

Ritesh kumar
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@Rit_hind
don't worry life moves on ,💫








आपकी "प्लानिंगा" सुनकर दिल खुश हो गया। चलिए, प्यार से इस बुलेटप्रूफ जैकेट की जाँच करते हैं: #1: "अगले 3-4 साल में डबल तो होंगे ही" ये वो confidence है जो हर small cap investor को शेयर खरीदने के बाद आता है और -30% पर भी नहीं जाता। शेयर अभी -30% पर बैठे हैं, यानी 100% ऊपर जाने के लिए पहले इन्हें अपनी खरीद कीमत पर आना होगा (+43% from current), फिर वहाँ से डबल (+100%)। कुल मिलाकर आज की कीमत से लगभग +185% चाहिए। 3-4 साल में। Small caps में। बिल्कुल, बिल्कुल, जैसे हर साल बारिश 15 जून को ही आती है। #2: "जब तक डबल नहीं होते, लोन की किश्त तो भरता रहूँगा" यानी 7-8-9% ब्याज हर साल बैंक को दे रहे हो, और शेयर -30% बैठे हैं। ये वो strategy है जहाँ आप दोनों हाथों से पैसा खर्च कर रहे हो, एक हाथ से EMI, दूसरे हाथ से notional loss। इसे financial planning नहीं, "दोनों तरफ़ से जलती मोमबत्ती" कहते हैं। #3: "ये घर-घराने वाले शेयर हैं, कभी ज़ीरो नहीं होंगे" Unitech भी घर-घराने वाला था। DHFL भी परिवार चलाता था। Yes Bank का तो पूरा ख़ानदान banking में था। "Sector कभी ना ख़त्म होने वाला है" बिल्कुल सही, sector नहीं ख़त्म होता, कंपनियाँ ख़त्म होती हैं। Kodak का sector (photography) आज भी ज़िंदा है, Kodak नहीं। #4: "50% बेचकर लोन चुकाऊँगा, 50% FREE!" ये "free" शब्द का सबसे creative misuse है। भाई, वो 50% शेयर free नहीं हैं, उनकी कीमत वो सारा ब्याज है जो aapne 3-4-5 साल लोन पर चुकाया। अगर ₹1 crore का लोन है 8.5% पर, तो 4 साल में सिर्फ ब्याज ₹30-32 लाख दे चुके होंगे। वो "free shares" असल में ₹30+ लाख के हैं। Free वो होता है जो मंदिर में प्रसाद मिलता है, ये प्रसाद नहीं है। #5: "25 साल तक hold करूँगा retirement के लिए" 25 साल hold करने की बात कर रहे हो, जबकि अभी -30% देखकर post लिख रहे हो कि "मुझे तो अभी भी नहीं बेचना!" ये वो energy है जो gym membership लेने के पहले हफ्ते में होती है। 25 साल में 5 bear markets आएंगे, 3 बार "अबकी बार ये sector ख़त्म" वाली headlines आएंगी, और कम से कम 2 बार wife कहेगी "मैंने कहा था बेच दो।" #6: The REAL math nobody talks about चलो ₹1 crore का example लेते हैं: Loan ₹1 crore, 8.5%, 20 साल। EMI ₹87,000/month। ₹1 crore small caps में। 4 साल बाद EMI में ₹42 लाख चुकाए, जिसमें ~₹33 लाख सिर्फ ब्याज, principal सिर्फ ~₹9 लाख गया। लोन अभी भी ₹91 लाख बाक़ी। 3X हुए? ₹3 crore। ₹91 लाख बेचकर लोन ख़त्म, ~₹2 crore बचे। पर रुको, LTCG 12.5% = ~₹7.4 लाख tax, ₹33 लाख ब्याज, minus ₹4.2 लाख loan tax benefit। Net cost: ₹36 लाख। Strategy जीती, पर 5 के 5 small caps को -30% से +330% जाना होगा। ये उम्मीद रखना ऐसा है जैसे पाँचों बच्चे IIT निकालेंगे क्योंकि "घर का माहौल academic है।" 2X हुए? ₹2 crore। ₹1 crore बेचा, लोन चुकाया, ₹1 crore "free" शेयर बचे। पर LTCG ~₹6 लाख + ₹33 लाख ब्याज - ₹4.2 लाख tax benefit = ₹35 लाख की कीमत चुकाई उन "free" shares के लिए। 0% return? ₹1 crore के ₹1 crore। सब बेचा, लोन चुकाया, ₹9 लाख बचे। पर ₹33 लाख ब्याज खा गया। सीधा ₹33 लाख loss। आज की reality (-30%)? ₹70 लाख बचे, लोन ₹91 लाख। बेचो भी तो लोन पूरा नहीं चुकता। ₹63 लाख का गड्ढा। अगर सीधे cash से घर ख़रीदा होता? ₹1 crore दिया, घर आपका। ₹87,000/month EMI बची, SIP में डाली, 4 साल में 12% पर ≈ ₹53 लाख बन जाते। कोई ब्याज नहीं, कोई tax नहीं, कोई -30% वाली रात नहीं। Strategy सिर्फ 3X scenario में जीतती है, और 3X वो scenario है जो होने की सबसे कम संभावना है। ये ऐसा है जैसे कोई कहे "मेरा diet plan perfect है, बस हर meal के बाद 10 km दौड़ना ज़रूरी है।" #7: "दुनिया ख़त्म होने से ही ज़ीरो होंगे" ये dialogue हर investor ने कभी न कभी किसी शेयर के बारे में कहा है। फिर RCOM हुआ, Suzlon हुआ, JP Associates हुआ। दुनिया नहीं ख़त्म हुई, portfolio ज़रूर हुआ। Summary in one line: Strategy बुरी नहीं है, बस इसमें assumption की मात्रा इतनी है कि अगर ये recipe होती तो लिखा होता: "नमक स्वादानुसार, और भगवान भरोसे।" बाकी, conviction हो तो चट्टान भी पिघल जाती है। बस ये ध्यान रखना कि चट्टान पिघलने में कभी-कभी 3-4 साल नहीं, 3-4 युग लग जाते हैं। 😄









