सूर्य प्रकाश मिश्र

2.9K posts

सूर्य प्रकाश मिश्र banner
सूर्य प्रकाश मिश्र

सूर्य प्रकाश मिश्र

@SURYAJNP

🚩 परंपरा और आधुनिकता के संतुलन से ही भविष्य मजबूत बनेगा। 🚩

अहमदाबाद गुजरात Katılım Mart 2020
2.5K Takip Edilen3.3K Takipçiler
सूर्य प्रकाश मिश्र retweetledi
Pushpraj sharma
Pushpraj sharma@RealPushprajX·
ऐसे होता है विकास...👇 कुछ भी हो भारत में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा भी पार कर चुका है... रोड पर धूल और गड्ढों के अलावा कुछ नहीं है लेकिन कागजों में रोड बनकर तैयार हो गई है और रोड का उद्घाटन कब हुआ उसका बोर्ड भी लगा है... बोलो भैरो जी महाराज की जय...👇
हिन्दी
86
1.7K
2.9K
27.3K
सूर्य प्रकाश मिश्र retweetledi
सूर्य प्रकाश मिश्र retweetledi
abhishek upadhyay
abhishek upadhyay@upadhyayabhii·
“16 करोड़ पशुओं का मांस बेच दिया! ये व्यक्ति सनातन धर्म का अपराधी है!!” शंकराचार्य का वो भाषण जिसे अख़बारों ने छापकर फिर सेंसर्ड कर दिया!! सनातन के सर्वोच्च शिखर शंकराचार्य वैराग्य के उस मानसरोवर के बीच खड़े हैं, जहाँ न किसी भय की छाया पहुँचती है और न ही किसी प्रलोभन की माया!! इसीलिए वे निर्भीक हैं, अविचलित हैं, अभेद्य हैं, अपराजेय हैं।
हिन्दी
13
277
674
8.3K
सूर्य प्रकाश मिश्र retweetledi
Anuj Agnihotri Swatntra
Anuj Agnihotri Swatntra@swatntra_anuj·
आज-कल मैं यही देख रहा हूं, कि शोषित वंचित कितने खुश हैं।
हिन्दी
1
11
17
1K
सूर्य प्रकाश मिश्र
@BHRGUVANSHIY @sanjaypatijp @mithilajindabad @deepak_mis81084 जय भगवान श्रीहरि परशुरामजी 🚩🕉️🌞🌹📿🐚🙏 जो ब्राह्मण सवर्ण सनातन धर्म संस्कृति सभ्यता संस्कार मानबिंदु आस्था विश्वास के लिए हितार्थ सेवार्थ रक्षनार्थ हों
हिन्दी
1
3
7
56
सूर्य प्रकाश मिश्र
2026 की स्मार्ट खोज Donkey 2.O पेट्रोल और CNG की चिंता छोड़ो! और आराम से पूरी दुनिया घूमो मित्रों।😂 हम इसके खोजकर्ता नीलाण्डु जी को धन्यवाद देते हैं।
सूर्य प्रकाश मिश्र tweet media
हिन्दी
0
1
3
132
Manakdeep Singh Kharaud
Manakdeep Singh Kharaud@Iam_MKharaud·
2026 की स्मार्ट खोज Donkey 2.O पेट्रोल और CNG की चिंता छोड़ो! और आराम से पूरी दुनिया घूमो मित्रों।😂 इसके लिए हम इसके खोजकर्ता श्री @prakashraaj जी को धन्यवाद देते हैं। #MIvsKKR #StartupSingamSeason2 #DmkTRS4Mettupalayam
Manakdeep Singh Kharaud tweet media
हिन्दी
5
12
20
522
सूर्य प्रकाश मिश्र retweetledi
A.k Tiwari advo
A.k Tiwari advo@highcourtadvo·
महिलाओं को राजनीति से दूर रहना चाहिए,,
A.k Tiwari advo tweet media
हिन्दी
65
553
1.3K
34.3K
Pushpraj sharma
Pushpraj sharma@RealPushprajX·
गोरखा मॉडल कॉलेज में कौन कौन चल रहा एडमिशन लेने....😜
हिन्दी
23
28
73
2.3K
सूर्य प्रकाश मिश्र
सनातनी ब्राह्मण चौपाल में प्रतिदिन रात्रि 9 बजे स्पेस में जुड़िए। ब्राह्मण हितार्थ गंभीर चर्चा एवं विचार-विमर्श के लिए सभी सनातनी ब्राह्मण भाइयों का हार्दिक स्वागत है। आइए, अपनी परंपराओं, संस्कृति, धर्म और समसामयिक ब्राह्मण हित के मुद्दों पर खुलकर बात करें। 🕉️ #SanataniBrahmanChoupal #BrahmanHit #BrahminUnity
सूर्य प्रकाश मिश्र tweet media
हिन्दी
1
7
14
294
सूर्य प्रकाश मिश्र retweetledi
Rajiv Pandit 🙏
Rajiv Pandit 🙏@RajeevK98405601·
Rajiv Pandit 🙏 tweet media
ZXX
1
13
19
177
सूर्य प्रकाश मिश्र retweetledi
सूर्य प्रकाश मिश्र retweetledi
सनातनी भक्त
जय परशुराम जी अब ब्राह्मणवाद से आजादी नारा नया फैशन बन गया है। अब ब्राह्मण भी विप्र कल्याण बोर्ड द्वारा इन फर्जी तिलकधारी पापियों से आजादी चाहते हैं। शिखा जनेऊ तिलक कलावा आराध्य देवताओं शास्त्रों ओर सनातनी प्रतीकों के अपमान को दंडनीय अपराध घोषित किया जाए। सनातनी ब्राह्मण चौपाल
सनातनी भक्त tweet mediaसनातनी भक्त tweet media
हिन्दी
1
36
45
476
सूर्य प्रकाश मिश्र retweetledi
(अखंड मनुवादी ब्राह्मण) शालिगराम मिश्र
विवेकानंद ने पश्चिमी (पश्चिमी) विचारों को हिंदू धर्म में घुसा कर असली सनातन मर्यादा को नष्ट किया। १. स्मृतियों की अवहेलना और 'वर्णाश्रम' धर्म का विखंडन सनातन धर्म का आधार 'श्रुति' (वेद) और 'स्मृति' (सामाजिक विधान) का समन्वय है। स्मृतियों में समाज के संचालन के लिए स्पष्ट मर्यादाएं और निषेध हैं। • मर्यादा का उल्लंघन: विवेकानंद ने जाति व्यवस्था को केवल एक 'सामाजिक कुरीति' बताकर उसकी धार्मिक जड़ों पर प्रहार किया। शास्त्रों के अनुसार, प्रत्येक वर्ण के अपने संस्कार और शुचिता के नियम हैं। विवेकानंद ने इन नियमों को "रसोई घर का धर्म" कहकर उपहास उड़ाया, जो कि सदियों से चली आ रही 'वर्णाश्रम' व्यवस्था की शास्त्रीय नींव को कमजोर करने जैसा था। • अधिकारवाद की समाप्ति: वेदों का अध्ययन और दीक्षा 'अधिकार' (पात्रता) पर आधारित थी। विवेकानंद ने बिना किसी शास्त्रीय शुद्धि या संस्कार के 'म्लेच्छों' (विदेशियों) और अपात्रों को वेद-मंत्रों की दीक्षा दी, जिसे परंपरावादी विद्वान 'शास्त्र-मर्यादा का हनन' मानते हैं। २. सन्यास का 'मिशनरी' मॉडल: निवृत्ति बनाम प्रवृत्ति भारतीय मनीषा में सन्यास का अर्थ है 'सर्वसंगपरित्याग'—अर्थात संसार से पूर्ण विरक्ति। सन्यासी का लक्ष्य केवल 'मोक्ष' और 'आत्म-साक्षात्कार' है। • संस्थागत भटकाव: विवेकानंद ने 'रामक्रमष्ण मिशन' के माध्यम से सन्यासियों को समाज-सेवा, अस्पताल प्रबंधन और धन-संग्रह जैसे सांसारिक कार्यों में झोंक दिया। आलोचकों का मानना है कि उन्होंने सन्यासियों को ईसाई मिशनरियों (Christian Missionaries) की प्रतिकृति बना दिया। • साधना का क्षरण: जब एक सन्यासी 'लोक-कल्याण' के नाम पर राजनीति, समाज-सुधार और संस्था चलाने में लग जाता है, तो उसकी एकांत साधना और तपस्या बाधित होती है। यह प्राचीन 'निवृत्ति मार्ग' का अपमान और 'प्रवृत्ति मार्ग' (सांसारिक कर्म) का अनुचित समावेश था। ३. 'नव्य-वेदांत': शास्त्रीय सत्यों का मनमाना सरलीकरण आलोचकों का तर्क है कि विवेकानंद का वेदांत, आदि शंकराचार्य का शुद्ध 'अद्वैत' नहीं, बल्कि एक 'नव्य-वेदांत' (Neo-Vedanta) था, जो पश्चिमी मानवतावाद (Humanism) से प्रेरित था। • 'दरिद्र नारायण' का भ्रामक सिद्धांत: उन्होंने 'दरिद्र' (गरीब) को 'नारायण' (ईश्वर) कहा। शास्त्रीय दृष्टि से नारायण 'ऐश्वर्यशाली' हैं, वे दरिद्र नहीं हो सकते। यह केवल एक भावुक नारा (Emotional Slogan) था, जिसे उन्होंने ईसाइयत के 'Charity' (दान) की अवधारणा को हिंदू धर्म में फिट करने के लिए गढ़ा था। • कर्म का अर्थ परिवर्तन: शास्त्रों में 'कर्म' का अर्थ 'यज्ञ' और 'विहित कर्म' है। विवेकानंद ने इसे बदलकर 'समाज-सेवा' कर दिया। इस प्रकार उन्होंने 'मोक्ष' के मार्ग को 'समाज-सुधार' के मार्ग से बदल दिया, जो कि सनातन धर्म के आध्यात्मिक उद्देश्यों के विरुद्ध है। ४. आहार-शुद्धि और सांस्कृतिक शुचिता का पतन "आहार शुद्धौ सत्व शुद्धिः"—अर्थात जैसा अन्न होगा, वैसी ही बुद्धि होगी। सनातन धर्म में तामसिक भोजन और विशेषकर मांस-भक्षण को आध्यात्मिक पतन का मूल माना गया है। • तामसिकता का समर्थन: विवेकानंद ने शक्ति संचय के नाम पर मांस-भक्षण का समर्थन किया और 'अहिंसा' जैसे सात्विक गुणों को 'कायरता' की संज्ञा दी। यह योग और सांख्य के उन सिद्धांतों का उल्लंघन था जो मांस को बुद्धि के लिए घातक मानते हैं। • विदेशी जीवनशैली का प्रभाव: शिकागो यात्रा के दौरान उन्होंने म्लेच्छों के साथ भोजन किया और उनकी जीवनशैली अपनाई। समुद्र पार करना (समुद्रोल्लंघन) उस समय शास्त्रों में वर्जित था, परंतु उन्होंने इसकी परवाह नहीं की। इसे परंपरावादी विद्वान 'सांस्कृतिक प्रदूषण' और आत्म-सम्मान की बलि मानते हैं। ५. पश्चिमी विज्ञान और धर्म का अस्वाभाविक मेल विवेकानंद पर यह सबसे बड़ा आरोप है कि उन्होंने हिंदू धर्म को पश्चिमी 'विज्ञान' और 'तर्क' की कसौटी पर कसने की कोशिश की। • अपोलोजी (Apology) की मानसिकता: वे पश्चिम के सामने हिंदू धर्म को "वैज्ञानिक" सिद्ध करने के लिए इतने आतुर थे कि उन्होंने धर्म के कई अलौकिक (Supernatural) और रहस्यमयी पक्षों को दबा दिया या उन्हें 'मनोविज्ञान' (Psychology) का नाम दे दिया। • बौद्धिक दासता: धर्म तर्क का नहीं, श्रद्धा और अनुभव का विषय है। धर्म को विज्ञान के अधीन करके उन्होंने सनातन सत्य को पश्चिम की बौद्धिक गुलामी की बेड़ियों में जकड़ दिया। उन्होंने यह सिद्ध करने का प्रयास किया कि "हम भी तुम्हारे जैसे ही आधुनिक हैं", जो कि एक प्रकार की हीन भावना (Inferiority Complex) को दर्शाता है।
हिन्दी
7
37
63
1.1K
सूर्य प्रकाश मिश्र
@BRAHMAN_BR28 अपराध करने के बाद नहीं होती। कही अगर लड़के ने वार का प्रतिकार किया होता तो अब तक जेल में होता। शायद उसपे छेड़छाड़ का केश भी लग गया होता।
हिन्दी
0
0
1
36
ब्राह्मण साहब 🚩🐯
ये वो महिला है जिसने अपनी अकड़ दिखाते हुए बुलेट बाइक तोड़ी थी अब ये माफी मांग रही है कहीं से इस वीडियो को देखने के बाद लगता इसको कोई पछतावा है इसकी माफी मांगने का लहजा बता रहा इसको कोई पछतावा नहीं लेकिन इसे पता है ये महिला है इसपर कोई कठोर कार्रवाई नहीं होगी जबकि इसको जेल भेजना चाहिए था
हिन्दी
16
28
54
837