
प्रिय RW,
एक-दूसरे से जलन खत्म किए बिना आगे बढ़ना संभव नहीं है। अगर कोई आगे बढ़ रहा है, तो उसकी टांग खींचने से न उसका भला होगा, न हमारा।
मेरा स्पष्ट मानना है कि आपसी प्रतिस्पर्धा स्वस्थ होनी चाहिए, न कि एक-दूसरे को नीचा दिखाने की दौड़। आज हमारी एकता, एकजुट शक्ति बनने के बजाय कई बार सिर्फ आपसी जलन तक सीमित होकर रह गई है।
समय आ गया है कि हम एक-दूसरे को गिराने के बजाय उठाने का संकल्प लें। क्योंकि मजबूत विचारधारा वही होती है, जहाँ साथ चलने की भावना हो, न कि पीछे खींचने की।
हिन्दी



