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kamal Choudhary Ru
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@Rukamal4
Student Leader at Rajasthan University | Associated with @rlpindiaorg #lawstudent #इंकलाब_जिंदाबाद🇮🇳
Jaipur Katılım Aralık 2019
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राजस्थान सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा 2021 से जुड़े पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए इस संदर्भ में माननीय सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका को खारिज करते हुए एक बार फिर से मेहनतकश अभ्यर्थियों के हित में बड़ा फैसला सुनाया है | आज सुप्रीम कोर्ट ने भी राजस्थान हाईकोर्ट के उस निर्णय पर मुहर लग गई है जिसमें हाईकोर्ट ने इस भर्ती को रद्द करने का निर्णय सुनाया | इस भर्ती प्रक्रिया में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के प्रमाणित हो जाने के बावजूद राजस्थान की सरकार ने इस भर्ती को यथावत रखने के लिए पूरा प्रयास किया और इस पूरे मामले में राजस्थान सरकार का दोगला चेहरा भी सामने आया | राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने इस भर्ती को रद्द करवाने की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन किया था |
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RLP सुप्रीमों व नागौर सांसद श्री हनुमान बेनीवाल जी के कल दिनांक 24/04/2026 के कार्यक्रम-
1- जोधपुर जिले की पीपाड़ तहसील में स्थित खारिया (आनावास) में आयोजित सत्यवादी वीर तेजाजी महाराज के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम - सुबह 10:15 बजे
2- नागौर जिले की रियां बड़ी तहसील में स्थित किरो की ढाणी, रोहिसा में कीर समाज द्वारा आयोजित महादेव जी के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम - दोपहर 12:05 बजे
3- नागौर जिले की रियां बड़ी तहसील के ग्राम - झींटिया में स्थित कंकड़ावा की ढाणी में श्री सांवलराम,श्री रामपाल,श्री रामनिवास,श्री सीताराम,श्री शुभकरण कंकड़ावा के परिवार में स्वर्गीय पुनाराम जी व स्वर्गीय श्रीमती धनी देवी जी की मूर्ति स्थापना का कार्यक्रम - दोपहर 12:35 बजे
@hanumanbeniwal
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रात के दो बजे भी ऐसा क्रेज...❤️
दूसरे नेताओं ने कमाए होंगे पैसे और पद लेकिन हनुमान बेनीवाल ने ये प्यार कमाया है ❤️ @hanumanbeniwal
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लोक सभा में आज संविधान 131 वा संशोधन विधेयक 2026, संघ राज्यक्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक 2026 तथा परिसीमन विधेयक 2026 पर हो रही चर्चा में भाग लेते हुए मैंने यह स्पष्ट किया कि हमारी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी,महिला आरक्षण के पक्ष में है और महिला वर्ग को सम्मान मिले, महिलाओ को उचित राजनैतिक प्रतिनिधित्व मिले यह हमारी विचारधारा भी है | मैंने सदन में कहा कि हम महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन इस तरह के मनमानी वाले और दलित, आदिवासियों और ओबीसी वर्ग तथा कमजोर राजनैतिक प्रतिनिधित्व वाले मुस्लिम समाज को नुकसान पहुंचाने वाले परिसीमन का विरोध करते है, इस विधेयक की चर्चा में मैने संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी का स्मरण करते हुए उनके सिद्धांतों का जिक्र किया वहीं मान्यवर कांशीराम जी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी’ यानी राजनीतिक प्रतिनिधित्व जनसंख्या के आधार पर होना चाहिए | परिसीमन के प्रस्तावों को लेकर देशभर से कई गंभीर चिंताएं सामने आई हैं, असम और जम्मू-कश्मीर में जिस तरह से परिसीमन किया गया है, वह दिखाता है कि इन विधेयकों का असली उद्देश्य और विषय-वस्तु छल-कपट से भरी है, और इनका प्रभाव बेहद व्यापक और नुकसानदेह है । संविधान संशोधन कोई साधारण विधायी प्रक्रिया नहीं होती। यह देश की मूल भावना, संविधान निर्माताओं के विज़न और जनता के विश्वास को प्रभावित करती है। लेकिन आज जो 131वां संशोधन विधेयक लाया गया है, उसमें कई ऐसे प्रावधान हैं जिनसे यह आशंका पैदा हो रही है कि सामाजिक न्याय की नींव,विशेषकर ओबीसी, एससी और एसटी वर्गों के अधिकार कमज़ोर किए जा सकते हैं,मैंने यह भी कहा कि लोकतंत्र केवल बहुमत का नाम नहीं है, यह सहमति, संवेदनशीलता और संतुलन का नाम है,आज देश में यह धारणा बन रही है कि महत्वपूर्ण संवैधानिक बदलाव बिना व्यापक चर्चा और बिना जन- सहमति के किए जा रहे हैं जो बहुत बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि हम विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के नागरिक भी है | मैं यह भी स्पष्ट रूप से कहा कि लोकतंत्र “नंबर गेम” नहीं है ,लोकतंत्र “विश्वास” का नाम है और एनडीए की सरकार के पिछले कुछ वर्षो के कार्यकाल को देखे तो यह सरकार उसी विश्वास को तोड़ने का काम कर रही है,जिस विश्वास के साथ देश की जनता ने उन्हें बहुमत दिया | मैंने सदन में कहा कि भारत में बड़ा हिस्सा ओबीसी की आबादी का , ओबीसी का आरक्षण भी है ,अगर जातिगत जनगणना के बाद सरकार कुछ करती तो सरकार का संदेश सकारात्मक जाता लेकिन सरकार ऐसा नहीं कर रही है | मैने सरकार से यह भी कहा कि चर्चा, संवाद लोकतंत्र का हिस्सा है,मगर न राज्यों से संवाद, न सभी दलों से सहमति,न जनता से राय ,क्या आपका यही वो तरीका है जिसे आप लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा बता रहे हो ? मैंने राजस्थान के संदर्भ में सरकार से प्रश्न पूछते हुए कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान की जनसंख्या 6.85 करोड़ थी,इसलिए राजस्थान में 6.85 करोड़ को 14.20 लाख की जनसंख्या प्रति लोकसभा से विभाजित करने पर 48 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र बनते हैं, परंतु यदि सभी राज्यों में लोकसभा की सीटों की एक समान 50% की बढ़ोतरी होती है तो राजस्थान में केवल 38 सीटें बनती हैं और फार्मूले से राजस्थान में 10 लोकसभा की सीटों का नुकसान होगा इसलिए सरकार जब जवाब दे तो इस विषय पर सरकार की मंशा स्पष्ट करे ताकि राजस्थान की जनता सरकार की मंशा को जान सके |
मैं यह सवाल भी सदन में किये -
1- क्या इन विधेयको को लाने से पहले पर्याप्त पब्लिक कंसल्टेशन क्यों नही लिया गया ?
2-बिल को जल्दबाजी में लाया गया, जिससे सांसदों को अध्ययन का समय नहीं मिला ? आपने ऐसा क्यों किया ?
3-देश की जनता के मन में प्रश्न है की क्या यह बिल संविधान के मूल अधिकारों का उल्लंघन करता है ?
4- कई राज्यों की बड़ी शंका है की सरकार का यह कदम क्या यह संघीय ढांचे को कमजोर करता है ?
5.क्या सरकार दक्षिण भारत और अन्य संतुलित जनसंख्या वाले राज्यों के हितों की रक्षा करेगी ?
6.क्या यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संसद में प्रतिनिधित्व का संतुलन बिगड़े नहीं ?
7.परिसीमन आयोग में Judicial Review की सीमा क्या होगी और इस आयोग के निर्णयों पर संसद की क्या भूमिका होगी ?
आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव है,वहां आचार संहिता भी लगी हुई है ऐसे में चुनावों के मध्य केंद्र सरकार ने यह बिल लाकर स्पष्ट कर दिया कि NDA की सरकार केवल दिखावा करने में भरोसा रखती है |
सरकार को जातिगत जनगणना के बाद विधानसभा व लोक सभा में OBC वर्ग को आरक्षित करते हुए SC,ST की सीटों को बढ़ाती तो सरकार का संदेश सकारात्मक जाता मगर सरकार की मंशा को अब देश की जनता समझ चुकी है |
#RLP #MPNagaur
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हनुमान जी बेनीवाल ने पहले भी बोला था आज सामने आ गया! 🙌
Arvind Chotia@arvindchotia
ऐसा किसी ने सोचा तो नहीं था बता तो रहे थे कि जन्मदिन की शुभकामनाएं देने वालों की भारी भीड़ के मद्देनजर जन्मदिवस समारोह स्थगित किया गया है लेकिन असली कारण ये मीडिया वाले बता रहे हैं। भजनलाल जी संदेश तो तगड़ा देते हैं बस, संदेश प्राॅपर तरीके से पहुंचना चाहिए कोई वहम में नहीं रहे, कोई झांसों में नहीं आए
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चित्तोड़गड़ की धरती पर जिस सूरज माली को न्याय हनुमान बेनीवाल जी ने दिलाया था उनके पिताजी से जुडी ये बात आप सबको सुननी चाहिए....@hanumanbeniwal
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मुझे पत्रकार ने इंटरव्यू में पूछा था कि आपका पसंदीदा नेता कौन है तो मैंने बोला था हनुमान बेनीवाल जी....
पूछा क्यों तो मैंने बोला वो बंदा किसी से डरता नहीं है और जो डरता नहीं है वो मुझे बहुत अच्छा लगता है..- छोटू सिंह रावणा
@hanumanbeniwal
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