सा विद्या या विमुक्तये
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सा विद्या या विमुक्तये
@Sanatan_Science
Researcher : Jyotish | Mantra Vigyan | Puran || Herbs || Scientifically Religious✡️⚛️ Sanatani | Music देवभूमि | ब्राह्मणी 🇮🇳 नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे...🚩






Astrology & Remedies ग्रहशांति के लिए औषधि स्नान सूर्य ग्रह📌 काश्मीरयष्टीमधुपद्मकैला, मनः शिलोशीरवसन्तदूतिभिः । सदारुभिः स्यादहिते खरांशौ, निमज्जनं नुः किल कर्मसिद्धयै ।। सूर्य की अनिष्ट-शान्ति के लिये केशर, जेठीमधु, कमलगट्टा, इलायची, मनःशिल, खस, देवदारु और पाटला से स्नान करना चाहिये। ये औषधि स्नान सूर्य की दशा अंतर में तथा सूर्य के कष्टकारी व् पाप भाव में गोचर में अवश्य करें। नित्य सूर्य द्वादशनाम का पाठ भी अत्यंत लाभकारी है।



संतान सुख देने वाला प्रदोष व्रत शनि प्रदोष - कल मदनरत्न में भी वर्णित है कि शनिवार को पढ़ने वाला प्रदोष व्रत संतान सुख की प्राप्ति कराता है। प्रदोषव्रत को अलग अलग दिन में आने से इसका महत्व और अधिक हो जाता है केवल प्रदोष व्रत करके भी ग्रह जनित पीड़ाओं से मुक्ति मिलती है। प्रदोष काल मे शिव परिवार( महादेव, अम्बिका, षडानन, गणपति, नंदी और कीर्तिमुख) का पूजन करें, मिट्टी के अभाव में हल्दी/रोली से बनाकर यथाशक्ति पंच/दश/षोडशोपचार पूजा करें, उसके बाद किसी नदी, तालाब या क्यारी में इनका विसर्जन कर दें। शिवालय में इस दिन 108/32 घी के दीपक लगाए, प्रयास करें मिट्टी के दिये हों अन्यथा आटे से दिए बनाकर, शिवलिंग के समक्ष दिए लगाए, परिक्रमा करें। सौभाग्वती स्त्रियाँ गौरी जी को श्रृंगार चढ़ाकर किसी भी सौभाग्यवती स्त्री (पुजारी परिवार/मान पक्ष) को दे सकती हैं। शनि साढ़ेसाती से प्रभावित व्यक्ति भी कल पूजा करें, शिवालय में शनि ग्रहजनित पीड़ा के निवारण के लिए दीपदान करें, कुंडली में कुपित (अगर योगकारक नही है) शनि के लिए कल शनि ग्रह की कारक सामग्री का दान करें। क्योंकि शनिवार व त्रयोदशी के साथ साथ अनुराधा नक्षत्र भी है।

🔴Astrology & Remedies🔴 सोमवती अमावस्या - कल 30/12/2024 पितृदोष निवारण, सौभाग्यवर्धन, कालसर्प दोष से सम्बंधित उपाय करें कल। सोमवती अमावस्या को सूर्यग्रहण के समान फलदायी कहा गया है, इस दिन किया गया स्नान, दान, जप, तर्पण आदि अनंत गुणा फल देता है। अमावास्या तु सोमेन सप्तमी भानुना सह। चतुर्थी भूमिपुत्रेण सोमपुत्रेण चाष्टमी।। चतस्रस्तिथयो स्त्वेताः सूर्यग्रहण सन्निभाः। स्नानं दानं तथा श्राद्धं सर्वं तत्राक्षयं भवेत्।। सोमवारी अमावस्या, रविवारी सप्तमी, मंगलवारी चतुर्थी एवं बुधवारी अष्टमी तिथीयां सूर्यग्रहण के समान फल देने वाली कही गयी हैं। इन तिथियों में किया गया स्नान, दान, जप, तर्पण आदि अनंत फलदायी कहा गया है। इस दिन पवित्र नदियों और सरोवरों में स्नान करना विशेष शुभ कहा गया है। वे जो पितृदोष से पीड़ित है पीपल 108 परिक्रमा "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र के साथ करें, अर्घ्य व जनेऊ अर्पित करें। वे जो पितृ कर्म के कर्तव्य में बंधे हैं प्रत्येक अमावस्या को अवश्य तर्पण आदि नियमों का पालन करें, कल परम पुण्यकारी सोमवती अमावस्या है आप स्वयं नही कर पा रहें है तो ब्राह्मण को बुलाकर विधि विधान से कर्तव्य का निर्वहन करें। याद रहे देव पूजा भाव प्रधान है पर पितृसत्ता के निमित्त किया जाने वाला कारक नियमपूर्वक व विधि विधान से किया जाना चाहिये। केवल इस कार्य से आप देखेंगे कि आप की बहुत सारी समस्याओं का स्वतः ही समाधान हो जाएगा। समय के साथ साथ अंतर महसूस होगा आपको। सौभाग्वती स्त्रियों के द्वारा तुलसी/पीपल की परिक्रमा कर सौभाग्यकारक शिव-पार्वती पूजा का विधान भी किया जाता है। जिसमे 108 परिक्रमा किन्ही 108 वस्तुओं फल, मेवे, सौभाग्य सामाग्री इत्यादि से पूर्ण कर, पूजा आदि कर, सभी वस्तुएँ सौभाग्यशाली स्त्री/ ब्राह्मणी को दे दी जाती हैं। मैंने आप लोगों से कहा था कि मैं एक ऐसे बहुत ही प्रभावशाली अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र के विषय मे बताऊंगी जिसका एक पाठ, शतरुद्री के तीन पाठों के समान फल देने वाला कहा गया है। यस्त्रिसंध्यं पठेच्छम्भोर्नाम्नामष्टोत्तरं शतम् ॥ शतरुद्रि त्रिरावृत्त्या यत्फलं प्राप्यते नरैः । स्तोत्र बहुत बड़ा है इसलिए यहां लिख पाना संभव नही है, आप स्तोत्र को हमारे blog पर प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही सोमवार व्रत की विशेषताओं और किये जाने वाले चंद्र ग्रह के उपायों पर भी लेख ब्लॉग में पोस्ट किए गए हैं। Blog का link आपको हमारे ट्विटर Bio में मिलेगा। sanatanandsciences.blogspot.com/2023/07/blog-p…

@Sanatan_Science क्या केवल मालपुए और खीर ही दान करना चाहिए ? विद्या दान भी कर सकते हैं? मेरे पास एक पुराना लैपटॉप है ( वर्किंग कंडीशन) उसको मैं ग़रीब आदिवासी बच्चों की पढ़ाई के लिए देना चाह रहा था।





