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#आँखों की #नमी हमेशा
ग़म ही बयान नहीं करती
खुशियाँ भी छलकती हैं अकसर
इन्ही बूदों का रूप लिए
#आंसू
#सरस #वीणा_की_तान #बज़्म #अलंकार #शायरांश #शायरी #Hindi

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Shabd by KASM
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@ShabdBy
Ehsas Bhare Shabdon Ki Udaan.. Aap Tak... Sneh Kalam Se, स्नेहा मिश्रा














#बज़्म_काव्य_मंच में आज 14/12/2025 का दैनिक विषय - स्वतंत्र लेखन कवितायें, कहानियाँ, शेर, ग़ज़ल, गीत, नज़्म कुछ भी लिखा जा सकता है ।। #बज़्म 👈 लगाना अनिवार्य है ।।








