उपरोक्त के संदर्भ में इसके अंतर्गत आयुर्वेदिक औषधि भी आती है इससे शुद्ध उत्पाद तथा समाज आत्मनिर्भर होकर विकास पथ पर अग्रसर होगा व राष्ट्र सुदृढ़ व सुरक्षित होगा।
मुझे बहुत खेद व चिंता के साथ कहना पड़ रहा है कि विदेश से आए म्लेच्छ प्रजाति के लोग इतने समझदार हैं कि वेलश अपनी शिक्षा पद्धति के लिए चंदा इकट्ठा कर हमारी ही जमीन पर मदरसे चलाते हैं अपना रहन सहन व वेशभूषा तथा अपनी परंपराओं से न तो कोई समझौता करते हैं और न ही किसी की नकल करते हैं।
तथाकथित आजादी की लड़ाई में कुछ तथाकथित महापुरुष अपने राज्य के लिए, कुछ अपने देश के लिए लड़े परंतु अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए, राष्ट्र धर्म के लिए, सनातन धर्म के लिए शायद ही किसी ने लड़ा हो और जिसने लड़ा या संघर्ष किया वही ईश्वर की उपाधि के योग्य हुआ जैसे कृष्ण,राम।
हमारे विचार से वे लड़कियां जो पश्चिमी सभ्यता को अपना आदर्श व अस्तित्व मानती हैं, अधिकार और आजादी पर अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझती है उन्हें चाहिए कि किसी मनपसंद युवा को नौकरी पर आजीवन के लिए रख लें जिससे उनकी इच्छाएं भी पूरी होंगी,दहेज व विवाह के झंझटों से मुक्ति, अपने माता-पिता की