>नाम अंशिका वर्मा
>IPS 2021 UP कैडर
>पद SP बरेली दक्षिण
>मैडम ने एक नए सिपाही को सैल्यूट न करने पर 15 दिन की ट्रेनिंग पर वापस भेज दिया,
>हमारे देश में काम से ज्यादा प्रोटोकॉल जरूरी है
>मै डिसिप्लिन के खिलाफ नहीं हूं
>लेकिन सिपाही को पहली बार में एक वार्निंग भी दी जा सकती थी
>सोशल मीडिया पर PR करने और करवाने वाले अधिकारियों से सचेत रहें
>भले मामले हल करने में मैम सख्त न हों लेकिन प्रोटोकॉल को लेकर बहुत सख्त है
>और हमें लगता है कि हम अंग्रेजों से आजाद हो चुके हैं
>गोरे अंग्रेजों से ज्यादा खतरनाक ये भूरे अंग्रेज हैं
>UP DGP से पूछना है जब यही सब अधिकारी लाली लिपस्टिक लगाकर इंस्टा फेसबुक पर चटक रीलें बनाते हैं तब ये IPS सस्पेंड क्यों नहीं होते ?
तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और डीएमके विधायक उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को लेकर एक बार फिर बयान दिया। उन्होंने कहा कि सनातन, जिसने लोगों को बांटने का काम किया, उसे खत्म कर देना चाहिए। इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद और बहस तेज होने की संभावना है।
अपने संबोधन में उन्होंने राजनीतिक शिष्टाचार और सहयोग की भी बात की। उदयनिधि ने कहा कि मुख्यमंत्री को उनके नेता समेत कई नेताओं ने शुभकामनाएं दी थीं और इसी तरह का सौहार्द विधानसभा के भीतर भी दिखना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि सत्ता पक्ष और विपक्ष भले अलग-अलग हों, लेकिन तमिलनाडु के विकास के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए।
#UdhayanidhiStalin#TamilNaduAssembly#DMK#SanatanDharma#ATCard#AajTakSocial
पांच राज्यों के चुनावों में कांग्रेस को केवल एक राज्य में सरकार बनाने का अवसर मिला, लेकिन परिणाम घोषित होने के करीब एक सप्ताह बाद भी पार्टी मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति नहीं बना पाई है।
निर्णय प्रक्रिया में यह धीमापन कहीं न कहीं नेतृत्व और संगठन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।
फिलहाल मुख्यमंत्री पद की दौड़ तीन प्रमुख नेताओं के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है रमेश चेन्निथला, के. सी. वेणुगोपाल और विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन।