1998 में इसी दिन भारत ने जो परमाणु परीक्षण किए थे, उनसे दुनिया को पता चला कि हमारे देश की इच्छाशक्ति कितनी अटल है! 11 मई के टेस्ट के बाद पूरी दुनिया का दबाव भारत पर था, लेकिन हमने दिखाया कि कोई भी ताकत भारत को झुका नहीं सकती।
एवं परस्परापेक्षा शक्तिशक्तिमतोः स्थिता ।
न शिवेन विना शक्तिर्न शक्त्या विना शिवः।।
देश के मान-सम्मान की रक्षा के लिए भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम सभी देशवासियों को गौरवान्वित करता है। मां भारती के लिए मर-मिटने का उनका जज्बा हर किसी को प्रेरित करने वाला है।
स्वधर्ममपि चावेक्ष्य न विकम्पितुमर्हसि |
धर्म्याद्धि युद्धाच्छ्रेयोऽन्यत्क्षत्रियस्य न विद्यते ||