan से आएगा I "~ anon
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@CricCrazyJohns QF1 विनर : GT
Eliminator Winner: RR
क्वालीफायर 2 विनर: RR

बढ़ती तेल की कीमतों से आम आदमी भी परेशान है और मैं भी लेकिन इसका दूसरा पहलू भी थोड़ा जानते हैं,,,, मैं यहां पर अपने देश के संदर्भ में कह रहा हूं किसी पार्टी या नेता लोगों पर इस पोस्ट को ना लें,,,,,
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ीं जरूर, लेकिन पाकिस्तान जैसी स्थिति क्यों नहीं बनी?
हाल के दिनों में भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली, जिससे आम लोगों पर असर पड़ा।
लेकिन यदि पड़ोसी देश पाकिस्तान से तुलना करें, तो वहां कई बार ईंधन की कीमतों में एक साथ 15% से 50% तक की भारी उछाल देखने को मिली।
आज की स्थिति की बात करें भारत (दिल्ली) -पेट्रोल लगभग 99.5 रुपए लीटर, डीजल 92.5/लीटर।
पाकिस्तान - पेट्रोल लगभग PKR 403-410/लीटर (भारतीय मुद्रा में करीब ₹140-145)।
अब सबसे दिलचस्प बात यह है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े देशों में से एक है, जिसकी जनसंख्या लगभग 145 करोड़ के आसपास मानी जाती है। वहीं पाकिस्तान की आबादी लगभग 25 करोड़ के आसपास है।
यानी भारत, पाकिस्तान से कई गुना बड़ा देश और बहुत अधिक जनसंख्या वाला देश होने के बावजूद ईंधन कीमतों में अपेक्षाकृत ज्यादा स्थिरता बनाए रखने में सफल रहा।
इसके पीछे कुछ प्रमुख कारण माने जाते हैं
Indian government ने समय-समय पर टैक्स में कटौती की, जिससे अंतरराष्ट्रीय तेल महंगा होने का पूरा बोझ एक साथ सीधे जनता पर नहीं पड़ा।
सरकारी तेल कंपनियों ने भी कुछ समय तक घाटा सहकर कीमतों को धीरे-धीरे बढ़ाया, ताकि अचानक बड़ा झटका न लगे।
भारत के पास अपेक्षाकृत मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार, बड़ा बाजार, विविध तेल आयात स्रोत और बेहतर आर्थिक क्षमता है, जिससे वैश्विक उतार-चढ़ाव का असर कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सका।
दूसरी ओर पाकिस्तान लंबे समय से विदेशी मुद्रा संकट, कमजोर मुद्रा (PKR) और IMF की शर्तों जैसी आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है, जहां अंतरराष्ट्रीय कीमतों का असर तेजी से आम जनता तक पहुंच जाता है।
इसका मतलब यह नहीं कि भारत में महंगाई नहीं है या लोगों पर असर नहीं पड़ रहा, बल्कि तुलना यह दिखाती है कि दोनों देशों की आर्थिक स्थिति, नीतियां और प्रबंधन क्षमता अलग-अलग परिणाम देती हैं। बस जरूरत है management को और बेहतर बनाया जाए और आम जनता पर कम से कम भार पड़े
आखिर में आम नागरिक की जरूरत हर जगह एक ही है महंगाई कम हो, ईंधन सस्ता हो और जिंदगी थोड़ी आसान बने।🙌
#Petrol @narendramodi @BhajanlalBjp

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