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Ravindra 👮S
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Ravindra 👮S
@Ravindershaklya
🧬 सेवा परमो धर्म। जीवन के संघर्षो से अभी एक नया रास्ता ढूंढ रहा हु ...
Haryana Katılım Temmuz 2012
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आस्था और घूमने में फर्क -
* कुछ साल पहले की बात है मैंने एक बार मन ही मन में निश्चय किया था कि मुझे महाकाल के दर्शन करके आने हैं और मैं उज्जैन अवश्य जाऊंगा तो मैंने दिल्ली से बस पकड़ कर उज्जैन के लिए निकल गया.
- उज्जैन महाकाल पहुंच कर मैने एक कमरा किराए पर लिया क्योंकि में अकेला गया था तो नहाने और कपड़ों को रखने के लिए जगह चाहिए थी।
- में नहा धोकर महाकाल के दर्शन पैदल ही निकल गया वहां से तकरीबन तीन किलोमीटर आगे जाकर मंदिर मिला रास्ते में और दो तीन छोटे मंदिर दिखाई दिए उनमें से एक हनुमान मंदिर था , मैने वहां रुकने की जगह मन में बोला कि इसके दर्शन में वापसी में आते टाइम कर लूंगा और आगे बढ़ गया।
- मंदिर जाकर मैने प्रसाद लिया और अंदर जाकर दर्शन किये , फिर मैने भस्म आरती की टिकट के लिए पूछा तो बताया गया वो सुबह ही मिलेगी, और दर्शन के बाद वापस ऑटो से आने लगा और में किसी दूसरे रस्ते से होटल पहुंच गया।
- में रूम में पहुंच कर आराम करने लगा तभी किसी ने मुझे बताया कि यहां से तकरीबन डेढ़ सो किलोमीटर दूर ओंकारेश्वर महाकाल का मंदिर है जो कि एक ज्योतिर्लिंग है तो मुझे उसके लिए बस का इंतजार करना होगा मेरे वापस कमरे पर आ गया।
- अब मुझे पता नहीं क्या हुआ कि में घर वापसी के लिए ट्रेन ढूंढने लगा तो पता लगा दो दिन से ट्रेन कैंसिल हो रही है तो मैने घबराहट में बस की बुकिंग देखी तो जो बस आते टाइम पंद्रह सो में थी वो अब तीन हजार के ऊपर की हो गई थी।
- मैने जल्दबाजी में दो हजार रूपये की बस बुक कर दी और शाम की टिकट मिली।
:- मुझे एकदम से हुए इस मानष्कि बदलाव का कारण समझ नहीं आया।
कई बार सोचता हु तो मुझे वो हनुमान मंदिर याद आता है जिसके दर्शन के लिए मैने मन में बोला था लेकिन नहीं जा पाया तो भगवान ने मेरी वो यात्रा ही अधूरी छुड़वा दी कि ओमकारेश्वर के दर्शन के लिए जब दुबारा आओगे तो उस हनुमान मंदिर में जरूर आना पड़ेगा जिसकी मन में ही इच्छा जाहिर की थी।
:-- क्या आपके साथ ऐसा कभी हुआ है ?
- - क्या ये मैने जल्दबाजी में वापसी का निर्णय लिया इसीलिए हुआ या भगवान ने ही ऐसा समीकरण बनाया कि मुझे दुबारा महाकाल जाना ही पड़ेगा?
- या ओंकारेश्वर के दर्शन बग़ैर महाकाल की इच्छा के संभव नहीं ?

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सरकारी नौकरी का रास्ता अब मोदी जी के x हैंडल से हो कर जाता है।
सरकारी नौकरी चाहिए तो अब मोदी जी के हर पोस्ट और कमेंट पर ध्यान रखना होगा।
BPSC के एग्जाम में 24 मार्च को किए गए मोदी जी के एक ट्वीट का सवाल पूछा गया है।
अब ये लेवल रह गया है हमारे देश की शिक्षा प्रणाली का।
सोनम वांगचुक जी सिर्फ धमेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं जबकि जरूरत है हमें पूरा सिस्टम साफ करने की।
मोदी जी को फॉलो किया है नहीं...?
आप लोग मोदी जी के हर ट्वीट पर ध्यान देते हैं या नहीं?

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@ChanakyaSpeaksX @LegalAdvisour हमारे घर के पास आया था मैने तो विरोध स्वरूप बाहर जाकर भी नहीं देखा
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@LegalAdvisour बघीरा भाई पंजाब नहीं आज हरियाणा के जींद में दिखाई है झंडी इन्होंने।
बाकी अब इनका थोड़े दिन पंजाब की तरफ ही रुझान रहेगा।
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इधर सोनम वांगचुक जंतर मंतर पर भूखे रह कर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे है
उधर प्रधानमंत्री मोदी आज ट्रेन को हरी झंडी दिखाने पंजाब जा रहे है
इससे पता चलता है की सरकार को घंटा फर्क नहीं पड़ रहा जंतर मंतर पर क्या चल रहा है
अब सोनम वांगचुक जितना जल्दी अनशन खत्म कर दे उतना अच्छा,
वरना भाजपाई उन्हें चाइनीज एजेंट घोषित करने मे क़ोई कसर नहीं छोड़ रहे है

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@ShikshaNewsRaj1 नियम क्यों पता करना बस रील बनाकर वायरल करवा देते है
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@ShikshaNewsRaj1 घुमा फिरा कर ऐसा काम कर देंगे जो आधे से ज्यादा को पसंद नहीं आयेगा
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मैने सोफे के लिए ये वाले गद्दी ली है अब इसपे ये इस कपड़े के कवर बनवाना सही है या रेडीमेड मार्केट से ले लु ?
- क्योंकि रेडीमेड इसकी आधी कीमत में है लेकिन कुशन का साइज या तो बहुत कम होगा या बहुत ज्यादा.
- दूसरा ये कि जो कपड़ा और साइज में सोफे के लिए बताऊंगा उसी में बन जाएगा लेकिन कीमत डबल.
आपकी क्या सलाह है ?




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@premkumarcbn01 @Wangchuk66 आपकी बात सही है बाहरी और बहरी सरकार है ये
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भूखे भजन न होय गोपाला, ले-ले अपनी कंठी माला .
प्रिय @Wangchuk66 जी 🙏
माना कि आप देश के बच्चों के लिए खुद को खतरे में डाल रहे हैं, लेकिन देश के लोग इस लायक नहीं हैं कि आप अपनी जान इनके लिए खतरे में डालें !
2014 से पहले भूख हड़ताल करते तो आपकी आवाज सरकार तक जरूर पहुंच जाती , लेकिन ये सरकार आँखो पर पट्टी बांध कर सो रही हैं !
अगर आपको विरोध करना है तो भरपेट खा कर पूरी ताकत के साथ इनसे मुकाबला कीजिए , कोई भी लड़ाई भूखे पेट नहीं लड़ी जाती हैं , तब तो और नहीं जब सत्ता में तानाशाह बैठे हो !
18 दिन से आप भूख हड़ताल पर हैं , लेकिन सरकार ने अभी तक एक बयान भी जारी नहीं किया , आगे भी कोई उम्मीद नहीं हैं !
आपकी जान इन दोगले नेताओं से कही ज्यादा कीमती हैं, इनके निकम्मेपन की वजह से आपको अपनी जान खतरे में डालने की आवश्यकता नहीं हैं !
भूख हड़ताल खत्म करके दोगुनी ऊर्जा के साथ प्रधानमंत्री आवास के बाहर अनिश्चितकाल तक धरना प्रदर्शन शुरू कीजिए ,
धर्मेंद्र प्रधान की इतनी क्षमता नहीं हैं कि अपनी मर्जी से इस्तीफा भी दे सकें , जब तक ऊपर से आदेश नहीं आता वो कुछ नहीं कर सकता ,
इसलिए उनकी जगह सीधे प्रधानमंत्री से सवाल किया जाना चाहिए !


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आज एक बहुत बहुत गरीब लड़के की कहानी सुनाता हूँ.....
गांव में एक गरीब था, घर में सिर्फ तीन एसी थे, सिर्फ 2 पुरानी मर्सिडीज़ गाड़ी थी।
कभी बॉडी को चुस्ट रखने के लिए भारी डम्बल लिफ्टिंग के उत्पाद थे, तो कभी गणतंत्र पर दौड़ लगाई गई थी।
वह पूरे गांव में घूम-घूम कर अपनी गरीबी का प्रचार करता था और फिर वायरल हो कर कुछ पैसे कमा कर फिर एक गाड़ी ले लेता था...

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@Imdineshpurohit बात ये है कोई इस बुड़बक को समझाओ तुम्हारे चक्कर में ही निपटेगी ये पार्टी
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@premkumarcbn01 ये बात तो सच है पैसे अपना रास्ता बना लिया था इसने बंद किया है
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वड़ा पाव गर्ल चंद्रिका दीक्षित ने एक पॉडकास्ट में बताया कि , मैं अपने पति के लिए बहुत लॉयल हूं ,
आज भी उसके घर में रहती हूं, उसके बच्चे की मां हूं !
अभी कुछ दिनों पहले कहा था कि बच्चे पालने के लिए किसी के साथ सो भी सकती हूं , जिसके बाद काफी विवाद हुआ था !
ये महिला बकवास करना छोड़ के अपना Vada Paw बेचती तो आज इसका धंधा काफी अच्छा चल गया होता ,
लेकिन पति और बॉयफ्रेंड के चक्कर में अपना रेस्टोरेंट तक का नाश करवा लिया , अब फिर से ठेला लगाने की नौबत आ गई हैं !


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@menirbhay93 बात सही है सिर्फ फॉलोअर को ही पोस्ट दिखेगी तो छोटे अकाउंट तो कुएँ के मेंढक बन जाएंगे
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