पवन चौबे

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@Real_pawan1

#राष्ट्रवादी , #चिंतक , #आस्तिक सच को सच और गलत को गलत कहने का साहस , प्रभाव और दबाव से बेफिक्र ,,#राष्ट्रीय_प्रवक्ता ,#राष्ट्रीय #हिंदू #महासभा

Bahraich, India Katılım Kasım 2019
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पवन चौबे
पवन चौबे@Real_pawan1·
@myogiadityanath मेरे परम मित्र रवि मोहव रवि की #बुलडोजर_बाबा पर एक और जबरदस्त #जोगीरा ,,, "गुंडे कापे #माफिया कापै काप रहे #मुख्तार" @RAVI___SHUKLA
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𝙼𝚛 𝚃𝚢𝚊𝚐𝚒
केवल राजपूतों की पार्टी बनाने से काम नहीं चलेगा, सवर्णों का एक बड़ा संगठन बनाना पड़ेगा। BJP को लगता है कि सवर्णों के पास विकल्प ही क्या है। ओमप्रकाश राजभर या ऐसे ही अन्य नेताओं के साथ गठजोड़ बनाना पड़ेगा, जो दलित राजनीति के विरोध में हों। पिछड़ी जातियों के कई अन्य संगठनों को भी साथ लिया जा सकता है। पूरे हिंदुस्तान में कोई जाति इतनी प्रभावशाली नहीं है कि वह अकेले दम पर एक विधायक भी जिता सके। सबने कहीं न कहीं कोई न कोई समझौता किया हुआ है। अब लड़ाई उनके बीच है जो राम और कृष्ण को मानते हैं और जो उन्हें नहीं मानते। @b_bhushansharan
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Rajput's Of INDIA
Rajput's Of INDIA@rajput_of_india·
SC ST एक्ट में पहले जांच फिर कार्यवाही :सुप्रीम कोर्ट नहीं पहले गिरफ्तारी फिर जांचः- @narendramodi नीट(MBBS) में आरक्षण नहीं :- पूर्व सरकारें नहीं नीट(MBBS) में आरक्षण ः- @narendramodi नीट (PG) में scSt कट ऑफ 235:- पूर्व सरकारें नहीं नीट(PG) में ScSt कट ऑफ़ -40 :- @narendramodi भक्तो को यही नतीजा मिला भाजपा को वोट देने के बाद
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Akhilesh Yadav
Akhilesh Yadav@yadavakhilesh·
हम 2027 में सरकार में आएंगे और परशुराम जयंती की छुट्टी फिर से बहाल करेंगे। यही है परशुराम जयंती पर हमारा संकल्प!
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पवन चौबे
पवन चौबे@Real_pawan1·
@MrMishra महिला है जाहिल नहीं उन्हें सब पता है कि मोदी यूजीसी मुद्दे के बाद , एक से एक मास्टर स्ट्रोक चला रहे है और सब सेल्फ गोल हो जा रहा है
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Mr. Mishra
Mr. Mishra@MrMishra·
राजनीति में कुछ भी संयोग से नहीं होता। यदि कुछ होता है, तो आप शर्त लगा सकते हैं कि उसे बिल्कुल उसी तरह होने की योजना बनाई गई थी। उक्त कथन अमेरिकी फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट का है। महिला आरक्षण बिल लोकसभा में गिर गया और उसे दो तिहाई बहुमत नहीं मिला, लेकिन क्यों? प्योर राजनीतिक स्टंट है। सोचा-समझा दांव है। मोदी सरकार ने बिल को स्टैंडिंग कमेटी में भी नहीं भेजा, जबकि ऐसा किया जा सकता था। हालांकि स्टैंडिंग कमेटी में संविधान संशोधन बिल भेजना अनिवार्य नहीं है। लोकसभा चुनाव में विपक्ष ने मॉक्ड वीडियो से भ्रम फैलाया था। कि 400 पार के बाद संविधान खत्म कर देगी। इससे बीजेपी को नुक़सान हुआ और बहुमत से दूर रह गई। प्रधानमंत्री मोदी और शाह ने नारी बंदन बिल सदन के पटल पर लाए और गिर गया। अब बीजेपी महिलाओं के बीच इस मुद्दे को उठाएगी। इसका क्या इंपैक्ट होगा और क्या लाभ-हानि बैठेगा। भविष्य बतलाएगा। राजनेता है तो राजनीति ही करेगा। इसमें आश्चर्य वाली बात क्या हुई।
Mr. Mishra tweet media
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Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
लगता नहीं है कि एक बार में आशीर्वाद दे रहे होंगे। पिछले दो महीने में ये बहत्तर बार आशीर्वाद लेने चला गए हैं। नहीं देना चाह रहे हैं बाबा आशीर्वाद, छोड़ दो कुलद्रोही दूबे! और @narendramodi जी, सामान्य व्यक्ति बाबाधाम में गर्भगृह के बाहर पाइप में जल अर्पण करने में भी कठिनाई का अनुभव करते हैं, ये आपके सांसद छींक आने पर भी प्रोटोकॉल के साथ कैसे घूम आते हैं?
Dr Nishikant Dubey@nishikant_dubey

देवघर में बाबा बैद्यनाथ जी का आशीर्वाद लिया.

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Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
हे मूर्ख निशिकांत दूबे! जब तकनीक का ज्ञान न हो तो वमन मत किया करो। ‘कम्यूनिटी नोट’ @X स्वयं नहीं लगाता, जैसे कि हैंडल से पोस्ट X स्वयं नहीं करता। कम्यूनिटी नोट यूजर जेनेरेटेड होते हैं, प्लेटफॉर्म जेनेरेटेड नहीं। @narendramodi जी, क्यों बार-बार इन मूर्खों के चक्कर में सरकार और देश की भद्द पिटवाने पर तुले हुए हो? आधारभूत सूचना और समझ तो होनी चाहिए आपकी संसदीय समितियों में कि चीजें कैसे कार्य करती हैं! और यह तो स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि आपके नेताओं के हर दिन के दोगलेपन को कम्यूनिटी नोट से एक्सपोज किया जा रहा है, आपका उस पर नियंत्रण नहीं है, आप इरिटेट हो रहे हैं, तो ऐसे मूर्खतापूर्ण निर्णय कर रहे हैं। ढंग के लोगों को सांसद बनाइए। चाटने वालों के चक्कर में रहेंगे अंतरराष्ट्रीय अपमान झेलना पड़ेगा।
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खुरपेंच
खुरपेंच@khurpenchh·
देशहित और जनहित में किए काम की वजह से हमारे ऊपर आज FIR हुई , आप सब जो मुझे पर्सनली नहीं जानते, सबने आज मेरा बहुत साथ दिया , मुझे कई लोगों के मैसेजेस आए , कई लोगों ने फंड देने की बात कही , कई वकील भाइयों और बहनों ने लीगल हेल्प करने के बात कही , आप सभी लोगों का हृदय की गहराई से बहुत बहुत धन्यवाद , आज मुझे ऐसा महसूस हुआ कि हमने आप लोगों को कमाया है , हमें किसी प्रकार के फंड की जरूरत नहीं है, जो काम हम कर रहे हैं वो कोई भी एक मोबाइल और इंटरनेट कनेक्शन से कर सकता है, हमारी FSSAI और उनके अधिकारियों से कहना चाहते हैं कि हम किसी भी प्रकार की कानूनी कार्यवाही के लिए तैयार हैं , आप लोगों ने पिछले कई वर्षों में इतनी गलतियां की हैं ,आज देश में बढ़ते कैंसर , डायबिटीज, हार्ट अटैक जैसी बीमारियों के लिए आप लोग जिम्मेदार हैं , आप लोगों ने FIR में ये कहीं नहीं लिखा कि आरोप गलत हैं, आप लोगों को चिंता इस बात की है कि डॉक्यूमेंट्स कैसे लीक हो गए , अगर आप लोगों में दम है तो पब्लिक के सामने आकर बताइए कि आरोप गलत हैं, वरना अगले कुछ दिनों में हम स्टेट फूड डिपार्टमेंट और FSSAI की पोल खोलते रहेंगे और मुकदमा लड़ते रहेंगे।जय हिंद जय भारत । BEST OF LUCK FSSAI
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Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
जब सत्ता वैसे नागरिकों को हंट करने लगे, जो उनकी कमियों को उजागर करते हों; जो उनकी त्रुटिपूर्ण नीतियों की आलोचना करते हों; जो संवैधानिक दायरे में रह कर विरोध करते हों; जो लिखने-बोलने पर अंकुश लगाने लगे… तब समझिए कि उन्होंने वह रास्ता चुन लिया है जिसका आरोप वह दूसरों पर लगाते रहे हैं। @khurpenchh या अन्य हैंडलों पर FSSAI के भ्रष्टाचार को सार्वजनिक करने पर जो FIR हुई है, वह बताती है कि सत्ता/प्रशासन सुधार की जगह इसे ढकने में विश्वास रखती है। @BJP4India के @narendramodi जी, जब पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर गिरने/बहने लगें, जब IAS/IPS जाली सर्टिफिकेट लगा कर नौकरी पानें लगें, जब सरकारी कर्मचारी नियमों की अनदेखी कर चुने जाने लगें, और आपकी पुलिस उन्हें ही पकड़ने लगे जो ये एक्सपोज करते हैं, तो स्वयं को पार्टी विद अ डिफरेंस कहना बंद कर दीजिए। मैं खुरपेंच समेत, हर उस व्यक्ति के साथ हूँ जो सरकारी भ्रष्टाचार को सार्वजनिक करने में लगा हुआ है।
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Dr. Shalabh Mani Tripathi
Dr. Shalabh Mani Tripathi@shalabhmani·
Dr. Shalabh Mani Tripathi tweet mediaDr. Shalabh Mani Tripathi tweet mediaDr. Shalabh Mani Tripathi tweet media
Akhilesh Yadav@yadavakhilesh

देवरिया और गोरखपुर हैं ही कितनी दूर। भाजपाई नक़ली नोट तो देश के अंदर चला रहे हैं और असली नोट देश के बाहर ले जा रहे हैं। नक़ली नोट चलानेवालों की तस्वीरें, भाजपा के विधायक के साथ सड़क से लेकर उनके अपने कार्यालयों तक में सबूत के तौर पर मिल चुकी हैं, तो फिर उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने में देरी किस बात की? शायद माननीय जी का शासन-प्रशासन इस बात से घबरा रहा है कि ‘बाटी-चोखा बैठक’ में शामिल लोगों के विरुध्द कार्रवाई करने से कहीं ‘हाता नहीं भाता’ वाला मामला और न गरमा जाए या फिर इस गोरखधंधे में सबकी हिस्सेदारी है, देवरिया और गोरखपुर हैं ही कितनी दूर। थोड़े कहे को, ज़्यादा समझिएगा!

ZXX
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Dr. Shalabh Mani Tripathi
Dr. Shalabh Mani Tripathi@shalabhmani·
लाल टोपी की आड़ में जाली नोट का कारोबार कराना और फिर योजनाबद्ध तरीक़े से मेरे जनता दर्शन में समाजवादी पार्टी से जुड़े गुनाहगारों को भेज कर तस्वीरें खिंचवाना, ये साजिश काम नहीं आई, गुनाहगार धरे गए, साजिश का भंडाफोड़ हुआ, वैसे इन साज़िशों से घबराने वाला नहीं, ना तो जनता की सेवा छोड़ूँगा, ना जनता दर्शन, रही समाजवादियों की असलियत, तो तस्वीरें सारी गवाही दे रही। सत्यमेव जयते !!
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Dr. Shalabh Mani Tripathi
Dr. Shalabh Mani Tripathi@shalabhmani·
गुनाहगार की गवाही, हूँ सपाई, खाँटी सपाई !!
Akhilesh Yadav@yadavakhilesh

देवरिया और गोरखपुर हैं ही कितनी दूर। भाजपाई नक़ली नोट तो देश के अंदर चला रहे हैं और असली नोट देश के बाहर ले जा रहे हैं। नक़ली नोट चलानेवालों की तस्वीरें, भाजपा के विधायक के साथ सड़क से लेकर उनके अपने कार्यालयों तक में सबूत के तौर पर मिल चुकी हैं, तो फिर उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने में देरी किस बात की? शायद माननीय जी का शासन-प्रशासन इस बात से घबरा रहा है कि ‘बाटी-चोखा बैठक’ में शामिल लोगों के विरुध्द कार्रवाई करने से कहीं ‘हाता नहीं भाता’ वाला मामला और न गरमा जाए या फिर इस गोरखधंधे में सबकी हिस्सेदारी है, देवरिया और गोरखपुर हैं ही कितनी दूर। थोड़े कहे को, ज़्यादा समझिएगा!

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पवन चौबे
पवन चौबे@Real_pawan1·
@shalabhmani शलभमणि त्रिपाठी उत्तर प्रदेश के इकलौते विधायक है जो सोशल मीडिया पर मदद मांगने पर बिना जात धर्म पार्टी और क्षेत्र देखे पूरी तरह से मदद करते है ,, दो दो बार मुझे जरूरत पड़ी और मदद मांगने पर तुरंत मदद मिली। , नमन है आपको और आपकी कार्यशैली को 🙏🙏
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Dr. Shalabh Mani Tripathi
Dr. Shalabh Mani Tripathi@shalabhmani·
अखिलेश जी, क्योंकि आप मुझसे पूछताछ करवाना चाहते हैं, इसलिए आपको उत्तर दे रहा हूं। मैं विधायक हूँ। मुझसे मिलने सपाई भी आते हैं, बसपाई भी, अपनी तस्वीरें भी खिंचवाते हैं, जनप्रतिनिधि के तौर पर बिना भेदभाव सबको सुनता भी हूं। अब हमें क्या पता कि कौन सा सपाई अपने नेताओं से प्रेरणा लेकर यहां देवरिया में भी लूट का ATM खोलकर बैठा है। इस आरोपी की और भी तस्वीरें हैं जो चीख-चीख कर रही हैं कि समाजवादी पार्टी की सच्चाई क्या है। रही बात जांच की, तो निश्चिंत रहिए, यहां अब योगी जी की सरकार है। नकली नोट के ATM का पूरा पर्दाफाश होगा...बहुत जल्द होगा। आप तब तक ऐसे ही इस मुद्दे को जिंदा रखिएगा, बाकी जाली नोट आरोपी के सोशल मीडिया पर पड़ा ताज़ा बयान भी सुन लीजियेगा
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पवन चौबे
पवन चौबे@Real_pawan1·
@shalabhmani शलभमणि त्रिपाठी उत्तर प्रदेश के इकलौते विधायक है जो सोशल मीडिया के द्वारा मदद मांगने पर बिना जात धर्म पार्टी और क्षेत्र देख कर तुरंत मदद करते है ,,
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Janardan Mishra
Janardan Mishra@janardanspeaks·
#हस्तक्षेप भाजपा का कट्टर सपोर्टर अब #शांत और #तटस्थ हो गया है ना वह #विरोध कर रहा है और ना ही #सपोर्ट कर रहा है!वरिष्ठ पत्रकार और आपका अखबार नामक युट्युब चैनल चलाने वाले प्रदीप सिंह जी ने इसे भाजपा के लिए खतरे का संकेत बताया था! उन्होंने कहा की #ugc और #दलित व #मुस्लिम तुष्टिकरण व कमजोर मुख्यमंत्री बैठाकर दिल्ली से राज्य सरकारे चलाने के विरोध में जब तक भाजपा का कोर वोटर और सपोर्टर विरोध कर रहा है तब तक हालात फिर भी भाजपा के पक्ष में है! क्योंकि की यह विरोध करके भी वोट भाजपा को देगा... लेकिन अगर यह वोटर शांत हो गया तो समझो उसने निर्णय ले लिया है, और यह स्थिति भाजपा के लिए अच्छी नहीं होगी, संघ और मोदी ने मिलकर जो आंबेडकर का जरूरत से ज्यादा महिमामंडन किया है, अब यही चुनाव के नतीजों को प्रभावित करेगें... अगर गलती से भी काग्रेस सत्ता में आ गई तो हिंदूओं का तो जो होगा सो होगा, मोदी-शाह के साथ बहुत बुरा करेगी काग्रेस ये तय है..
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डॉ उदिता त्यागी
मैं तो हमेशा से प्रभु हनुमान जी की भक्त हूँ मेरे भाई हम सबने मोदी जी में नए राष्ट्र और हिंदुत्व की छवि देखी अब इस के लिए क्या यूजीसी में अपने बच्चे कॉलेजों में बलि चढ़ा दें या दो कौड़ी के सड़कछापों से अपनी लड़कियों को r@pe करने की छूट दे दें या इनके प्रिय शोषित वंचितों को अपनी बेटियां दे दें भाई बात तो ढंग की किया करो हम तो आज भी इनकी हर अच्छी नीति के साथ हैं पर समानता के नाम पर अपने बच्चों के गले कटवा दूँ इतनी बड़ी भक्त नहीं हूँ मैं आपकी तरह🤣🤣🤣
Hardik Bhavsar@Bitt2DA

आप तो मोदी जी के मेरे से भी बड़े अंधभक्त निकले 😭😭

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𝙼𝚛 𝚃𝚢𝚊𝚐𝚒
2014 से मोदी जी को सवर्णों का "अशर्त समर्थन" मिला। मोदी जी को कोई कुछ लिखता या बोलता, तो लाखों लोग वामपंथियों और अंबेडकरवादियों की गालियां खाकर भी उसे काउंटर करने लग जाते थे। अब वह काउंटर नहीं मिल रहा है, वरना मधु किश्वर को कभी का उनकी औकात बता दी गई होती। मोदी जी ने दूसरे का रुपया पाने के लिए अपने हाथ की अठन्नी भी खो दी।
Sangit Kumar Ragi@RagiSangit

राजनैतिक आलोचना की बात तो समझ में आती है लेकिन जिस प्रकार से कुछ लोग प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ मर्यादाहीन घृणित आरोप लगा कर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं वह निम्नता की पराकाष्ठा है । 2014 के बाद वर्षों तक आप उनका गुणगान करते फिर रहे थे । किताबें लिख रहे थे । कोई उनके तारीफ़ में पूल बाँध रहे थे । कुछ नहीं मिला तो मर्यादा के सारी सीमाएँ तोड़ इस स्तर पर उतर आए हैं । कोई नहीं बोल रहा है तो इसलिए की कीचड़ में सने व्यक्ति से चुनौती को मान भीड़ जाए तो अपना शरीरभी गंदा होता है । वैसे आरोप लगाने वालों के बारे में भी लोग जानते है कि वो पहले क्या थे ?

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Mr. Mishra
Mr. Mishra@MrMishra·
खामोशी में बड़ी कूटनीति भारत हर कमरे में मौजूद जब दुनिया एयरस्ट्राइक और जंग की तैयारी में लगी है, तब भारत बातचीत की मेज़ सजा रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर लगातार अलग-अलग देशों से बात कर रहे हैं, लेकिन बिना शोर-शराबे के, बिल्कुल शांत अंदाज़ में। 23 मार्च को उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से लंबी फोन बातचीत की। उसी दिन दिल्ली में खाड़ी देशों सऊदी अरब, UAE, बहरीन, ओमान, कुवैत और कतर के राजदूतों को एक साथ बैठाकर चर्चा की। यहीं बात खत्म नहीं हुई...... उसी दिन भारत-रूस सम्मेलन को भी वर्चुअली संबोधित किया गया। अगले दिन ईरान के राजदूत से मुलाकात और फिर पेंटागन के टॉप अधिकारी एल्ब्रिज कोल्बी के साथ भू-राजनीति पर सीधी बातचीत हुई। तीन दिन में जंग के लगभग हर पक्ष से संवाद। लेकिन कोई बड़ी हेडलाइन नहीं। यही भारत की नई रणनीति है, कम बोलो, ज़्यादा असर छोड़ो। चुपचाप रिश्ते बनाओ और सही समय पर leverage हासिल करो। आज हर देश चाहता है कि भारत बातचीत के कमरे में रहे। किसी को बाजार चाहिए, किसी को भरोसेमंद साझेदार, किसी को बैक-चैनल। भारत अब सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि गेम-चेंजर बन चुका है... जय हिन्द..... 🇮🇳
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Mr. Mishra
Mr. Mishra@MrMishra·
अमेरिका पिछले 100 सालों से सुपरपावर कैसे है❓ उसको चुनौती देने वाले हर देश को उन्होंने तोड दिया है, बर्बाद कर दिया। जापान ने चुनौती दी, तो खतम कर दिया। USSR ने चुनौती दी, तो 17 टुकड़े कर दिए। इराक ने सर उठाया, तो बरबाद कर दिया। आजकल चाईना की बारी है... पिछले 100 सालों से दुनिया के टॉप-10 उद्योगपतियों में अमेरिका के उद्योगपतियों का दबदबा रहा है। टॉप 10 में से 8, 9 सिर्फ अमेरिकी उद्योगपति ही होते हैं, दूर दूर तक कोई नहीं। चीन के "जेक मा" ने तीसरा स्थान हासिल किया, तो उनके खिलाफ "लॉबिंग" शुरु हुई और उनको भागना पडा। अमेरिका की ताकत उनका उद्योग है। वो टेक्नोलॉजी और बिजनेस के दम पर पूरी दुनिया को अपने काबू में रखता है। अगर कोई भी देश अथवा उद्योगपति उनको टक्कर या चुनौती देगा, तो वो अरबों रुपये खर्च करके उनको बर्बाद कर देगा। पिछले पांच सालों मे भारतीय उद्योगपति "अडानी " उंची उडान भर रहाँ था। पिछले साल वो दुनिया का दूसरा सबसे बडा उद्योगपति बन चुका था। अगर यही रफ्तार रहती तो 2024 में दुनिया का सबसे बडा उद्योगपति बन जाता। इसलिए दुनिया भारत की तरफ देखती। भारत "मेक इन इन्डिया" का अभियान चला रहा है। भारत बहुत बडा बाजार है। अगर भारत आनेवाले 20 वर्षो मे आत्मनिर्भर बन जाता है, तो अमेरिका, यूरोप, चीन, अरब वल्ड को भारी नुकसान उठाना पडेगा, डालर $ के मुकाबले भारतीय रुपया मजबूत होता जाएगा। भारत में भी लॉबिंग शुरू हो चुकी है। हर देश मे "पप्पूओं" की कमी नहीं होती। मीडिया को खरीदा जा सकता है.. Utube, Facebook , Google , Twitter ये सारे प्लेटफार्म अमेरिका के है वो जब चाहे किसी के भी खिलाफ अभियान चला सकता है क्योंकि भारत में मूर्खों, पप्पुओं, जयचंदों, गद्दारों की कमी नहीं है। चीन में ये सब आसान नही है, वहाँ लोकतंत्र नही है, इसलिए वहाँ प्रोपेगंडा, झूठ फैलाना आसान नहीं है। चीन खुद भारत को आगे बढने से रोक रहा है। आने वाले समय में "भारत" के लिए चुनौतियां ज्यादा हैं। अफगानिस्तान में रशिया के खिलाफ "तालिबान" जैसे संगठनों को खड़ा करने मे अमेरिका ने अरबों, खरबों डालर खर्च कीया था। भारत को अस्थिर करना तो और भी आसान है, क्योंकि यहां देशद्रोही ओर गद्दारों की कमी नहीं है। यहां के कुछ नेताओं के बयान देखो वो खुल्लम खुल्ला विदेशी एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। जज बिकते है, मीडिया बिकती है, नेता बिकाऊ है। जब तक भारत की जनता "समझदार" , चालाक नहीं बनती, तब तक भारत "सुपरपावर" नहीं बन सकता। भारत बहुत बड़ा बाजार है कोई भी देश नहीं चाहेगा "भारत आत्मनिर्भर" बने। इसलिए ऐसी बातें करने वाली सरकारों को गिराना होगा। विदेशी ताकतें चाहती हैं कि भारत में "मिक्स (खिचड़ी) सरकार" बने, जिनको हर वक्त सरकार गिरने का डर हो... भ्रष्टाचार वाली सरकार रहेगी तो अपने हिसाब से नीति, नियम और कानून बना सकते हैं। भारत में बिजनेस, जरुरी शर्तो पर व्यापार करना आसान होगा। पिछले दस सालों से भारत में स्थिर और मजबूत सरकार है, तो इनको परेशानी हो रही है। सरकार अपने देश के उद्योगपतियों को मूलभूत सुविधा देकर मजबूत बना रही है, इसलिए इसके पर कतरने पड़ेंगे। कोई भी देश की ताकत होती है उनके "उद्योगपति" जो अपने देश के हुन्नर और चीजो की विदेशों में मार्केटिंग करता है, सरकार का काम है उनके हितों की रक्षा करना। अगर आज हमारे "अडानी, अंबानी, टाटा, महिन्द्रा" दुनिया को चुनौती दे रहे हैं, तो उनकी बरबादी जश्न मनाने वाले अपने देश के ये "गद्दार" क्या विदेशी एजेंट नहीं है..?? इनको पहचानो ये वही "जयचन्द" है। मीडिया तो मजबूर है, बिकाऊ है, वो इन गद्दार ने नेताओं से सवाल नहीं पूछेगी, सच्चाई सामने नहीं लाएगी, लेकिन हम मजबूर नहीं है। देश को जागरूक करने के लिए ये मेसेज प्रेषित करें।🙏🏽
Mr. Mishra tweet media
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